Central Task Force Review 2026: केंद्रीय कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, राजमार्ग, रेलवे और केंद्रीय फंड्स पर कड़े निर्देश

Central Task Force Review 2026 Central Task Force Review 2026

नई दिल्ली/रायपुर, 22 सितम्बर 2026: देश भर में केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को गति देने के लिए केंद्र और राज्यों के मध्य एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक मंथन संपन्न हुआ। भारत के केंद्रीय कैबिनेट सचिव श्री टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से Central Task Force Review 2026 की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजनाओं, अंतर-राज्यीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तथा केंद्रीय टास्क फोर्स से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर बिंदुवार गहन चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने नया रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया और छत्तीसगढ़ में संचालित प्रमुख केंद्रीय परियोजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों (Highways), नई रेलवे लाइनों, पावर ट्रांसमिशन ग्रिड और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स से जुड़ी प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं के मार्ग में आने वाली अड़चनों को दूर करने की रणनीति बनाई गई। कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्रीय योजनाओं के तहत प्राप्त होने वाले फंड्स का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificates – UCs) त्वरित गति से केंद्र सरकार को प्रेषित किए जाएं, ताकि विकास कार्यों में वित्तीय निरंतरता बनी रहे।

केंद्रीय टास्क फोर्स एवं प्राथमिकता क्षेत्र समीक्षा: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
समीक्षा बैठक का नामCentral Task Force Review 2026 (राष्ट्रीय स्तर की वीडियो कॉन्फ्रेंस)
बैठक की अध्यक्षताश्री टी.वी. सोमनाथन (केंद्रीय कैबिनेट सचिव, भारत सरकार)
सहभागी प्रतिनिधिसभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव (CS) तथा केंद्रीय सचिवगण
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्वश्री विकासशील (मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन – महानदी भवन से)
समीक्षित प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चरराष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे लाइन्स, पावर ट्रांसमिशन एवं लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स
मुख्य वित्तीय निर्देशकेंद्रीय फंड्स का समयबद्ध आहरण एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) त्वरित भेजना
प्रशासनिक तंत्रविभागीय स्तर पर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग

ढांचागत परियोजनाओं की गहन समीक्षा: राजमार्ग, रेलवे, बिजली और लॉजिस्टिक्स

Central Task Force Review 2026 की बैठक में देश की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर व्यापक विमर्श हुआ:

  • परिवहन एवं रेलवे नेटवर्क: विभिन्न राज्यों से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और नई रेलवे लाइनों के निर्माण में भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियों (Forest Clearances) और राइट ऑफ वे (RoW) से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया।
  • पावर ट्रांसमिशन एवं ग्रिड कनेक्टिविटी: निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण और सब-स्टेशन प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई।
  • लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर: औद्योगिक उत्पादन और माल ढुलाई की लागत कम करने के लिए लॉजिस्टिक्स हब और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की स्थिति का आकलन किया गया।

केंद्रीय फंड्स का समयबद्ध उपयोग और उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC)

कैबिनेट सचिव ने राज्यों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए:

  • फंड्स का शत-प्रतिशत उपभोग: केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत राज्यों को आवंटित धनराशि अनावश्यक रूप से बैंक खातों में निष्क्रिय (Idle) न रहे, बल्कि निर्धारित परियोजनाओं में समय पर खर्च हो।
  • त्वरित यूसी (UC) प्रेषण: खर्च की गई राशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificates) केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को अविलंब भेजे जाएं, ताकि अगली वित्तीय किस्तों का निर्बाध हस्तांतरण हो सके।
  • विभागीय मॉनिटरिंग: सभी मुख्य सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने राज्यों में विभागीय स्तर पर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की नियमित और साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें।
  • केंद्रीय सचिवों का सीधा संवाद: बैठक में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यों में संचालित विभागीय योजनाओं की प्रगति पर मुख्य सचिवों से बिंदुवार विमर्श किया।

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UPSC/CGPSC Static Facts: कैबिनेट सचिवालय, पीएमजी एवं वित्तीय नियम

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-2 कार्यपालिका व प्रशासनिक संरचना तथा CGPSC Paper-2 लोक प्रशासन) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:

  • कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary of India):
    • स्थिति: भारत सरकार का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी और सिविल सेवा का पदेन प्रमुख (Ex-officio Head)। वे सीधे प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करते हैं।
    • कार्य: कैबिनेट सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख, सिविल सेवा बोर्ड (CSB) का पदेन अध्यक्ष, और केंद्र व राज्य के मुख्य सचिवों के बीच समन्वय की सर्वोच्च कड़ी।
    • वर्तमान कैबिनेट सचिव: डॉ. टी.वी. सोमनाथन (IAS, 1987 बैच)।
  • प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG – Project Monitoring Group):
    • स्थापना एवं उद्देश्य: उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) और कैबिनेट सचिवालय के तहत संचालित संस्थागत तंत्र।
    • कार्यप्रणाली: ₹500 करोड़ या उससे अधिक की बड़ी सार्वजनिक, निजी और पीपीपी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में केंद्र और राज्यों के बीच अंतर-विभागीय गतिरोधों (Regulatory Bottlenecks) को सुलझाना।
  • सामान्य वित्तीय नियम (GFR 2017) एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC):
    • नियम 238: सामान्य वित्तीय नियम 2017 के नियम 238 के अनुसार, केंद्रीय सहायता प्राप्त करने वाली राज्य सरकारों या क्रियान्वयन एजेंसियों के लिए वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद निर्धारित प्रपत्र (Form GFR 12-C) में उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) प्रस्तुत करना विधिक रूप से अनिवार्य है। समय पर यूसी न मिलने पर वित्त मंत्रालय अगली किस्तों पर रोक लगा सकता है।

विश्लेषण: कार्यकारी संघवाद (Executive Federalism) और बुनियादी ढांचे का समयबद्ध निष्पादन

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Cooperative Federalism, Project Governance & Fiscal Management)

1. कार्यकारी संघवाद (Executive Federalism) से अंतर-विभागीय अड़चनों का अंत: भारत में अक्सर देखा जाता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग या रेलवे लाइन जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं राज्य स्तर पर वन स्वीकृति, भू-अधिग्रहण अथवा यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे/पाइपलाइन हटाना) के कारण वर्षों तक लटकी रहती हैं। Central Task Force Review 2026 जैसे मंच शीर्षतम प्रशासनिक स्तर (Cabinet Secretary to Chief Secretaries) पर सीधे संवाद स्थापित करते हैं। यह ‘कार्यकारी संघवाद’ (Executive Federalism) नौकरशाही की लालफीताशाही को दरकिनार कर परियोजनाओं के समय और लागत में होने वाली वृद्धि (Cost Overrun) को रोकता है।

2. राजकोषीय अनुशासन और ‘जस्ट-इन-टाइम’ फंडिंग की अनिवार्यता: कैबिनेट सचिव का उपयोगिता प्रमाण-पत्रों (UCs) पर जोर देना केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में अनुशासन स्थापित करने का कदम है। सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) और सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) मॉडल के लागू होने के बाद, केंद्र अब अप्रयुक्त राशि को राज्यों के खातों में डंप करने की अनुमति नहीं देता। यूसी का त्वरित प्रेषण यह सुनिश्चित करता है कि केंद्रीय अनुदान का वास्तविक पूंजीगत परिसंपत्ति निर्माण (Capital Asset Creation) में उपयोग हुआ है, जिससे वित्तीय लीकेज और राजकोषीय अपारदर्शिता समाप्त होती है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Central Task Force Review 2026 बैठक की अध्यक्षता किसने की?

इस उच्चस्तरीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भारत के केंद्रीय कैबिनेट सचिव श्री टी.वी. सोमनाथन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।

Q2. समीक्षा बैठक में किन प्रमुख बुनियादी ढांचा (Infrastructure) क्षेत्रों की प्रगति जांची गई?

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे लाइनों, पावर ट्रांसमिशन ग्रिड और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स से जुड़ी प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

Q3. केंद्रीय फंड्स के संदर्भ में राज्यों के मुख्य सचिवों को क्या विशेष निर्देश दिए गए?

राज्यों को केंद्रीय योजनाओं के तहत प्राप्त फंड्स का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने और इसके उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) त्वरित गति से केंद्र सरकार को भेजने के कड़े निर्देश दिए गए।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 22 सितम्बर 2026.

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