Vidya Bharati Kabaddi Champa: सरस्वती शिशु मंदिर चांपा में मध्यक्षेत्र कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न, उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले— ‘खेल सिखाते हैं गिरकर दोबारा उठना’

Vidya Bharati Kabaddi Champa Vidya Bharati Kabaddi Champa

चांपा (जांजगीर-चांपा), 21 सितम्बर 2026: विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, सकारात्मक आत्मविश्वास और मानसिक ऊर्जा का संचार करने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले के चांपा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित प्रतिष्ठित ‘विद्याभारती मध्यक्षेत्र क्षेत्रीय कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता-2026’ (Vidya Bharati Kabaddi Champa) का सोमवार को भव्य और गरिमामय समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव रहे, जबकि जांजगीर-चांपा की क्षेत्रीय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं।

समारोह के समापन सत्र में उप मुख्यमंत्री श्री साव और सांसद श्रीमती जांगड़े ने विभिन्न आयु वर्गों के रोमांचक फाइनल मुकाबलों के विजेता और उप-विजेता खिलाड़ियों को मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री ने मैदान पर पसीना बहाने वाले सभी युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल हार-जीत का पैमाना नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों को जीवन की कठिन चुनौतियों से लड़ना और लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना सिखाते हैं।

संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने एक प्रेरक दृष्टांत देते हुए कहा कि Vidya Bharati Kabaddi Champa जैसे आयोजन जीवन का वास्तविक पाठ पढ़ाते हैं। जिस प्रकार एक छोटा बच्चा जब चलना सीखता है, तो वह कई बार गिरता है, लेकिन हर बार उठकर दोबारा प्रयास करता है और अंततः दौड़ना सीख जाता है; ठीक उसी तरह जीवन में बार-बार की असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर दोगुने संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

विद्याभारती मध्यक्षेत्र कबड्डी प्रतियोगिता: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
प्रतियोगिता का नामVidya Bharati Kabaddi Champa (मध्यक्षेत्र क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता-2026)
आयोजन स्थलसरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चांपा (जांजगीर-चांपा)
मुख्य अतिथिश्री अरुण साव (उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन)
विशिष्ट अतिथिश्रीमती कमलेश जांगड़े (सांसद, जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र)
आयोजक संस्थाविद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान (मध्यक्षेत्र)
प्रदत्त पुरस्कारविजेता टीमों को मोमेंटो, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र
मुख्य खेल विधापारंपरिक कबड्डी (बालक एवं बालिका वर्ग)

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का संबोधन: ‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास’

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विद्यार्थियों और युवाओं को खेलों को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया:

  • दैनिक खेल का महत्व: उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेलना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। युवाओं को रोजाना खेल के लिए समय निकालना चाहिए। खेल के मैदान में बहाया गया पसीना शरीर में ऊर्जा और जीवन में उत्साह बनाए रखता है।
  • विद्या भारती के संस्कार: श्री साव ने कहा कि विद्या भारती विद्यार्थियों और युवाओं के जीवन को अनुशासन तथा संस्कारों से जोड़ते हुए उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का उत्कृष्ट कार्य कर रही है।
  • असफलता से सीख: खेल में कोई जीतता है तो कोई हारता है, लेकिन सीखते सभी हैं। खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रदान करता है। मन, समर्पण और संकल्प के साथ किए गए निरंतर प्रयास से ही जीवन की बड़ी सफलताएं प्राप्त की जा सकती हैं।
  • प्रधानमंत्री का विजन: उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से पारंपरिक और आधुनिक खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।

सांसद कमलेश जांगड़े के विचार: शिष्टाचार और अनुशासन ही जीवन की नींव

विशिष्ट अतिथि सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा:

  • सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यालयों में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और शिष्टाचार की जो शिक्षा दी जाती है, वह उनके जीवन में एक आदर्श और संवेदनशील नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • संस्थान के छात्र आज खेल, तकनीक और शिक्षा के विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

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CGPSC Static Facts: जांजगीर-चांपा जिला, कोसा शिल्प एवं कबड्डी खेल परिदृश्य

प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-5 भूगोल/उद्योग तथा Paper-6 खेल परिदृश्य) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:

  • जांजगीर-चांपा जिला एवं चांपा नगर का परिदृश्य:
    • जिला गठन: 25 मई 1998 को बिलासपुर जिले के विभाजन से जांजगीर-चांपा जिले का निर्माण हुआ था (जांजगीर का नामकरण कलचुरि शासक जाजल्लदेव प्रथम के नाम पर ‘जाजल्लनगरी’ से हुआ)।
    • हसदेव नदी तट: चांपा नगर जीवनदायिनी हसदेव नदी के किनारे बसा हुआ है।
    • कोसा नगरी (Kosa City): चांपा पूरे भारत में अपने उच्च कोटि के तसर/कोसा रेशम (Kosa Silk) के हथकरघा वस्त्रों और पारंपरिक कांसा शिल्प (Bronze/Bell Metal Ware) के बर्तनों के निर्माण के लिए विख्यात है।
  • पारंपरिक खेल कबड्डी (Kabaddi):
    • नियामक संस्था: एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा विनियमित। भारत कबड्डी का जन्मदाता माना जाता है और 1990 के बीजिंग एशियाई खेलों से यह नियमित एशियाई खेल विधा है।
    • छत्तीसगढ़ में प्रोत्साहन: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों के संरक्षण हेतु ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ के तहत कबड्डी को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
  • विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान:
    • वर्ष 1977 में स्थापित गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन (पहला सरस्वती शिशु मंदिर 1952 में गोरखपुर में प्रारंभ)। यह औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय खेलों और योग को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित करता है।

विश्लेषण: स्वदेशी खेलों का समाजशास्त्र और चरित्र निर्माण

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Sports Sociology, Youth Development & Value Education)

1. कबड्डी और मानसिक लचीलापन (Psychological Resilience): आधुनिक युग में जब बच्चे स्मार्टफोन और वीडियो गेम्स के कारण शारीरिक गतिहीनता और अवसाद से घिर रहे हैं, कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाते हैं। कबड्डी त्वरित निर्णय क्षमता, सामूहिक तालमेल (Team Coordination), और शारीरिक शक्ति की परीक्षा लेती है। उप मुख्यमंत्री का यह कहना कि ‘खेल गिरकर दोबारा उठने का साहस देते हैं’, खेल मनोविज्ञान (Sports Psychology) का मूल आधार है। यह युवाओं को जीवन की व्यावहारिक असफलताओं से विचलित न होकर पुनः प्रयास करने की मानसिक दृढ़ता (Grit) प्रदान करता है।

2. टियर-3 नगरों में खेल संस्कृति और सामाजिक समरसता: चांपा जैसे अर्ध-शहरी और औद्योगिक-शिल्प केंद्र में मध्यक्षेत्र स्तरीय खेलकूद का आयोजन स्थानीय युवाओं को बड़ा मंच प्रदान करता है। खेलों में जाति, वर्ग और सामाजिक पृष्ठभूमि की दीवारें टूट जाती हैं; केवल कौशल और अनुशासन ही पहचान बनते हैं। यह आयोजन स्थानीय खेल अधोसंरचना को सक्रिय करने और जमीनी प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर आगे बढ़ाने का काम करता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Vidya Bharati Kabaddi Champa प्रतियोगिता का आयोजन कहाँ किया गया?

इस मध्यक्षेत्र क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन जांजगीर-चांपा जिले के चांपा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया।

Q2. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कौन सम्मिलित हुए?

समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव रहे तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े रहीं।

Q3. चांपा नगर किस नदी के तट पर स्थित है और किस उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?

चांपा नगर हसदेव नदी के तट पर स्थित है और यह अपने पारंपरिक कोसा सिल्क (तसर रेशम) हथकरघा वस्त्रों तथा कांसा शिल्प के बर्तनों के लिए देश भर में प्रसिद्ध है।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 21 सितम्बर 2026.

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