रायपुर, 20 सितंबर 2026: किसी बच्चे की आंखों में केवल उसका बचपन नहीं, बल्कि वर्ष 2047 के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की वास्तविक तस्वीर दिखाई देती है। किसी की आंखों में अंतरिक्ष की गहराइयों को नापने का सपना है, कोई डॉक्टर बनकर अपने सुदूर गांव की सेवा करना चाहता है, तो कोई वैज्ञानिक बनकर नई खोजों से दुनिया को बदलना चाहता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा के निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की दूसरी प्रमुख पहल Viksit Bharat 25 Crore Children (25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत) इसी उज्ज्वल भविष्य को आकार देने का सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प बन गई है।
जनसंपर्क संचालनालय के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश डहरिया द्वारा जारी विशेष आलेख के अनुसार, यह अभियान उस भावी पीढ़ी के प्रति अटूट विश्वास का संदेश है, जो वर्ष 2047 में भारत की बागडोर संभालेगी। आज जो बच्चे स्कूलों की कक्षाओं में पढ़ रहे हैं, वही कल देश के वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक, खिलाड़ी, उद्यमी और नीति-निर्माता बनेंगे। विकसित भारत की वास्तविक यात्रा स्कूल की कक्षा से शुरू होती है, जहां किताबों के पन्नों में बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता, कौशल और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीएम श्री स्कूल (PM SHRI) इस बदलती सोच का जीवंत उदाहरण हैं, जहां प्रयोग, खेल, कला और तकनीक के माध्यम से सीखने का आधुनिक वातावरण मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में विकास की यह रोशनी वनांचल और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के अंतिम बच्चे तक पहुँचाने में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ‘प्रयास आवासीय विद्यालय’ क्रांतिकारी भूमिका निभा रहे हैं। प्रयास विद्यालयों के माध्यम से गरीब और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ जेईई (JEE), नीट (NEET) और क्लैट (CLAT) जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क आवासीय कोचिंग दी जा रही है, जिससे प्रतिभाओं को अपनी आर्थिक पृष्ठभूमि की बाधाओं को तोड़कर शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने का आत्मविश्वास मिल रहा है।
| 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| पहल का नाम | Viksit Bharat 25 Crore Children (’25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’) |
| छत्र अभियान | सेवा संकल्प अभियान (PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पर दूसरी पहल) |
| लक्ष्य वर्ष | वर्ष 2047 (विकसित भारत शताब्दी संकल्प) |
| केंद्रीय स्कूल मॉडल | पीएम श्री स्कूल (PM SHRI – प्रायोगिक, कला व तकनीक आधारित शिक्षा) |
| जनजातीय आवासीय मॉडल | एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) |
| राज्य स्तरीय कोचिंग मॉडल | प्रयास आवासीय विद्यालय (JEE, NEET, CLAT की निःशुल्क तैयारी) |
| आलेख रचनाकार | डॉ. ओम प्रकाश डहरिया (सहायक जनसम्पर्क अधिकारी, रायपुर) |
कक्षाओं से शुरू होती है विकसित भारत की यात्रा: पीएम श्री स्कूलों की भूमिका
विशेष आलेख में रेखांकित किया गया है कि Viksit Bharat 25 Crore Children केवल एक नारा नहीं, बल्कि शैक्षणिक दृष्टिकोण में मूलभूत परिवर्तन है:
- परीक्षा से नवाचार की ओर: शिक्षा को केवल वार्षिक परीक्षा और रटकर डिग्री लेने तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, समस्या-समाधान कौशल और उद्यमिता की भावना विकसित की जा रही है।
- पीएम श्री स्कूल: इन स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और वोकेशनल ट्रेनिंग दी जा रही है, जहाँ बच्चे केवल किताबों से नहीं, बल्कि लाइव प्रोजेक्ट्स और कला-आधारित गतिविधियों से सीख रहे हैं।
एकलव्य और प्रयास विद्यालय: वनांचल के बच्चों को पंख
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में दूरस्थ और सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के दो सफल मॉडलों का उल्लेख किया गया है:
- एकलव्य आवासीय विद्यालय: बस्तर और सरगुजा के वनांचल में रहने वाले आदिवासी बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बने हैं। जो बच्चे कभी बड़े शहरों की ओर देखने से झिझकते थे, वे अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं।
- प्रयास आवासीय विद्यालय (मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विजन): आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और वामपंथ उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं को 11वीं और 12वीं के साथ देश की प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं—आईआईटी-जेईई (JEE), मेडिकल (NEET) और लॉ (CLAT) की उत्कृष्ट कोचिंग दी जा रही है। इससे बच्चों की प्रतिभा को उनके परिवार की गरीबी या गांव के पिछड़ेपन के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और बौद्धिक क्षमता के आधार पर पहचान मिल रही है।
2047 का भारत: नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार सृजक युवा
आलेख में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2047 के भारत की पहचान केवल गगनचुंबी इमारतों या औद्योगिक आंकड़ों से नहीं होगी:
“विकसित भारत की असली पहचान उस बच्चे के आत्मविश्वास से होगी, जो गर्व से कह सके कि मैं अपने सपने को पूरा करने में सक्षम हूँ। आज का विद्यार्थी कल का केवल नौकरी तलाशने वाला (Job Seeker) युवा न बने, बल्कि नया विचार देने वाला शोधकर्ता, नई तकनीक विकसित करने वाला नवाचारी और दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी (Job Creator) बने। 25 करोड़ बच्चों के सपने केवल 25 करोड़ व्यक्तिगत सपने नहीं हैं, ये 25 करोड़ नई दिशाएं और 25 करोड़ ऐसे भविष्य हैं, जिनसे मिलकर भारत का नया अध्याय लिखा जा रहा है।”
यह भी पढ़ें: VB G RAM G Chhattisgarh: अब 318 की जगह होंगे 375 कार्य, मजदूरी दर ₹300, पूरी खबर यहाँ पढ़ें
CGPSC/UPSC Static Facts: पीएम श्री, एकलव्य, प्रयास एवं शिक्षा के अधिकार
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-2 सामाजिक न्याय/शिक्षा तथा CGPSC Paper-6 मानव संसाधन विकास व शिक्षा संरचना) के लिए मानक तथ्य:
- पीएम श्री स्कूल (PM SHRI – PM ScHools for Rising India):
- शुरुआत: 7 सितंबर 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत केंद्र प्रायोजित योजना।
- लक्ष्य: देश भर के 14,500 से अधिक मौजूदा स्कूलों को अपग्रेड कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के आदर्श ‘प्रदर्शक विद्यालयों’ (Exemplar Schools) के रूप में विकसित करना।
- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS):
- प्रारंभ: वर्ष 1997-98 में संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रारंभ।
- मानदंड: 50% या अधिक अनुसूचित जनजाति (ST) आबादी और कम से कम 20,000 जनजातीय व्यक्तियों वाले प्रत्येक उप-जिले/ब्लॉक में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा।
- प्रयास आवासीय विद्यालय (छत्तीसगढ़ शासन की फ्लैगशिप पहल):
- शुरुआत: वर्ष 2010 में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रारंभ।
- उद्देश्य: नक्सल प्रभावित एवं अनुसूचित क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं को कक्षा 11वीं-12वीं की नियमित पढ़ाई के साथ राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग (IIT/NIT), मेडिकल (NEET) और लॉ (CLAT) की निःशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधा प्रदान करना। (वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, कांकेर और जशपुर में संचालित)।
- संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 21A: 86वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा मौलिक अधिकार।
- अनुच्छेद 45 (DPSP): 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा।
विश्लेषण: जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) और कक्षा-आधारित राष्ट्र निर्माण
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Human Capital Formation, Pedagogy & Social Equity)
1. जनसांख्यिकीय आपदा (Demographic Disaster) को लाभांश में बदलने का मार्ग: भारत के पास वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी युवा और बाल आबादी (लगभग 25 करोड़ स्कूली बच्चे) है। Viksit Bharat 25 Crore Children का विजन यह रेखांकित करता है कि यदि इस आबादी को केवल पारंपरिक डिग्री दी गई, तो यह बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष का कारण बन सकती है। पीएम श्री और वोकेशनल एजुकेशन के माध्यम से प्राथमिक स्तर पर ही कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कला और व्यावहारिक कौशल सिखाना भारत को अगले 20 वर्षों में ‘विश्व की कौशल राजधानी’ (Skill Capital of the World) बनाएगा।
2. ‘प्रयास’ मॉडल द्वारा सामाजिक विषमता और नक्सलवाद का स्थायी उन्मूलन: बस्तर और सरगुजा के सुदूर अंचलों में दशकों से हिंसा और अलगाव का मुख्य कारण अवसरों का अभाव रहा है। जब अबूझमाड़ या सुकमा के गरीब मजदूर का बच्चा ‘प्रयास विद्यालय’ से निकलकर आईआईटी बॉम्बे या एम्स में चयनित होता है, तो वह पूरे समुदाय के लिए आशा का प्रतीक बन जाता है। यह शिक्षा के जरिए हथियार उठाने की मानसिकता को स्थायी रूप से समाप्त करने और वंचित वर्गों को राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में लाने का सबसे प्रभावी साधन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Viksit Bharat 25 Crore Children किस व्यापक अभियान का हिस्सा है?
यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की दूसरी प्रमुख पहल है।
Q2. छत्तीसगढ़ में संचालित ‘प्रयास आवासीय विद्यालय’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रयास विद्यालयों का उद्देश्य नक्सल प्रभावित और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं-12वीं की शिक्षा के साथ जेईई, नीट और क्लैट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग प्रदान करना है।
Q3. देश में आधुनिक शिक्षा देने के लिए किस केंद्रीय स्कूल योजना का विस्तार किया जा रहा है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत आधुनिक तकनीक, कला, खेल और अनुभवात्मक शिक्षण के लिए ‘पीएम श्री स्कूल’ (PM SHRI) योजना का विस्तार किया जा रहा है।
स्रोत (Source)
डॉ. ओम प्रकाश डहरिया, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक विशेष लेख, 20 सितंबर 2026.
One thought on “Viksit Bharat 25 Crore Children: हर बच्चे को अवसर, हर सपने को उड़ान, ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पीएम श्री, एकलव्य और प्रयास विद्यालय गढ़ रहे 2047 का भारत”