रायपुर, 18 सितंबर 2026: राजधानी रायपुर के नागरिकों, पुस्तक प्रेमियों और छात्रों को प्रकृति के शांत वातावरण के बीच अध्ययन का एक आधुनिक और सुलभ मंच प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन रायपुर ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी के प्रमुख पर्यटन एवं भ्रमण स्थल तेलीबांधा मरीन ड्राइव स्थित ‘स्प्री वॉक’ (Spree Walk) परिसर में जिला प्रशासन के महत्वाकांक्षी नवाचार Project Akshara Raipur (प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’) का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ किया।
प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ के अंतर्गत मरीन ड्राइव पर एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक रीडिंग जोन स्पेस (Reading Zone) तैयार किया गया है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ हर आयु वर्ग के नागरिक, बच्चे, युवा और वरिष्ठ जन खुले प्राकृतिक वातावरण और झील के किनारे बैठकर ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ सकते हैं। यह पूरा रीडिंग जोन जनसामान्य के लिए पूरी तरह से निःशुल्क रहेगा। मरीन ड्राइव और स्प्री वॉक में प्रतिदिन सुबह-शाम भ्रमण (Walk) के लिए आने वाले हजारों नागरिकों को अब अपनी सेहत सुधारने के साथ-साथ पुस्तकों की समृद्ध दुनिया से जुड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर प्राप्त होगा।
नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Project Akshara Raipur के तहत निर्मित इस रीडिंग जोन में पूर्णतः वातानुकूलित (Air-Conditioned) आरामदायक बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे पाठक मौसम की परवाह किए बिना शांत वातावरण में अध्ययन कर सकें। लोकार्पण के अवसर पर विभिन्न आयोगों व मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा तथा जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
| प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ रीडिंग जोन: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | Project Akshara Raipur (प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’) |
| नवाचार कर्ता | जिला प्रशासन, रायपुर (District Administration Raipur) |
| लोकार्पणकर्ता | श्री विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़) |
| स्थान | स्प्री वॉक परिसर, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, रायपुर |
| प्रवेश शुल्क | पूर्णतः निःशुल्क (100% Free Access) |
| प्रमुख भौतिक सुविधाएं | एयर कंडीशन (AC) युक्त इनडोर बैठक व्यवस्था एवं प्राकृतिक आउटडोर वातावरण |
| लक्षित लाभार्थी | हर उम्र के नागरिक, मॉर्निंग/इवनिंग वॉकर्स, छात्र एवं पुस्तक प्रेमी |
प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ की विशेषताएं: प्रकृति और ज्ञान का अनूठा संगम
जिला प्रशासन रायपुर द्वारा प्रारंभ किया गया Project Akshara Raipur महानगरीय व्यस्त जीवनशैली के बीच पठन संस्कृति (Reading Culture) को पुनर्जीवित करने का एक सराहनीय मॉडल है:
- खुला एवं वातानुकूलित वातावरण: स्प्री वॉक में आने वाले नागरिकों को दोहरी सुविधा मिलेगी। वे चाहें तो प्राकृतिक हवा के बीच बैठ सकते हैं अथवा भीषण गर्मी व उमस से बचने के लिए अत्याधुनिक वातानुकूलित (AC) रीडिंग स्पेस में अध्ययन कर सकते हैं।
- सभी आयु वर्ग के लिए समावेशी: यह केंद्र बच्चों की कहानियों, साहित्यिक पुस्तकों, समाचार पत्रों और सामान्य ज्ञान की पत्रिकाओं से सुसज्जित रहेगा, जिससे परिवारों के सभी सदस्य इसका एक साथ उपयोग कर सकें।
- निःशुल्क सार्वजनिक सुविधा: किसी भी प्रकार का सदस्यता शुल्क या प्रवेश टिकट न होने से समाज के हर तबके के व्यक्ति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्र भी यहाँ बैठकर स्वाध्याय कर सकेंगे।
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CGPSC Static Facts: तेलीबांधा मरीन ड्राइव एवं सार्वजनिक स्थान अभिशासन (100% प्रामाणिक तथ्य)
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-6 सामाजिक परिदृश्य तथा Paper-2 लोक प्रशासन व नगरीय निकाय) के लिए मानक तथ्य:
- तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव रायपुर):
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: रायपुर शहर के हृदय स्थल पर स्थित ऐतिहासिक जल निकाय, जिसे रायपुर नगर निगम द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत ‘मरीन ड्राइव’ के रूप में पुनर्विकसित किया गया।
- नागरिक उपयोगिता: यह रायपुर का प्रमुख ओपन पब्लिक स्पेस (Open Public Space) है, जहाँ वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, आर्ट गैलरी और हाल ही में ‘स्प्री वॉक’ (Spree Walk) विकसित किया गया है।
- शहरी समाजशास्त्र में ‘थर्ड प्लेस’ (The Third Place Concept):
- अमेरिकी समाजशास्त्री रे ओल्डेनबर्ग (Ray Oldenburg) द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत। पहला स्थान ‘घर’ और दूसरा स्थान ‘कार्यस्थल/स्कूल’ होता है। ‘तीसरा स्थान’ (जैसे सार्वजनिक पार्क, पुस्तकालय, कैफे) वह तटस्थ सामुदायिक मंच होता है जहाँ नागरिक सामाजिक संवाद और मानसिक शांति प्राप्त करते हैं। प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ इसी अवधारणा का मूर्त रूप है।
- प्रेस नोट में उल्लेखित राज्य के प्रमुख सांविधिक निकाय:
- छत्तीसगढ़ योग आयोग: 25 अप्रैल 2017 को राज्य में नागरिकों के स्वास्थ्य संवर्धन हेतु गठित।
- छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड: केंद्रीय वक्फ अधिनियम, 1995 के अंतर्गत औकाफ संपत्तियों के संरक्षण हेतु गठित।
- छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग: राज्य में भाषाई एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के संरक्षण हेतु कार्यरत सांविधिक निकाय।
विश्लेषण: सार्वजनिक स्थलों का बौद्धिक उपयोग और ‘डिजिटल डिटॉक्स’
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Urban Governance, Public Health & Civic Infrastructure)
1. मनोरंजन स्थलों का बौद्धिक उन्नयन (Intellectual Upgradation of Public Spaces): भारतीय शहरों में अक्सर पार्क और मरीन ड्राइव केवल शारीरिक व्यायाम या फास्ट-फूड के केंद्रों तक सीमित रह जाते हैं। Project Akshara Raipur एक आधुनिक शहर की अवधारणा को नई दिशा देता है। एक खूबसूरत झील के किनारे शांत, वातानुकूलित और निःशुल्क अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराना नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य और बौद्धिक चेतना को समृद्ध करता है। यह शहरी प्रशासन द्वारा नागरिकों के ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ (Happiness Index) को बढ़ाने का उत्कृष्ट और लागत-कुशल (Cost-effective) मॉडल है।
2. स्क्रीन समय (Screen Time) में कमी और ‘डिजिटल डिटॉक्स’: आधुनिक डिजिटल युग में बच्चे और युवा अत्यधिक स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत से जूझ रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर प्रकृति के बीच आकर्षक पुस्तकों की उपलब्धता नागरिकों को ‘डिजिटल डिटॉक्स’ का विकल्प देती है। जब लोग अपने टहलने के समय में से 20-30 मिनट भी किताबों के पन्ने पलटने में लगाएंगे, तो इससे समाज में पठन संस्कृति और नागरिक संवाद (Civic Dialogue) को स्वाभाविक बढ़ावा मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Project Akshara Raipur का शुभारंभ किसने और कहाँ किया?
प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव स्थित स्प्री वॉक (Spree Walk) परिसर में किया।
Q2. प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ के अंतर्गत विकसित रीडिंग जोन की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
यह रीडिंग जोन प्रकृति के बीच बनाया गया है, जो पूरी तरह से निःशुल्क है और इसमें पाठकों के लिए वातानुकूलित (Air-Conditioned) बैठने की व्यवस्था की गई है।
Q3. यह प्रोजेक्ट किस प्रशासनिक इकाई का नवाचार है?
प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ जिला प्रशासन रायपुर (कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व) का एक विशेष नागरिक-केंद्रित नवाचार है।
स्रोत (Source)
जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPRO), रायपुर, छत्तीसगढ़, 18 सितंबर 2026.
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