रायपुर / नारायणपुर, 11 सितंबर 2026: बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपनों को साकार करने के लिए एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। नारायणपुर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं के लिए Free PSC Coaching Narayanpur (निःशुल्क पीएससी-व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर) का विधिवत शुभारंभ किया गया है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के प्रभारी एवं राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया। यह पूरी कोचिंग व्यवस्था जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि के माध्यम से संचालित की जा रही है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन (Quality Guidance) उपलब्ध कराना है।
इस सेंटर के पहले बैच के लिए एक पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से जिले के 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों को चुना गया है। इन युवाओं को अब रहने-खाने से लेकर विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की कक्षाओं तक की पूरी सुविधा मुफ्त मिलेगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
| निःशुल्क आवासीय कोचिंग: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Free PSC Coaching Narayanpur (आवासीय) |
| कोचिंग का उद्देश्य | CGPSC एवं व्यापम (Vyapam) परीक्षाओं की तैयारी |
| फंडिंग एजेंसी | जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि |
| चयनित अभ्यर्थी (Batch Size) | कुल 50 (26 बालिकाएं और 24 बालक) |
| क्रियान्वयन एजेंसी | सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग |
स्टडी किट का वितरण और उपलब्ध सुविधाएं (100% Details)
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शुरू किए गए इस Free PSC Coaching Narayanpur के शुभारंभ समारोह में दोनों मंत्रियों और उपस्थित अतिथियों ने सभी 50 चयनित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
छात्रों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान की गई, जिसमें शामिल हैं:
- बैग (Bag)
- कॉपी (Notebooks)
- मानक पुस्तकें (Standard Reference Books)
- पेन (Pen) और अन्य आवश्यक स्टडी किट।
चयनित 26 बालिकाओं और 24 बालकों को सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास (Hostel) और भोजन (Food) की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
अधिकारी, जनप्रतिनिधि और क्रियान्वयन एजेंसी
प्रशासनिक स्तर पर इस Free PSC Coaching Narayanpur योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को ‘क्रियान्वयन एजेंसी’ (Implementing Agency) नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी निगरानी रखेगी।
इस गरिमामय उद्घाटन समारोह में मंत्रियों के अलावा निम्नलिखित गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे:
- नगर पालिका अध्यक्ष
- छोटेडोंगर सरपंच
- कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP), नारायणपुर
- जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और सहायक आयुक्त
- अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं।
UPSC/CGPSC Static Facts: DMFT क्या है?
चूंकि राज्य सरकार Free PSC Coaching Narayanpur को ‘DMFT’ फंड से चला रही है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-5 Economy / UPSC GS-2) के छात्रों के लिए यह बुनियादी (Static) तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT – District Mineral Foundation Trust): इसकी स्थापना खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2015 (MMDR Act 2015) के तहत की गई है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य खनन (Mining) संबंधी कार्यों से प्रभावित व्यक्तियों और क्षेत्रों के हित और लाभ के लिए काम करना है। यह एक गैर-लाभकारी (Non-profit) वैधानिक ट्रस्ट है।
- फंड का उपयोग: खदानों से प्राप्त रॉयल्टी का एक हिस्सा इस ट्रस्ट में जमा होता है। इस फंड का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा (जैसे यह कोचिंग सेंटर), कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाता है।
विश्लेषण: मानव संसाधन विकास (HRD) और महिला सशक्तिकरण
(CGPSC Mains Analysis – Social Justice & Internal Security)
1. शिक्षा से माओवाद का मुकाबला: नारायणपुर ‘अबूझमाड़’ के लिए जाना जाता है, जो माओवाद का एक प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे क्षेत्रों में Free PSC Coaching Narayanpur जैसी पहल युवाओं को मुख्यधारा के प्रशासन (PSC/Vyapam) से जोड़ती है। जब एक सुदूर गांव का युवा डिप्टी कलेक्टर या डीएसपी बनता है, तो वह पूरे क्षेत्र के लिए ‘रोल मॉडल’ बन जाता है, जो वामपंथी उग्रवाद (LWE) के वैचारिक प्रभाव को खत्म करता है।
2. लड़कियों की भागीदारी (Feminization of Education): इस कोचिंग के पहले बैच में बालकों (24) की तुलना में बालिकाओं (26) का अधिक चयन होना बस्तर अंचल में एक बड़े सामाजिक बदलाव का संकेत है। यह दर्शाता है कि आदिवासी क्षेत्रों में भी माता-पिता अब बेटियों की उच्च शिक्षा और प्रशासनिक करियर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Free PSC Coaching Narayanpur के प्रथम बैच में कितने विद्यार्थियों का चयन किया गया है?
नारायणपुर के इस निःशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए कुल 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों (26 बालिकाएं और 24 बालक) का चयन किया गया है।
Q2. नारायणपुर में इस निःशुल्क आवासीय कोचिंग का संचालन किस फंड के माध्यम से किया जा रहा है?
इस कोचिंग सेंटर का संचालन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘जिला खनिज संस्थान न्यास’ (DMFT – District Mineral Foundation Trust) निधि के माध्यम से किया जा रहा है।
Q3. इस कोचिंग सेंटर की देखरेख और क्रियान्वयन के लिए किस विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है?
सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखने के लिए ‘आदिवासी विकास विभाग’ के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 11 सितंबर 2026, रायपुर/नारायणपुर।