रायपुर, 8 सितंबर 2026: (विशेष लेख: धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क) — किसी भी राज्य की नियति केवल कोरी घोषणाओं से नहीं बदलती, बल्कि उसके लिए जमीनी स्तर पर ऐसे ‘नीतिगत सुधार’ (Policy Reforms) करने पड़ते हैं जो दशकों तक अपना असर छोड़ें। छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कुछ ऐसा ही हुआ है। राज्य सरकार ने CG Policy Reforms 2026 के तहत केवल फाइलों का रंग नहीं बदला, बल्कि पूरी व्यवस्था (System) को पारदर्शी और जन-केंद्रित बना दिया है।
आज छत्तीसगढ़ एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां बस्तर के घने जंगलों में सुरक्षा बलों के कैंप ‘सेवा डेरा’ बन चुके हैं, और राजधानी के वातानुकूलित कमरों में बैठे अधिकारी उद्योगों के लिए ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम पर काम कर रहे हैं। महिलाओं के खातों में खटाखट पैसे पहुंच रहे हैं और किसानों का धान रिकॉर्ड कीमतों पर खरीदा जा रहा है। प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों से आज प्रदेश के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
यह CG Policy Reforms 2026 का ही असर है कि जो बस्तर कभी नक्सलवाद के खौफ से कांपता था, वहां आज ‘एजुकेशन सिटी’ बन रही हैं और राज्य की नई औद्योगिक नीति को दुनिया भर से 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
| विकास और नीतिगत सुधार: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| औद्योगिक सुधार (EoDB) | ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ लाने वाला देश का पहला राज्य |
| बस्तर विकास पैकेज | 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने ₹4,824 करोड़ की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ |
| कृषि अर्थव्यवस्था | 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी (₹43,723 करोड़ भुगतान) |
| महिला सशक्तिकरण | महतारी वंदन की 31 किश्तें जारी (₹20 हजार करोड़+), 13.85 लाख ‘लखपति दीदी’ |
| पीएम आवास योजना | प्रतिदिन 1600 घरों का निर्माण, 11 लाख+ घर सौंपे गए |
आवास और कृषि: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई रीढ़
सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए थे। CG Policy Reforms 2026 के तहत ग्रामीण विकास के सबसे सटीक आंकड़े इस प्रकार हैं:
- प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण): अब तक कुल 24.40 लाख आवास स्वीकृत हो चुके हैं। प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन बन रहे हैं। पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
- धान खरीदी और कृषक उन्नति: किसानों को ₹3100/क्विंटल की दर से 21 क्विंटल/एकड़ धान बेचने की सुविधा मिली। खरीफ वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
- डीबीटी और तकनीक: समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को लगभग ₹43,723 करोड़ दिए गए। धान खरीदी में ‘ऑनलाइन टोकन’, ‘बायोमेट्रिक सत्यापन’ और ‘रियल टाइम मॉनिटरिंग’ जैसे बड़े सुधार लागू किए गए।
महिला सशक्तिकरण और ‘बिहान’ (Bihan) की सफलता
साय सरकार में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं:
- महतारी वंदन योजना: 68 लाख पात्र महिलाओं को 31 किस्तों में ₹20,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे खातों में दी जा चुकी है।
- लखपति दीदी और बिहान: प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत 31 लाख से अधिक गरीब महिलाएं स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हैं।
- रजिस्ट्री में छूट: महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क (Registration Fee) में 50% और स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में 1% की रियायत दी गई है।
बस्तर में नई सुबह: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ से ‘एजुकेशन सिटी’ तक
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक जीत हासिल हुई है। CG Policy Reforms 2026 के तहत बस्तर में सुरक्षा के साथ विकास का ‘डबल इंजन’ चल रहा है:
- अभियान एवं योजनाएं: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंच रही हैं।
- एजुकेशन व आजीविका: ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।
- स्वास्थ्य और परिवहन: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बना है। दूरस्थ गांवों के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ शुरू की गई है।
उद्योग और सुशासन (Governance): देश का पहला ‘EoDB Act’
औद्योगिक निवेश और सुशासन के क्षेत्र में CG Policy Reforms 2026 ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर ला खड़ा किया है:
- Ease of Doing Business Act 2026: छत्तीसगढ़ ने 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए हैं और यह विशेष ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
- जन विश्वास सुधार (Jan Vishwas Reforms): इसके जरिए 279 छोटे अपराधों (Minor offenses) को ‘अपराध की श्रेणी से बाहर’ (Decriminalized) कर दिया गया है।
- प्रशासनिक सुधार: वन-क्लिक सिंगल विंडो, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद ‘स्वतः नामांतरण’ (Auto-mutation) लागू किया गया।
- निवेश: नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे।
यह भी पढ़ें: देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
UPSC/CGPSC Static Facts: Jan Vishwas और Bihan क्या है?
चूंकि इस विशेष लेख में CG Policy Reforms 2026 के कई तकनीकी शब्दों का उपयोग हुआ है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-5 & 7) के छात्रों के लिए ये बुनियादी (Static) तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
- जन विश्वास अधिनियम (Jan Vishwas Act): भारत सरकार ने व्यापार में सुगमता (EoDB) के लिए ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2023’ पारित किया था। इसका उद्देश्य व्यापारिक नियमों के छोटे-मोटे उल्लंघनों के लिए जेल की सजा (Imprisonment) को हटाकर केवल जुर्माना (Penalty) लगाना है (Decriminalization)। छत्तीसगढ़ ने इसी तर्ज पर 279 अपराधों को डिक्रिमिनलाइज किया है।
- ऑटो-म्यूटेशन (Auto-Mutation): यह भू-राजस्व संहिता का एक डिजिटल सुधार है। पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण (Mutation) के लिए पटवारी के चक्कर काटने पड़ते थे। अब सॉफ्टवेयर (भुइयां) के जरिए रजिस्ट्री होते ही 15 दिन में स्वतः नामांतरण हो जाता है।
- बिहान (Bihan): यह केंद्र सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का छत्तीसगढ़ में स्थानीय नाम है, जो ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHG) में संगठित करता है।
विश्लेषण: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ निवेश के लिए क्यों जरूरी है?
(CGPSC Mains Analysis – Economy & Governance)
1. लालफीताशाही (Red Tapism) का अंत: CG Policy Reforms 2026 के तहत ‘सिंगल विंडो’ और ‘EoDB Act’ का लागू होना यह सुनिश्चित करता है कि निवेशकों को फैक्ट्री लगाने के लिए दर्जनों विभागों (पर्यावरण, श्रम, बिजली) के चक्कर न काटने पड़ें। जब छोटे अपराधों के लिए ‘जेल’ का डर खत्म होता है, तो विदेशी निवेशक (FDI) बेखौफ होकर राज्य में पैसा लगाते हैं।
2. बस्तर में सुरक्षा-विकास का गठजोड़: सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ में बदलना और 34 लाख लोगों का ‘डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल’ बनाना ‘स्मार्ट काउंटर-इंसर्जेंसी’ (Smart Counter-Insurgency) का हिस्सा है। जब राज्य खुद चलकर आदिवासियों तक स्वास्थ्य और बस सेवा पहुंचाता है, तो नक्सलियों का वैचारिक आधार (Ideological base) स्वतः ही समाप्त हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य कौन सा है?
व्यापार में सुगमता के लिए 450 से अधिक सुधार लागू करते हुए, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ (EoDB Act) पारित करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
Q2. ‘जन विश्वास सुधार’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने क्या बड़ा कदम उठाया है?
‘जन विश्वास सुधार’ (Jan Vishwas Reforms) के जरिए राज्य सरकार ने व्यापार और प्रशासन से जुड़े 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर (Decriminalize) कर दिया है।
Q3. बस्तर के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए कौन सी नई योजना तैयार की गई है?
बस्तर संभाग में लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 4,824 करोड़ रुपए की लागत वाली ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।
स्रोत (Source)
विशेष लेख: श्री धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क), छत्तीसगढ़ शासन (DPRCG), 08 सितंबर 2026, रायपुर।
3 thoughts on “CG Policy Reforms 2026: नीतिगत बदलावों से विकास को मिली नई रफ्तार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ लाने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़”