Published on July 23, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ में लोक-कल्याणकारी नीतियों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने, लालफीताशाही को समाप्त करने और प्रत्येक नागरिक तक त्वरित व पारदर्शी सेवाएं पहुँचाने के उद्देश्य से Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के तहत एक नए डिजिटल युग का शंखनाद किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHIPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मयंक अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की।
विभाग द्वारा लिए गए इन क्रांतिकारी निर्णयों का मुख्य विज़न राज्य में ‘डिजिटल समावेशन’ (Digital Inclusion) को बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के माध्यम से सुसुशासन स्थापित करना है।
यह महत्वाकांक्षी पहल देश भर में छत्तीसगढ़ को डिजिटल इंडिया के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 की यह विकास यात्रा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (GS Paper III – ई-गवर्नेंस) और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक कानून व सुशासन (GS Paper VI) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय है।
इस विस्तृत विश्लेषण में हम इस डिजिटल कायाकल्प के प्रमुख स्तंभों, सेवा सेतु पोर्टल, भारतनेट फेज-III, छत्तीसगढ़ एआई मिशन, एसटीपीआई के साथ हुए एमओयू और परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
छत्तीसगढ़ के इस डिजिटल परिवर्तन और प्रमुख विभागीय उपलब्धियों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण क्षेत्र | Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के प्रमुख तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| विभागीय नेतृत्व | श्री अंकित आनंद (सचिव, IT) और श्री मयंक अग्रवाल (सीईओ, चिप्स – CHIPS) |
| प्रमुख नागरिक पोर्टल | सेवा सेतु पोर्टल (35 विभागों की 564 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध) |
| डिजिटल कनेक्टिविटी फंड | डिजिटल भारत निधि (DBN) – जनवरी 2024 से 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर |
| भारतनेट फेज-III बजट | 3,928 करोड़ रुपये की केंद्रीय स्वीकृति (ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ना) |
| खनिज ऑनलाइन 2.0 राजस्व | ₹30,311.80 करोड़ का ऐतिहासिक डिजिटल खनिज राजस्व संग्रहण |
| भविष्य की तकनीक पहल | छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) और एआई डेटा लैब की स्थापना |
| स्टार्टअप प्रोत्साहन बजट | STPI के साथ ₹105.3 करोड़ का एमओयू (4 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना) |
| डिजिटल सुरक्षा नीति | क्लाउड फर्स्ट नीति (Cloud First Policy) को कानूनी मान्यता |
Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026: एकीकृत नागरिक सेवाओं का विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य संकल्प केवल सरकारी प्रक्रियाओं का कंप्यूटरीकरण करना नहीं है, बल्कि तकनीक को नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है।
इस नई डिजिटल नीति के तहत विकसित किए गए प्रमुख कूटनीतिक और प्रशासनिक सुशासन स्तंभों का विवरण निम्नलिखित है:
1. सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा मंच
सेवा सेतु छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 29 अप्रैल 2026 को इस पोर्टल का उन्नत और आधुनिक संस्करण लॉन्च किया गया था।
वर्तमान में इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के लिए 35 विभागों की 564 सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विगत ढाई वर्षों के दौरान इस पोर्टल पर रिकॉर्ड 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 78 लाख से अधिक का समयबद्ध और सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है।
इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन और नल कनेक्शन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और क्यूआर-कोड सत्यापन के जरिए घर बैठे प्रदान की जा रही हैं।
2. दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में 1273 नए मोबाइल टावर
डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के उन सुदूर आदिवासी और वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है जो पहले पूरी तरह कटे हुए थे।
डिजिटल भारत निधि (DBN) के तहत ‘4G सैचुरेशन’ और एलडब्ल्यूई फेज-II योजनाओं के माध्यम से जनवरी 2024 से अब तक रिकॉर्ड 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर (सक्रिय) किए जा चुके हैं।
3. भारतनेट फेज-III को ₹3,928 करोड़ की केंद्रीय मंजूरी
Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के तहत छत्तीसगढ़ की प्रत्येक ग्राम पंचायत को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से 3,928 करोड़ रुपये की बड़ी मंजूरी मिली है।
इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी और डिजिटल ग्राम पंचायतों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
4. युवाओं के लिए ‘सी.एम. आईटी फेलोशिप’ की शुरुआत
राज्य के भीतर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के संचालन के लिए स्थानीय मानव संसाधन को तैयार किया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नया रायपुर के सहयोग से ‘सीएम आईटी फेलोशिप’ शुरू की गई है, जिसके तहत आरक्षण नियमों के अधीन 50 चुनिंदा स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय कोडिंग, डेटा माइनिंग और एआई तकनीकों का प्रशिक्षण देकर विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात किया जा रहा है।
“डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक सुधार का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे नागरिकों तक पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं पहुँचाने का सबसे पारदर्शी माध्यम है। सुशासन की इस यात्रा में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।”— श्री अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, छत्तीसगढ़ शासन
विशिष्ट पोर्टल और डेटा प्रबंधन प्रणालियां (Specialized Portals)
विभिन्न विभागों के कुशल संचालन और कर चोरी रोकने के लिए कई विशिष्ट ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म स्थापित किए गए हैं:
- खनिज ऑनलाइन 2.0: इस उन्नत ऑनलाइन खनिज रॉयल्टी प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच रिकॉर्ड ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
- एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग प्रणाली (IWMMS): उद्योगों से निकलने वाले कचरे के सुरक्षित परिवहन और वैज्ञानिक निपटान की ऑनलाइन ट्रैकिंग सुनिश्चित करने वाला डिजिटल गेटवे।
- सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 19 विभागों की 151 सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाकर ऑनलाइन समयबद्ध अनुमोदन (Auto-approval) की व्यवस्था की गई है।
- बस्तर मुन्ने पोर्टल (Bastar Munne Portal): बस्तर संभाग के 7 जिलों और अन्य 3 नक्सल मुक्त जिलों में प्रत्येक पात्र आदिवासी हितग्राही तक कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की पहुंच की निगरानी करने वाला विशेष डिजिटल टूल।
- डिजिटल द्वार (Digital Dwar): सभी सरकारी विभागों के बीच गोपनीय और सुरक्षित डेटा के आदान-प्रदान के लिए विकसित किया गया एक मानकीकृत डेटा एक्सचेंज नेटवर्क।
छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) और एसटीपीआई के साथ समझौता
भविष्य की प्रौद्योगिकियों में राज्य को अग्रणी बनाने के लिए Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के तहत ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) को शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है:
- एआई उत्कृष्टता केंद्र (AI Center of Excellence): राज्य में नवाचारों और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।
- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स (STPI) के साथ ₹105.3 करोड़ का एमओयू: राज्य शासन और भारत सरकार की संस्था एसटीपीआई के बीच बराबर की हिस्सेदारी (50:50) से राज्य में चार अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप’ (CoEs) स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र मुख्य रूप से निम्नलिखित चार क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को बढ़ावा देंगे:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक (MedTech)
- स्मार्ट सिटी समाधान
- स्मार्ट कृषि (Smart Agriculture)
- क्लाउड फर्स्ट नीति (Cloud First Policy): सरकारी डेटा को हैकिंग से सुरक्षित रखने, डेटा रिकवरी को सुदृढ़ करने और क्लाउड-आधारित कुशल शासन के लिए राज्य में एक नई क्लाउड नीति लागू की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
सीजीपीएससी (CGPSC) राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (पेपर-VI: छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा एवं सुशासन) और पेपर-III (सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस) के लिए यह संपूर्ण विश्लेषण सीधे तौर पर उपयोगी है।
CGPSC & UPSC Prelims Fact Box: Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026
- चिप्स (CHIPS): ‘छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी’ राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए गठित एक सर्वोच्च पंजीकृत सोसाइटी है। इसके वर्तमान सीईओ श्री मयंक अग्रवाल हैं।
- डिजिटल भारत निधि (DBN): भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित निधि (जिसे पूर्व में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड – USOF कहा जाता था), जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
- IIIT नया रायपुर: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर, जिसकी स्थापना संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ सरकार और एनटीपीसी द्वारा की गई है।
UPSC & CGPSC Mains Analysis (GS Paper II & VI: प्रशासनिक सुधार एवं ई-गवर्नेंस)
प्रश्न: “दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना (जैसे मोबाइल टावर और भारतनेट) का विस्तार और समेकित नागरिक पोर्टल (जैसे सेवा सेतु) का विकास ही छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और समावेशी सुशासन को धरातल पर मजबूत कर रहे हैं।” हाल ही में घोषित Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के विशेष संदर्भ में इस कथन की तार्किक समालोचना कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: नया रायपुर में आयोजित विभागीय प्रेस वार्ता के निष्कर्षों और साय सरकार के Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 कूटनीतिक विज़न का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत करें।
- डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) के लाभ:
- वनांचल क्षेत्रों का आधुनिकीकरण: आकांक्षी और एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में 1273 मोबाइल टावरों की स्थापना से सुरक्षा बलों और आदिवासियों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी सुधरी है।
- सेवा सेतु की प्रशासनिक सुगमता: 564 नागरिक सेवाओं के ऑनलाइन होने से तहसील और कलेक्टोरेट में होने वाली दलाली और लालफीताशाही का पूरी तरह अंत हुआ है।
- आर्थिक स्थिरता और राजस्व संरक्षण: खनिज ऑनलाइन 2.0 द्वारा ₹30,311.80 करोड़ के ऐतिहासिक राजस्व संग्रहण और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 द्वारा निवेशकों को त्वरित क्लीयरेंस देने की रणनीतिक महत्ता।
- भविष्य का रोडमैप (एआई और स्टार्टअप्स): एसटीपीआई के साथ मिलकर ₹105.3 करोड़ के 4 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के जरिए पारंपरिक जड़ी-बूटियों (मेडटेक) और स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देना।
- चुनौतियां: बस्तर के अंदरूनी जंगलों में फाइबर केबलों के रख-रखाव में सुरक्षात्मक चुनौतियां, डेटा सुरक्षा (Cybersecurity) और क्लाउड फर्स्ट नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता, और ग्रामीण आबादी में डिजिटल साक्षरता की सीमाएं।
- निष्कर्ष: यह सारांश प्रस्तुत करें कि छत्तीसगढ़ का यह एकीकृत डिजिटल मॉडल न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक लाइटहाउस है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को समयबद्ध तरीके से धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
ई-गवर्नेंस और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक डिजिटल इतिहास से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य:
- चिप्स (CHIPS) की स्थापना: छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने के लिए 29 अगस्त 2001 को ‘छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी’ की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य कार्यालय रायपुर में स्थित है।
- राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP): इसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा 18 मई 2006 को देश भर में ई-गवर्नेंस सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए की गई थी, जिसके तहत सामान्य सेवा केंद्र (CSCs) स्थापित किए गए हैं।
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) और IIIT नया रायपुर: छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) और नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) कार्यरत हैं।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- Unified Portal: सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 35 विभागों की 564 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- Broadband Power: भारतनेट फेज-III के लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 3,928 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है।
- Connectivity Expansion: जनवरी 2024 से अब तक सुदूर वनांचल क्षेत्रों में 1273 मोबाइल टावर सक्रिय किए जा चुके हैं।
- IT Fellowship: IIIT नया रायपुर के सहयोग से 50 स्थानीय युवाओं को ‘सीएम आईटी फेलोशिप’ के तहत उच्च तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- STPI Partnership: सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स के साथ ₹105.3 करोड़ के बजट से एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि के 4 एक्सीलेंस केंद्र खुलेंगे।
- Sovereign Revenue: खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल से ढाई वर्षों में रिकॉर्ड ₹30,311.80 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और तकनीकी विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में घोषित विभागीय गतिविधियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सेवा सेतु’ पोर्टल पर वर्तमान में कितने विभागों की कितनी डिजिटल सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं?
(A) 15 विभागों की 200 सेवाएं
(B) 25 विभागों की 350 सेवाएं
(C) 35 विभागों की 564 सेवाएं
(D) 50 विभागों की 800 सेवाएं
उत्तर: (C) 35 विभागों की 564 सेवाएं
व्याख्या: सेवा सेतु पोर्टल छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी एकीकृत नागरिक सेवा योजना बन चुका है, जिसके तहत 35 विभागों की 564 सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड और फाइबर टू द होम (FTTH) से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ‘भारतनेट फेज-III’ के तहत कितने करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है?
(A) 1,500 करोड़ रुपये
(B) 2,800 करोड़ रुपये
(C) 3,928 करोड़ रुपये
(D) 5,000 करोड़ रुपये
उत्तर: (C) 3,928 करोड़ रुपये
व्याख्या: भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण इंटरनेट क्रांति को सुदृढ़ बनाने के लिए भारतनेट फेज-III के अंतर्गत ₹3,928 करोड़ की भारी वित्तीय मंजूरी प्रदान की है।
प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए शुरू की गई ‘सी.एम. आईटी फेलोशिप’ (CM IT Fellowship) का क्रियान्वयन किस प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है?
(A) आईआईटी (IIT) भिलाई
(B) आईआईआईटी (IIIT) नया रायपुर
(C) एनआईटी (NIT) रायपुर
(D) सरगुजा विश्वविद्यालय
उत्तर: (B) आईआईआईटी (IIIT) नया रायपुर
व्याख्या: ‘सीएम आईटी फेलोशिप’ योजना के तहत IIIT नया रायपुर के सहयोग से राज्य के 50 स्थानीय युवाओं को अत्याधुनिक आईटी प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रश्न 4: छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार की संस्था एसटीपीआई (STPI) के बीच हुए ₹105.3 करोड़ के समझौते के तहत राज्य में किन चार विशिष्ट क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप’ (CoEs) स्थापित किए जाएंगे?
(A) अंतरिक्ष अनुसंधान, कोयला उत्खनन, ऑटोमोबाइल और वस्त्र उद्योग
(B) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन व औषधीय मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि
(C) केवल मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, जैविक खेती और बागवानी
(D) रक्षा उपकरण, ड्रोन निर्माण, मिसाइल कूटनीति और डिजिटल भुगतान
उत्तर: (B) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन व औषधीय मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान और स्मार्ट कृषि
व्याख्या: इस एमओयू के तहत एआई, वन एवं औषधि आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि जैसे भविष्य के चार अत्यधिक मांग वाले क्षेत्रों में नवाचारों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रश्न 5: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज पट्टों के आवंटन और रॉयल्टी भुगतान के सुचारू प्रबंधन के लिए विकसित किए गए किस विशिष्ट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिकॉर्ड ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व संग्रहित किया गया है?
(A) खनिज ऑनलाइन 2.0
(B) माइनिंग द्वार पोर्टल
(C) छत्तीसगढ़ भू-संपदा ऑनलाइन
(D) पारस माइनिंग गेटवे
उत्तर: (A) खनिज ऑनलाइन 2.0
व्याख्या: खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल छत्तीसगढ़ के सबसे सफल और राजस्व देने वाले ई-गवर्नेंस पोर्टलों में से एक है, जिसके पारदर्शी ऑडिटिंग के कारण ₹30,311.80 करोड़ का खनिज राजस्व संग्रहित हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 क्या है?
Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के प्रशासनिक और नागरिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और तकनीक-अनुकूल बनाने के लिए लागू किए गए सुधारों का समूह है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट विभागीय सचिव अंकित आनंद और चिप्स सीईओ मयंक अग्रवाल द्वारा 23 जुलाई 2026 को प्रस्तुत की गई है।
Q2. ‘सेवा सेतु’ पोर्टल से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण नागरिकों को क्या लाभ मिल रहे हैं?
सेवा सेतु पोर्टल के उन्नत संस्करण के तहत 35 विभागों की 564 महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन और नल कनेक्शन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और क्यूआर-कोड सत्यापन के जरिए घर बैठे त्वरित रूप से मिल रही हैं।
Q3. छत्तीसगढ़ में वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
डिजिटल भारत निधि (DBN), एलडब्ल्यूई फेज-II और 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से सुदूर आदिवासी और जंगली क्षेत्रों में जनवरी 2024 से अब तक रिकॉर्ड 1273 मोबाइल टावर सक्रिय (On-air) किए जा चुके हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में निर्बाध संचार संभव हो सका है।
Q4. छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) और एसटीपीआई का संयुक्त समझौता क्या है?
छत्तीसगढ़ एआई मिशन के तहत राज्य में एआई उत्कृष्टता केंद्र और एआई डेटा लैब की स्थापना की जा रही है। साथ ही भारत सरकार की संस्था एसटीपीआई के साथ ₹105.3 करोड़ के बजट से राज्य में चार अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे जो एआई, वन एवं औषधि आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।
Q5. ‘बस्तर मुन्ने पोर्टल’ (Bastar Munne Portal) का क्या उद्देश्य है?
यह पोर्टल बस्तर संभाग के 7 जिलों और राज्य के अन्य 3 पूर्व-नक्सल प्रभावित जिलों में प्रत्येक पात्र आदिवासी हितग्राही तक कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की पहुंच और उनके पारदर्शी वितरण की लाइव मॉनिटरिंग करने वाला एक विशिष्ट ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है।
निष्कर्ष (Conclusion)
नवा रायपुर में आयोजित विभागीय प्रेस वार्ता और घोषित किए गए नए मील के पत्थर यह सिद्ध करते हैं कि Chhattisgarh Digital Governance Reforms 2026 राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता का एक अभूतपूर्व कूटनीतिक लाइटहाउस बन चुका है। ‘सेवा सेतु’ के उन्नत संस्करण के माध्यम से 564 सेवाओं को ऑनलाइन करना, सुदूर जंगलों में 1273 नए मोबाइल टावर स्थापित करना, और भारतनेट फेज-III के लिए ₹3,928 करोड़ की बड़ी केंद्रीय मंजूरी प्राप्त करना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में ‘डिजिटल समावेशन’ (Digital Inclusion) कितनी गहराई से धरातल पर उतर रहा है।
खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से ₹30,311.80 करोड़ के ऐतिहासिक राजस्व का पारदर्शी संग्रहण और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का अपग्रेडेशन राज्य को देश का सबसे पसंदीदा औद्योगिक निवेश हब बनाने की दिशा में रणनीतिक कदम हैं। भविष्य की तकनीकों को अपनाते हुए ‘छत्तीसगढ़ एआई मिशन’ (CG-AIM) की शुरुआत और एसटीपीआई के साथ मिलकर ₹105.3 करोड़ की लागत से 4 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना स्थानीय युवाओं को एआई, पारंपरिक मेडटेक और स्मार्ट कृषि के आधुनिक स्टार्टअप्स से जोड़ेगी। तकनीक को केवल ‘सुविधा’ न रखकर उसे सुसुशासन, जवाबदेही और सामाजिक न्याय का आधार बनाने का छत्तीसगढ़ सरकार का यह मॉडल अंततः ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत @ 2047’ के हमारे बड़े राष्ट्रीय सपनों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत और अजेय रीढ़ साबित होगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)