Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण कर रचा नया कीर्तिमान

Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 Celebrations Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 Celebrations

Published on July 9, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


छत्तीसगढ़ में गरीब कल्याण, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अपने गठन के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास (PMAY-G) पूर्ण करने की अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस बड़ी उपलब्धि के उपलक्ष्य में 9 जुलाई 2026 को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं 11 हितग्राहियों को उनके नए पक्के मकानों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण से जुड़े जनभागीदारी अभियान ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित एक विस्तृत कॉम्पेंडियम (Compendium) का भी विमोचन किया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राज्य के अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 के ये नवीन आंकड़े, ग्रामीण विकास नीतियों और पर्यावरण कूटनीति के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय हैं। इस विस्तृत लेख में हम इस आवास योजना की तीव्र प्रगति दर, मोर गांव-मोर पानी अभियान के अंतर्संबंधों और परीक्षा उपयोगी प्रशासनिक आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।

Table of Contents

Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026: मुख्य आंकड़े (Quick Highlights)

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की बेमिसाल प्रगति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में संक्षेपित किया गया है:

महत्वपूर्ण संकेतकChhattisgarh PM Awas Yojana 2026 के आंकड़े व तथ्य
कुल पूर्ण किए गए आवास11 लाख से अधिक आवास (सरकार गठन के बाद पिछले ढाई वर्षों में)
प्रथम कैबिनेट का संकल्पगठन के तुरंत बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय
विगत वित्तीय वर्ष की उपलब्धिलगभग 6 लाख आवास पूर्ण (एक वर्ष में देश भर में सर्वाधिक पूर्ण करने का रिकॉर्ड)
चालू वित्तीय वर्ष (प्रथम 100 दिन)1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण (01 अप्रैल से 09 जुलाई 2026 तक)
दैनिक औसत निर्माण दरप्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान निवेश2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य

कैबिनेट का पहला निर्णय और Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 की पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना की सफलता के पीछे राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति है। दिसंबर 2023 में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण किया, तो उनकी सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक का सबसे पहला और ऐतिहासिक निर्णय राज्य के गरीब परिवारों के लिए लंबित पड़े प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देना था।

इस निर्णय के तहत कुल 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राज्य सरकार के हिस्से की राशि (State Share) तुरंत जारी की गई। इसी तत्परता का परिणाम है कि पिछले ढाई वर्षों के भीतर राज्य ने 11 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा कर लिया है। Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 की यह तेज गति दर्शाती है कि प्रशासनिक बाधाओं को दूर करके यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन किया जाए, तो वह सीधे तौर पर ग्रामीण जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

“हमारी सरकार का मुख्य संकल्प गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। पहली कैबिनेट का हमारा निर्णय आज 11 लाख गरीब परिवारों के अपने पक्के घर के सपने के रूप में साकार हो चुका है।”— मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026: तीव्र प्रगति की आंकड़ेवार समीक्षा

छत्तीसगढ़ ने आवास निर्माण की गति के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिनका विवरण परीक्षाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है:

1. एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास निर्माण

विगत वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड 6 लाख आवास पूर्ण किए गए। यह पूरे देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक ही वर्ष के भीतर सबसे अधिक आवास पूर्ण करने का एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान है।

2. चालू वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों की रिपोर्ट

चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के शुरुआती 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई 2026) के भीतर ही राज्य में 1 लाख 51 हजार आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इसका अर्थ यह है कि छत्तीसगढ़ में औसतन प्रतिदिन 1,500 से अधिक पक्के घरों का निर्माण हो रहा है, जो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक तरलता को भी बढ़ावा दे रहा है।

‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान: जल और आवास का अनूठा समन्वय

वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित एक कॉम्पेंडियम (Compendium) का विमोचन किया। यह अभियान छत्तीसगढ़ में जल सुरक्षा और आजीविका का एक अनुपम मॉडल बन चुका है:

  • शुभारंभ: इस जनभागीदारी आधारित अभियान की शुरुआत 24 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (Panchayati Raj Diwas) के अवसर पर की गई थी।
  • वित्तीय ढांचा और निवेश: इस अभियान के तहत मनरेगा (MGNREGA) और वर्तमान वीबी-जीरामजी (VB-Giramji – विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) के संयुक्त माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत स्वीकृत की गई है।
  • जल संरक्षण कार्य: इसके अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में 1 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं का निर्माण और गहरीकरण किया जा रहा है।
  • मुख्य जल संरचनाएं: अभियान के तहत आजीविका डबरी (Farm Ponds), नवा तरिया (नूतन तालाब), और कंटूर ट्रेंच (Contour Trenches) का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल को रोककर भू-जल स्तर को सुधारा जा सके।

एकल दृष्टिकोण बनाम एकीकृत विकास मॉडल
Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल परिवारों को घर नहीं दे रही है, बल्कि उन्हें ‘मोर गांव-मोर पानी’ के तहत नवनिर्मित आजीविका डबरियों के पास रोजगार (जैसे मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन) से भी जोड़ रही है। इस प्रकार, जब एक गरीब परिवार को पक्का मकान और साथ ही आजीविका का साधन मिलता है, तो वह स्थायी रूप से गरीबी रेखा से बाहर आ जाता है।

प्रशासनिक तत्परता और छत्तीसगढ़ का सुशासन मॉडल

इस भव्य कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कुशल संचालन के लिए राज्य सरकार ने विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है।

इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, पंचायत विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और योजना के राज्य संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा की देखरेख में जमीनी स्तर पर तकनीकी सहायकों और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया है, जिससे वित्तीय गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं बची है।


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)

सीजीपीएससी (CGPSC) राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के पेपर-V (छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था एवं भूगोल) और पेपर-VI (कल्याणकारी योजनाएं) के लिए यह संपूर्ण विश्लेषण अत्यंत उपयोगी है।

CGPSC & UPSC Prelims Fact Box

  • प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G): इस योजना की शुरुआत 20 नवंबर 2016 को हुई थी (पुराने नाम इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन)। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में (DBT) दी जाती है। इसमें केंद्र और राज्य का वित्तीय अनुपात सामान्यतः 60:40 होता है।
  • पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल): इसी दिन वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान शुरू किया गया था।
  • VB-Giramji: विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (छत्तीसगढ़ में मनरेगा और ग्रामीण आजीविका का आधुनिक एकीकृत स्वरूप)।

UPSC & CGPSC Mains Analysis (GS Paper II & V: सुशासन एवं अर्थव्यवस्था)

प्रश्न: “आवास सुरक्षा (Housing Security) और जल सुरक्षा (Water Security) के एकीकरण से ही ग्रामीण भारत का वास्तविक और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।” हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी किए गए आवास और ‘मोर गांव-मोर पानी’ आंकड़ों के आलोक में इस कथन की समालोचनात्मक विवेचना कीजिए।

उत्तर की रूपरेखा:

  • प्रस्तावना: आवास और पानी को मानव जीवन के मूलभूत अधिकारों के रूप में स्थापित करते हुए Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 के तहत 11 लाख घरों के निर्माण और ‘मोर गांव-मोर पानी’ के लॉन्च की पृष्ठभूमि से शुरुआत करें।
  • आवास सुरक्षा का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव: पक्के मकान मिलने से ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक गरिमा में सुधार होता है। यह प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, तूफान) के समय सुरक्षा प्रदान करता है और बच्चों की शिक्षा के लिए स्थिर वातावरण तैयार करता है।
  • जल सुरक्षा (मोर गांव-मोर पानी) की पूरक भूमिका: 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित 1 लाख जल संरचनाएं भू-जल स्तर बढ़ाती हैं। आजीविका डबरी के जरिए कृषि उत्पादकता बढ़ती है और मत्स्य पालन जैसे सहायक रोजगार पैदा होते हैं।
  • एकीकृत सुशासन मॉडल (Convergence of Schemes): समझाएं कि कैसे मनरेगा, आवास योजना और जल संवर्धन का यह मिलन सरकारी धन के कुशल उपयोग (Value for Money) का एक आदर्श उदाहरण है।
  • चुनौतियां: सुदूर आदिवासी क्षेत्रों (जैसे अबूझमाड़) में सामग्री परिवहन की समस्या, ठेकेदारों द्वारा घटिया निर्माण की आशंका, और जल संरचनाओं के दीर्घकालिक रखरखाव की चुनौतियां।
  • निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ का यह मॉडल यह दर्शाता है कि गरीबों को केवल मकान देना काफी नहीं है, बल्कि उस मकान के आसपास पानी और आजीविका का होना ही ‘विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047’ के संकल्प को पूरा करेगा।

संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)

ग्रामीण विकास और आवास से जुड़े कुछ ऐतिहासिक और संवैधानिक स्टेटिक सामान्य ज्ञान तथ्य:

  1. संविधान का अनुच्छेद 21: माननीय उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार, ‘आश्रय का अधिकार’ (Right to Shelter) अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना गया है।
  2. मनरेगा (MGNREGA): राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम वर्ष 2005 में पारित हुआ था और 2 फरवरी 2006 से लागू हुआ था। वर्ष 2009 में इसका नाम बदलकर ‘महात्मा गांधी नरेगा’ किया गया। छत्तीसगढ़ में इसके तहत ‘मोर गांव-मोर पानी’ जैसे बड़े अभियान संचालित हो रहे हैं।
  3. 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992: इसके तहत ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों को 29 विषय सौंपे गए हैं, जिनमें पेयजल (विषय संख्या 11) और ग्रामीण आवास (विषय संख्या 10) सीधे तौर पर शामिल हैं।

एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)

त्वरित दोहराव के लिए Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:

  • Total Completion: सरकार गठन के बाद छत्तीसगढ़ में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनकर तैयार।
  • National Record: पिछले वित्तीय वर्ष में अकेले छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड 6 लाख आवास पूर्ण हुए, जो देश में सर्वाधिक हैं।
  • Daily Pace: वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों में 1.51 लाख आवास पूर्ण (औसतन 1500+ रोजाना)।
  • Mor Gaon Mor Pani Launch: यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था, जिसके तहत 2000 करोड़ रुपये के जल संवर्धन कार्य किए जा रहे हैं।
  • Compendium Release: 9 जुलाई 2026 को रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महाअभियान की सफलता पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

अपनी तैयारी का आकलन करने के लिए नीचे दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करें:

प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ सरकार के हालिया दावों (जुलाई 2026) के अनुसार, वर्तमान सरकार के गठन के बाद राज्य में अब तक कितने प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं?

(A) 5 लाख से अधिक
(B) 8 लाख से अधिक
(C) 11 लाख से अधिक
(D) 15 लाख से अधिक

उत्तर: (C) 11 लाख से अधिक
व्याख्या: पिछले ढाई वर्षों के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, और कुल 18 लाख का लक्ष्य रखा गया है।

प्रश्न 2: ‘Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026’ की वर्तमान प्रगति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन औसतन कितने आवास पूर्ण किए जा रहे हैं?

(A) 500 से अधिक
(B) 1,000 से अधिक
(C) 1,500 से अधिक
(D) 2,500 से अधिक

उत्तर: (C) 1,500 से अधिक
व्याख्या: चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती 100 दिनों में 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण होने के आंकड़ों के आधार पर छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है।

प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान का शुभारंभ किस तिथि को किया गया था?

(A) 15 अगस्त 2024
(B) 26 जनवरी 2025
(C) 24 अप्रैल 2025
(D) 09 जुलाई 2026

उत्तर: (C) 24 अप्रैल 2025
व्याख्या: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान का शुभारंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाना है।

प्रश्न 4: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मैदानी क्षेत्रों में एक लाभार्थी को घर बनाने के लिए कितनी वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है?

(A) 1.00 लाख रुपये
(B) 1.20 लाख रुपये
(C) 1.50 लाख रुपये
(D) 2.00 लाख रुपये

उत्तर: (B) 1.20 लाख रुपये
व्याख्या: PMAY-G के तहत मैदानी क्षेत्रों के लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये तथा पहाड़ी, दुर्गम और आईएपी (IAP) जिलों में 1.30 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 अलग से दिए जाते हैं।

प्रश्न 5: हाल ही में विमोचित ‘मोर गांव-मोर पानी’ कॉम्पेंडियम किस सरकारी कार्यक्रम या एजेंसी के माध्यम से मुख्य रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है?

(A) छत्तीसगढ़ वन विभाग
(B) उद्योग एवं वाणिज्य विभाग
(C) मनरेगा और वीबी-जीरामजी (VB-Giramji)
(D) छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE)

उत्तर: (C) मनरेगा और वीबी-जीरामजी (VB-Giramji)
व्याख्या: यह अभियान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा और वीबी-जीरामजी के संयुक्त आजीविका फंड (2000 करोड़ से अधिक) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के विकास के लिए चलाया जा रहा है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. Chhattisgarh PM Awas Yojana 2026 के तहत अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

इस योजना के तहत साय सरकार के गठन के बाद पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसमें से विगत वित्तीय वर्ष में अकेले 6 लाख घर बनाए गए, जो देश में एक वर्ष के भीतर किसी भी राज्य द्वारा सर्वाधिक आवास पूर्ण करने का रिकॉर्ड है।

Q2. छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल का संरक्षण करना, भू-जल स्तर को बढ़ाना और आजीविका डबरियों व तालाबों के माध्यम से किसानों व स्व-सहायता समूहों के लिए मत्स्य पालन और बागवानी जैसे रोजगार के नए साधन सृजित करना है।

Q3. “वीबी-जीरामजी” (VB-Giramji) क्या है, जिसका उल्लेख इस कार्यक्रम में हुआ है?

यह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ (Viksit Bharat Guarantee for Employment & Livelihood Mission Gramin) का छत्तीसगढ़ी नामकरण है, जो ग्रामीण स्तर पर रोजगार सुरक्षा और आजीविका संवर्धन का कार्य करता है।

Q4. छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कितने आवासों की स्वीकृति दी थी?

दिसंबर 2023 में शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के गरीब और बेघर ग्रामीण परिवारों के लिए कुल 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण और राशि आवंटन को मंजूरी दी गई थी।

Q5. ‘कौफ टेबल बुक’ और ‘बिहान वाणी’ का विमोचन किसने और क्यों किया?

इनका विमोचन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया। ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक और ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं की सफलता की कहानियों, उनके द्वारा किए गए नवाचारों और बिहान योजना की आजीविका गतिविधियों को संकलित कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।


निष्कर्ष (Conclusion)

9 जुलाई 2026 को रायपुर में आयोजित भव्य समारोह और मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट है कि Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026 के नीतिगत सुधारों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर महिलाओं और किसानों के कल्याण की योजनाएं बेहतरीन तरीके से काम कर रही हैं। ‘दीदी के गोठ’ जैसे अभिनव रेडियो शो के जरिए जहां महिलाओं के स्वावलंबन की कहानियां घर-घर पहुँच रही हैं, वहीं 11 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण सामाजिक न्याय और अंत्योदय के सपने को साकार कर रहा है।

आवास सुरक्षा के साथ जल सुरक्षा (मोर गांव-मोर पानी अभियान) को जोड़ना सुशासन का एक अनुपम उदाहरण है। ये योजनाएं केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े नहीं कर रही हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिदृश्य में आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया संचार कर रही हैं, जो राज्य को देश के सर्वाधिक समृद्ध और विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

Official Sources:

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