Shortest Period Binary System: भारतीय वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में खोजा सबसे छोटा ‘बाइनरी सिस्टम’, ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ तारे के रहस्य ने दुनिया को चौंकाया

Shortest Period Binary System

By: Ishan Verma (Founder & Editor, TheExamHub.in)
नई दिल्ली/बेंगलुरु | 19 मई

भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ‘स्टेलर इवोल्यूशन (Stellar Evolution)’ यानी तारों के विकास के सिद्धांत में एक ऐसी ऐतिहासिक खोज की है, जो दुनिया भर के खगोलविदों (Astronomers) की समझ को पूरी तरह से बदल कर रख देगी।

भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने दुनिया में पहली बार एक ऐसे Shortest Period Binary System (सबसे छोटे ऑर्बिटल पीरियड वाले स्टेलर बाइनरी सिस्टम) की प्रामाणिक खोज की है, जिसमें एक ‘ब्लू स्ट्रैगलर (Blue Straggler)’ तारा और उसका साथी ‘ब्राउन ड्वार्फ (Brown Dwarf)’ एक साथ मौजूद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC/CGPSC) के ‘साइंस एंड टेक (Science & Tech)’ पेपर के लिए यह इस साल की सबसे बड़ी ‘डिस्कवरी’ है। आइए डिकोड करते हैं इस स्पेस मिस्ट्री को!

क्या है ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ और ‘ब्राउन ड्वार्फ’ का यह रहस्य?

UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को इन दोनों खगोलीय पिंडों (Astronomical objects) का मतलब पता होना चाहिए:

  • ब्लू स्ट्रैगलर तारा (Blue Straggler Star – BSS): ये वो तारे होते हैं जो स्टार क्लस्टर (तारों के समूह) में अपने साथी तारों की तुलना में अधिक चमकीले, नीले और ‘जवान’ दिखाई देते हैं। ये विज्ञान के सामान्य ‘स्टेलर इवोल्यूशन’ के नियमों को तोड़ते हैं, क्योंकि एक क्लस्टर के सभी तारों की उम्र लगभग समान होनी चाहिए।
  • ब्राउन ड्वार्फ (Brown Dwarf – BD): इसे ‘असफल तारा (Failed Star)’ भी कहा जाता है। यह एक ऐसा पिंड है जिसका द्रव्यमान (Mass) ग्रहों (Planets) से ज्यादा होता है, लेकिन एक ‘सच्चे तारे’ की तरह जलने (Ignite) के लिए यह बहुत छोटा होता है।

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सिर्फ 5.6 घंटे का ऑर्बिटल पीरियड और ‘ब्राउन ड्वार्फ डेजर्ट’

इस खोज को दुनिया की सबसे दुर्लभ (Rare) खोज क्यों माना जा रहा है?

  • रिकॉर्ड-तोड़ समय: वैज्ञानिकों ने पाया कि यह बाइनरी सिस्टम (जहां दो खगोलीय पिंड एक-दूसरे का चक्कर लगाते हैं) बेहद करीब (Compact) है। इसका ‘ऑर्बिटल पीरियड’ केवल 5.6 घंटे (0.234 दिन) है।
  • सबसे हल्का साथी: इस ‘ब्राउन ड्वार्फ’ का द्रव्यमान हमारे सूर्य (Sun) के द्रव्यमान का लगभग 0.056 गुना ही है, जो इसे अब तक खोजा गया सबसे हल्का ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ साथी बनाता है।
  • ब्राउन ड्वार्फ डेजर्ट: यह अनोखा सिस्टम उस अंतरिक्ष क्षेत्र में मिला है जिसे “ब्राउन ड्वार्फ डेजर्ट (Brown Dwarf Desert)” कहा जाता है, जहाँ ऐसे तारों का मिलना लगभग असंभव माना जाता था।

भारतीय संस्थानों की बड़ी भूमिका

यह ऐतिहासिक खोज भारत के ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST)‘ के इंस्पायर (INSPIRE) कार्यक्रम के तहत की गई है।
इस टीम में गौहाटी विश्वविद्यालयइंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) बेंगलुरुआर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) नैनीताल, और इटली की INAF-कैटेनिया वेधशाला के वैज्ञानिक शामिल थे। इस शोध को रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (MNRAS: Letters) की प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

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आगामी UPSC, SSC, Railway और State PSC परीक्षाओं के लिए इस खोज के महत्वपूर्ण बिंदु (Short Notes):

  • ऐतिहासिक खोज: ‘ब्लू स्ट्रैगलर (BSS)’ तारे के साथ ‘ब्राउन ड्वार्फ (BD)’ वाला सबसे छोटा बाइनरी सिस्टम (Shortest Period Binary System)।
  • ऑर्बिटल पीरियड (चक्कर लगाने का समय): मात्र 5.6 घंटे (0.234 दिन)।
  • ब्राउन ड्वार्फ (Brown Dwarf) क्या है: यह ग्रह से बड़ा और असली तारे से छोटा पिंड होता है (असफल तारा)।
  • भारतीय संस्थान जो खोज में शामिल रहे: IIA (बेंगलुरु), ARIES (नैनीताल) और गौहाटी यूनिवर्सिटी।

Shortest Period Binary System: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: अंतरिक्ष विज्ञान में ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ (Blue Straggler) तारे किन्हें कहा जाता है?
उत्तर: ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ वे रहस्यमयी तारे होते हैं जो स्टार क्लस्टर (तारों के समूह) में मौजूद अपने साथी तारों की तुलना में अधिक नीले, चमकीले और कम उम्र (जवान) के दिखाई देते हैं, जबकि पूरे क्लस्टर के तारों की उम्र एक समान होनी चाहिए।

प्रश्न 2: हाल ही में भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘ब्राउन ड्वार्फ डेजर्ट’ में कितने घंटे के ‘ऑर्बिटल पीरियड’ वाले बाइनरी सिस्टम की खोज की है?
उत्तर: भारतीय खगोलविदों की टीम ने ‘ब्लू स्ट्रैगलर’ और ‘ब्राउन ड्वार्फ’ वाले दुनिया के सबसे छोटे (Compact) बाइनरी सिस्टम की खोज की है, जिसका ऑर्बिटल पीरियड मात्र 5.6 घंटे (0.234 दिन) है।


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