Published on July 17, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ ने मातृत्व सुरक्षा, शिशु स्वास्थ्य और महिला कल्याण के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। गर्भवती और धात्री माताओं के पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में संचालित PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 के तहत एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के सबसे अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक रिकॉर्ड 14 लाख 49 हजार 309 पात्र माताओं का सफल पंजीकरण किया जा चुका है। इन सभी पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से 558.93 करोड़ रुपये से अधिक की मातृत्व सहायता राशि सीधे और पारदर्शी ढंग से ट्रांसफर की जा चुकी है। PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 की यह अभूतपूर्व गति दर्शाती है कि राज्य की सुदृढ़ प्रशासनिक संरचना और समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुँचाने में कितनी सफल रही हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य सेवा परीक्षाओं (जैसे CGPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 की यह सफलता, भारत में स्वास्थ्य नीतियां, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (GS Paper II) और सामाजिक क्षेत्र की विकास योजनाओं (GS Paper III) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम इस मातृत्व योजना के नवीन तकनीकी दिशा-निर्देशों (PMMVY 2.0), शिशु स्वास्थ्य संकेतकों पर इसके प्रभावों, साइबर ठगी से बचाव के सुरक्षात्मक उपायों और परीक्षा उपयोगी सभी महत्वपूर्ण आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
PMMVY Chhattisgarh Progress 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
इस महत्वाकांक्षी मातृत्व सहायता योजना के क्रियान्वयन और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय कीर्तिमान से जुड़े प्रमुख आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण संकेतक | PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 के प्रमुख तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) – मातृत्व सहयोग योजना |
| राष्ट्रीय वैधानिक आधार | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत |
| संबद्ध मंत्रालय (राष्ट्रीय/राज्य) | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) / महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ |
| कुल सफल पंजीकरण (छत्तीसगढ़) | 14,49,309 पात्र हितग्राही माताएं |
| कुल डीबीटी हस्तांतरित राशि | 558.93 करोड़ रुपये से अधिक (प्रारंभ से अब तक) |
| योजना का केंद्रीय/राज्य वित्त अनुपात | सामान्यतः 60:40 (60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार का हिस्सा) |
| मुख्य तकनीकी बदलाव (PMMVY 2.0) | पहले बच्चे पर ₹5,000 और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 का एकमुश्त लाभ |
| सुरक्षात्मक चेतावनी | योजना के नाम पर ओटीपी (OTP) और बैंक खातों की साइबर ठगी से बचने की विशेष अपील |
PMMVY Chhattisgarh Progress 2026: राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) आधारित मातृत्व सहायता योजनाओं में से एक है। छत्तीसगढ़ में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन न केवल गर्भवती महिलाओं को पोषण सुरक्षा दे रहा है, बल्कि यह नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित बना रहा है।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली समयबद्ध वित्तीय सहायता ने राज्य में संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) को बढ़ावा दिया है और गर्भवती महिलाओं को मजदूरी के नुकसान की भरपाई (Wage Loss Compensation) करने में मदद की है। PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 की यह सफलता छत्तीसगढ़ को मातृ सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में देश भर के लिए एक अनुकरणीय राज्य के रूप में स्थापित करती है।
“छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य संकल्प केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व, बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 की सफलता हमारे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पित परिश्रम और पारदर्शी सुशासन का प्रमाण है।”— महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): संरचना और मुख्य प्रावधान (PMMVY 2.0)
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इस योजना के संरचनात्मक बदलावों और कानूनी प्रावधानों को समझना आवश्यक है। केंद्र सरकार ने इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) के अंतर्गत ‘PMMVY 2.0’ के रूप में संशोधित किया है:
1. पहले बच्चे के जन्म पर सहायता (₹5,000)
पहले बच्चे के जन्म पर पात्र महिलाओं को कुल 5,000 रुपये की राशि दो किस्तों में सीधे डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है:
- प्रथम किस्त (₹3,000): गर्भावस्था के शीघ्र पंजीकरण (Early Registration) और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच (ANC) कराने के बाद।
- द्वितीय किस्त (₹2,000): बच्चे के जन्म के पंजीकरण और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी जैसी आवश्यक शुरुआती टीकों का चक्र पूरा होने के बाद।
2. दूसरे बच्चे के जन्म पर विशेष सहायता (₹6,000)
देश में लैंगिक अनुपात (Sex Ratio) में सुधार करने और कन्या भ्रूण हत्या (Female Foeticide) को रोकने के उद्देश्य से योजना के तहत एक अत्यंत क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। यदि परिवार में दूसरी संतान लड़की (Girl Child) होती है, तो महिला को एकमुश्त 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह प्रावधान बालिकाओं के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
3. पात्रता मानदंड और अपवर्जन
यह योजना उन सभी गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू है जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में नियमित रूप से कार्यरत नहीं हैं (क्योंकि ऐसी महिलाओं को सवैतनिक मातृत्व अवकाश का लाभ पहले से प्राप्त होता है)।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य संकेतकों (MMR & IMR) में सुधार
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों की विभिन्न केस स्टडीज और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 जैसी प्रत्यक्ष सहायता योजनाओं का स्वास्थ्य संकेतकों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है:
- मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी: समय पर मिलने वाले ₹5000-₹6000 से गरीब गर्भवती महिलाएं पौष्टिक भोजन (जैसे फल, दूध, दलहन) खरीद पा रही हैं, जिससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली एनीमिया (Anemia – खून की कमी) और कुपोषण की दर में भारी कमी आई है।
- शिशु मृत्यु दर (IMR) और कम वजन (Low Birth Weight) पर नियंत्रण: समय पर टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के कारण नवजात शिशुओं की जीवित रहने की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
- मजदूरी के नुकसान की भरपाई: भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब गर्भवती महिलाएं अंतिम दिनों तक भारी शारीरिक श्रम करने को विवश होती हैं। यह योजना उन्हें गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों में आराम करने का वित्तीय अवसर देती है, जिससे नवजात शिशु का विकास गर्भाशय में सही ढंग से हो पाता है।
साइबर अपराधियों की सक्रियता: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की चेतावनी
योजना की इस शानदार सफलता के बीच, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रदेश के नागरिकों, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को साइबर अपराधियों (Cyber Fraudsters) के प्रति विशेष रूप से सचेत किया है:
Chhattisgarh First e-Malkhana Kanker जैसी डिजिटल सुरक्षा पहलों के युग में भी साइबर ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कुछ जिलों से शिकायतें मिली हैं कि ठग स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर महिलाओं को फोन करते हैं और योजना की राशि ट्रांसफर करने के नाम पर उनसे ओटीपी (OTP), बैंक खाते की गुप्त जानकारी या प्रोसेसिंग फीस की मांग करते हैं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि:
- किसी भी अज्ञात व्यक्ति को फोन पर अपना ओटीपी या बैंक विवरण बिल्कुल साझा न करें।
- योजना पूरी तरह से निःशुल्क है; इसके पंजीकरण या राशि ट्रांसफर के लिए सरकार कभी भी किसी पैसे या प्रोसेसिंग फीस की मांग नहीं करती है।
- किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के आने पर तुरंत अपनी नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) या परियोजना कार्यालय से संपर्क करें और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
- महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में ‘डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा’ (Digital Literacy and Cybersecurity) का विशेष अभियान चलाएं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
यूपीएससी (UPSC CSE) और सीजीपीएससी (CGPSC) की मुख्य परीक्षाओं के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाएं) के दृष्टिकोण से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
CGPSC & UPSC Prelims Fact Box: PMMVY Chhattisgarh Progress 2026
- PMMVY का क्रियान्वयन: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 की धारा 4(b) के तहत यह एक वैधानिक योजना है।
- मिशन शक्ति (Mission Shakti): महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का एक एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, जिसके दो उप-घटक हैं—’संबल’ (सुरक्षा और संरक्षा के लिए) और ‘सामर्थ्य’ (सशक्तिकरण के लिए)। PMMVY ‘सामर्थ्य’ (Samarthya) उप-घटक का हिस्सा है।
- डीबीटी (Direct Benefit Transfer): यह लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पैसा भेजने की डिजिटल प्रणाली है।
UPSC & CGPSC Mains Analysis (GS Paper II & VI: सामाजिक न्याय एवं कल्याणकारी योजनाएं)
प्रश्न: “मातृत्व सहायता योजनाएं (जैसे PMMVY) केवल एक प्रत्यक्ष वित्तीय राहत नहीं हैं, बल्कि ये संकटापन्न समुदायों में कुपोषण के चक्र को तोड़ने और स्वस्थ मानव पूंजी (Human Capital) का निर्माण करने का सबसे मजबूत साधन हैं।” हाल ही में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित कीर्तिमानों और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 के तहत 14.49 लाख महिलाओं को ₹558.93 करोड़ की राशि के सफल हस्तांतरण के राष्ट्रीय कीर्तिमान से उत्तर प्रारंभ करें।
- पोषण और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव:
- कुपोषण के चक्र को तोड़ना: गर्भावस्था और प्रारंभिक स्तनपान के दौरान पौष्टिक आहार के लिए सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करना, जो एनीमिया और स्टंटिंग (Stunting) को रोकता है।
- शिशु सुरक्षा: दूसरी किस्त को शिशु के अनिवार्य टीकाकरण और जन्म पंजीकरण से जोड़ने के कारण बाल स्वास्थ्य संकेतकों (IMR) में तीव्र सुधार।
- लैंगिक समानता और सामाजिक सुरक्षा (SDG 5 & SDG 3):
- कन्या जन्म को प्रोत्साहन (PMMVY 2.0): दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 की नकद सहायता कन्या भ्रूण हत्या को हतोत्साहित करती है और बाल लिंगानुपात में सुधार लाती है।
- आर्थिक स्वावलंबन: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के कारण महिलाओं के पास स्वतंत्र वित्तीय नियंत्रण होना, जो उनके परिवार के भीतर निर्णय लेने की शक्ति को सुदृढ़ करता है।
- चुनौतियां और सुरक्षात्मक चिंताएं: सुदूर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण साइबर ठगी और फर्जी कॉल्स का बढ़ना, वनांचल क्षेत्रों में बैंकों और कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) की भौतिक दूरी, और योजना के बजटीय आवंटन के कुशल क्रियान्वयन की आवश्यकता।
- निष्कर्ष: यह निष्कर्ष दें कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक प्रगति सुशासन और महिला कल्याण का एक आदर्श वैश्विक उदाहरण है, जिसे अधिक से अधिक ‘डिजिटल सुरक्षा जागरूकता’ और ‘आंगनबाड़ी सुदृढ़ीकरण’ के साथ जोड़कर भारत के उज्ज्वल स्वास्थ्य भविष्य की मजबूत नींव बनाई जा सकती है।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
महिला एवं बाल स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संकेतकों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य जो परीक्षाओं में पूछे जाते हैं:
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013: इस ऐतिहासिक अधिनियम का उद्देश्य लोगों को वहनीय मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करके खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करना है। इसकी धारा 4(b) के तहत सभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को न्यूनतम ₹6,000 की मातृत्व सहायता का कानूनी अधिकार दिया गया है।
- मातृ मृत्यु अनुपात (MMR – Maternal Mortality Ratio): यह प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर गर्भावस्था या प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या है। भारत सरकार का लक्ष्य सतत विकास लक्ष्य 3.1 (SDG 3.1) के तहत इसे वर्ष 2030 तक 70 से कम करना है। छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में इसमें तीव्र गिरावट दर्ज की है।
- शिशु मृत्यु दर (IMR – Infant Mortality Rate): यह प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर एक वर्ष से कम आयु के शिशुओं की होने वाली मौतों की संख्या है। इसे कम करने में नवजात शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण (Immunisation) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- National Record: छत्तीसगढ़ ने 14.49 लाख से अधिक माताओं का सफल पंजीकरण कर मातृत्व सुरक्षा में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया।
- Total Financial Support: लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से कुल ₹558.93 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए गए।
- Scheme Outlay (PMMVY 2.0): पहले बच्चे के जन्म पर ₹5,000 (दो किस्तों में) और दूसरी संतान लड़की होने पर ₹6,000 का एकमुश्त नकद हस्तांतरण।
- Cyber Security warning: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने योजना के नाम पर होने वाले ओटीपी और बैंक विवरणों की साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
- Anatomy of Scheme: यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के ‘मिशन शक्ति’ के ‘सामर्थ्य’ (Samarthya) उप-घटक के तहत संचालित एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और कल्याणकारी विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने किस राष्ट्रीय योजना के तहत 14.49 लाख हितग्राहियों का पंजीकरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है?
(A) महतारी वंदन योजना
(B) प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
(C) नोनी सुरक्षा योजना
(D) सुपोषित जननी योजना
उत्तर: (B) प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी क्रियान्वयन में नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए 14.49 लाख से अधिक गर्भवती व धात्री महिलाओं का सफल पंजीकरण किया है।
प्रश्न 2: संशोधित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY 2.0) के तहत, परिवार में दूसरी संतान ‘बालिका’ (Girl Child) होने पर कितनी वित्तीय सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है?
(A) 3,000 रुपये
(B) 5,000 रुपये
(C) 6,000 रुपये
(D) 10,000 रुपये
उत्तर: (C) 6,000 रुपये
व्याख्या: कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने और बाल लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए योजना के तहत दूसरी संतान लड़की होने पर एकमुश्त ₹6,000 की मातृत्व सहायता सीधे प्रदान की जाती है।
प्रश्न 3: ‘PMMVY Chhattisgarh Progress 2026’ की वर्तमान उपलब्धियों के अनुसार, अब तक राज्य की माताओं के खातों में डीबीटी के जरिए कुल कितने करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं?
(A) 320.50 करोड़ रुपये
(B) 450.00 करोड़ रुपये
(C) 558.93 करोड़ रुपये
(D) 650.25 करोड़ रुपये
उत्तर: (C) 558.93 करोड़ रुपये
व्याख्या: महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक पंजीकृत 14.49 लाख से अधिक माताओं के खातों में सीधे ₹558.93 करोड़ ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
प्रश्न 4: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) को राष्ट्रीय स्तर पर किस व्यापक एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत एक घटक के रूप में शामिल किया गया है?
(A) सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0
(B) मिशन वात्सल्य (Mission Vatsalya)
(C) मिशन शक्ति (Mission Shakti)
(D) राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन
उत्तर: (C) Mission Shakti (मिशन शक्ति)
व्याख्या: PMMVY को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘मिशन शक्ति’ के ‘सामर्थ्य’ (Samarthya) उप-घटक के तहत एक महत्वपूर्ण मातृत्व सहयोग योजना के रूप में संचालित किया जा रहा है।
प्रश्न 5: हाल ही में किस कानून के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को न्यूनतम ₹6,000 की मातृत्व सहायता का वैधानिक (Statutory) और कानूनी अधिकार दिया गया है?
(A) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
(B) मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017
(C) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
(D) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
उत्तर: (A) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
व्याख्या: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 की धारा 4(b) के तहत सभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को न्यूनतम ₹6,000 की मातृत्व नकद सहायता पाने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 क्या है?
PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के तहत हासिल की गई ऐतिहासिक प्रगति का विवरण है। इसके तहत राज्य ने 14.49 लाख से अधिक माताओं का सफल पंजीकरण किया है और ₹558.93 करोड़ की मातृत्व सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिए के ट्रांसफर कर राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।
Q2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार के लिए नकद सहायता प्रदान करना है, ताकि मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम किया जा सके और महिलाओं को उनके पहले और दूसरे बच्चे के जन्म के समय मजदूरी के नुकसान की भरपाई की जा सके।
Q3. PMMVY 2.0 के तहत मिलने वाली सहायता राशि का क्या नियम है?
संशोधित योजना के तहत, पहले बच्चे के जन्म पर महिलाओं को दो किस्तों में कुल ₹5,000 प्रदान किए जाते हैं। वहीं, कन्या जन्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यदि परिवार की दूसरी संतान लड़की होती है, तो महिला को एकमुश्त ₹6,000 की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
Q4. महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इस योजना को लेकर साइबर ठगी की क्या चेतावनी दी है?
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चेतावनी दी है कि कुछ साइबर ठग योजना के लाभार्थियों को फर्जी फोन कॉल करके उनके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी, ओटीपी (OTP) या प्रोसेसिंग फीस की मांग कर रहे हैं। योजना पूरी तरह से निःशुल्क है; किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करें।
Q5. यदि किसी महिला को योजना के नाम पर संदिग्ध कॉल आए, तो उसे क्या करना चाहिए?
ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में महिला को तुरंत अपनी निकटतम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय या स्थानीय पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदर्शित की गई यह ऐतिहासिक प्रगति PMMVY Chhattisgarh Progress 2026 राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के सफल अनुप्रयोग का एक जीवंत प्रतीक है। 14.49 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को ₹558.93 करोड़ की नकद सहायता सीधे और पारदर्शी रूप से पहुँचाना यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
योजना के संशोधित चरण (PMMVY 2.0) के तहत दूसरी संतान ‘बालिका’ होने पर ₹6,000 की वित्तीय सहायता देना न केवल कन्या भ्रूण हत्या जैसी रूढ़ियों पर कड़ा प्रहार करता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बाल लिंगानुपात को भी संतुलित बनाएगा। यद्यपि इस तकनीकी प्रगति के बीच उभर रही साइबर ठगी की चुनौतियां गंभीर हैं, परंतु मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ‘डिजिटल साक्षरता’ और ‘साइबर सुरक्षा’ का प्रसार इस चुनौती को भी प्रभावी ढंग से समाप्त करेगा। सुशासन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य का यह एकीकृत दृष्टिकोण अंततः छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वस्थ और सामाजिक रूप से सुरक्षित राज्य बनाकर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत @ 2047’ के हमारे बड़े राष्ट्रीय सपनों को धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत सामाजिक और नैतिक पूंजी साबित होगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)