रायपुर, 26 अगस्त 2026: गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और मातृत्व संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) छत्तीसगढ़ में माताओं के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल बन रही है। रायगढ़ जिले में वर्ष 2023-24 से अब तक 27,049 महिलाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक 4,432 नई महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) |
| प्रथम संतान पर सहायता | ₹5,000 (₹3,000 पहली किस्त + ₹2,000 दूसरी किस्त) |
| द्वितीय संतान (बालिका) पर | ₹6,000 (एकमुश्त) |
| भुगतान माध्यम | डीबीटी (Direct Benefit Transfer) — सीधे बैंक खाते में |
| रायगढ़ — कुल लाभार्थी (2023-24 से) | 27,049 महिलाएं |
| रायगढ़ — 2026-27 में नई एंट्री (18 अगस्त तक) | 4,432 (प्रथम संतान: 3,324; द्वितीय बालिका: 1,108) |
| अपात्र | 18 वर्ष से कम आयु, शासकीय कर्मचारी |
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योजना की आर्थिक सहायता: कितनी राशि, कैसे मिलती है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिलाओं को निम्नानुसार आर्थिक सहायता दी जाती है:
| स्थिति | कुल राशि | किस्त |
|---|---|---|
| प्रथम जीवित संतान | ₹5,000 | पहली किस्त: ₹3,000; दूसरी किस्त: ₹2,000 |
| द्वितीय संतान (यदि बालिका) | ₹6,000 | एकमुश्त |
राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
रायगढ़ जिले के आंकड़े
रायगढ़ जिले में योजना की प्रगति:
- 2023-24 से अब तक: 27,049 महिलाएं लाभान्वित
- 2026-27 (18 अगस्त तक): 4,432 नई महिलाएं जुड़ीं (प्रथम संतान: 3,324; द्वितीय बालिका: 1,108)
परियोजनावार आंकड़े (2026-27):
| परियोजना | नई महिलाएं |
|---|---|
| खरसिया | 607 |
| रायगढ़ ग्रामीण | 600 |
| धरमजयगढ़ | 528 |
| रायगढ़ शहरी | 500 |
| पुसौर | 495 |
| तमनार | 457 |
| कापू | 378 |
| घरघोड़ा | 342 |
| लैलूंगा | 288 |
| मुकडेगा | 237 |
पात्रता: कौन-सी महिलाएं ले सकती हैं लाभ?
निर्धारित पात्रता के अनुसार निम्नलिखित महिलाएं योजना का लाभ ले सकती हैं:
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं
- 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) राशन कार्ड धारक
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat) की लाभार्थी
- ई-श्रम कार्ड धारक
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के राशन कार्ड धारक
- 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं
- गर्भवती एवं धात्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ता
अपात्र: 18 वर्ष से कम आयु की महिलाएं तथा शासकीय कर्मचारी योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
- आधार कार्ड अथवा आधार संख्या
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card)
- बैंक खाते की जानकारी
- पात्रता के अनुसार: राशन कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र अथवा आय प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण परिभाषाएं
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): केंद्र सरकार की मातृत्व लाभ योजना, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह योजना 1 जनवरी 2017 से लागू है।
- डीबीटी (Direct Benefit Transfer): प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण — सरकारी योजनाओं की राशि को बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की प्रणाली।
- धात्री महिला: स्तनपान कराने वाली माता (जिसने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है)।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ता, जो पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य और बाल विकास संबंधी सेवाएं प्रदान करती हैं।
PMMVY: व्यापक संदर्भ
(विश्लेषण)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो 1 जनवरी 2017 से पूरे देश में लागू है। इसका उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आय में कमी की आंशिक क्षतिपूर्ति करना, पोषण में सुधार करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है।
रायगढ़ जिले में 27,049 महिलाओं का लाभान्वित होना एक सकारात्मक आंकड़ा है। 2026-27 में 4,432 नई महिलाओं का जुड़ना योजना की निरंतरता को दर्शाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले के माध्यम से पात्र महिलाओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, कुछ बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
- राशि की पर्याप्तता: प्रथम संतान पर ₹5,000 और द्वितीय बालिका पर ₹6,000 की राशि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाले खर्च के सापेक्ष सीमित है। यह राशि आंशिक सहायता के रूप में कार्य करती है, पूर्ण मातृत्व सुरक्षा के रूप में नहीं।
- द्वितीय संतान पर शर्त: द्वितीय संतान पर ₹6,000 की सहायता केवल बालिका होने पर मिलती है। यह बालिका के प्रति सकारात्मक भेदभाव (positive discrimination) का प्रयास है, लेकिन द्वितीय पुत्र होने पर कोई सहायता नहीं मिलती।
- कवरेज: रायगढ़ जिले में 27,049 लाभार्थी एक अच्छा आंकड़ा है, लेकिन यह जिले की कुल गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का कितना प्रतिशत है, यह जानना भी आवश्यक है।
- जागरूकता: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में अभी भी कई पात्र महिलाएं योजना से वंचित हो सकती हैं।
UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु
यह विषय CGPSC पेपर-2 (सामाजिक न्याय, महिला स्वास्थ्य) और पेपर-4 (शासन व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाएं) तथा UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय) के लिए प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:
- PMMVY — केंद्र प्रायोजित मातृत्व लाभ योजना
- डीबीटी और पारदर्शिता
- मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा
- बालिका के प्रति सकारात्मक भेदभाव — द्वितीय बालिका पर अतिरिक्त राशि
- आंगनबाड़ी तंत्र और योजना क्रियान्वयन
तीन प्रमुख बातें
- रायगढ़ में 27,049 महिलाएं लाभान्वित: 2023-24 से अब तक रायगढ़ जिले में 27,049 महिलाओं को PMMVY का लाभ मिला। 2026-27 में 18 अगस्त तक 4,432 नई महिलाएं जुड़ीं।
- आर्थिक सहायता: प्रथम संतान पर ₹5,000 (दो किस्तों में), द्वितीय संतान बालिका होने पर ₹6,000 (एकमुश्त)। डीबीटी से सीधे बैंक खाते में।
- आंगनबाड़ी तंत्र की भूमिका: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले के माध्यम से पात्र महिलाओं को योजना की जानकारी, पंजीयन और दस्तावेज प्रक्रिया में सहायता दी जा रही है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान पर कुल कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है?
(A) ₹3,000
(B) ₹5,000
(C) ₹6,000
(D) ₹10,000
उत्तर: (B) ₹5,000
व्याख्या: प्रथम जीवित संतान पर कुल ₹5,000 की सहायता दी जाती है — पहली किस्त ₹3,000 और दूसरी किस्त ₹2,000।
प्रश्न 2: रायगढ़ जिले में 2026-27 में कितनी नई महिलाओं को PMMVY से जोड़ा गया (18 अगस्त तक)?
(A) 3,324
(B) 4,000
(C) 4,432
(D) 27,049
उत्तर: (C) 4,432
व्याख्या: 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक रायगढ़ जिले में 4,432 नई महिलाओं को योजना से जोड़ा गया।
प्रश्न 3: PMMVY में द्वितीय संतान पर ₹6,000 की सहायता किस स्थिति में मिलती है?
(A) द्वितीय संतान पुत्र होने पर
(B) द्वितीय संतान बालिका होने पर
(C) द्वितीय संतान जुड़वां होने पर
(D) हर स्थिति में
उत्तर: (B) द्वितीय संतान बालिका होने पर
व्याख्या: द्वितीय संतान बालिका होने पर एकमुश्त ₹6,000 की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) क्या है?
PMMVY केंद्र सरकार की मातृत्व लाभ योजना है, जो 1 जनवरी 2017 से लागू है। इसके तहत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रथम संतान पर ₹5,000 और द्वितीय संतान बालिका होने पर ₹6,000 दिए जाते हैं।
Q2. रायगढ़ जिले में कितनी महिलाओं को PMMVY का लाभ मिला है?
रायगढ़ जिले में वर्ष 2023-24 से अब तक 27,049 महिलाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त तक 4,432 नई महिलाओं को जोड़ा गया है।
Q3. PMMVY में कौन-सी महिलाएं अपात्र हैं?
18 वर्ष से कम आयु की महिलाएं और शासकीय कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
Q4. PMMVY में आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और पात्रता के अनुसार राशन कार्ड, ई-श्रम कार्ड, जाति/आय/दिव्यांगता प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज आवश्यक हैं।
स्रोत
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 26 अगस्त 2026, रायपुर।