Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana: जांजगीर-चांपा के 277 तीर्थयात्री पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर रवाना; सीएम साय सरकार का निःशुल्क उपहार

Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana

रायपुर, 24 अक्टूबर: प्रदेश के बुजुर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से निर्बल परिवारों के जीवन में तीर्थाटन के पावन संकल्प को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की पहल निरंतर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व में संचालित Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana (मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना) के तहत जांजगीर-चांपा जिले के 277 श्रद्धालुओं का विशेष जत्था चांपा रेलवे स्टेशन से ओडिशा के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के लिए रवाना हुआ। 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय निःशुल्क यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की पावन नगरी पुरी, कोणार्क के विश्वविख्यात सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर के ऐतिहासिक शिवालयों का दर्शन-पूजन करेंगे। रेलवे स्टेशन पर आयोजित गरिमामय समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana’: जांजगीर-चांपा के चांपा रेलवे स्टेशन से 277 तीर्थयात्रियों की विशेष ट्रेन रवाना।
  • ओडिशा के 3 प्रमुख धाम: श्रद्धालु करेंगे जगन्नाथ पुरी, कोणार्क सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर के पावन दर्शन।
  • 4 दिवसीय निःशुल्क धार्मिक यात्रा: 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक राज्य शासन के सौजन्य से संचालित।
  • मुकम्मल VIP व्यवस्थाएं: श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन यात्रा, शुद्ध भोजन, होटल आवास, सुरक्षा और ऑन-बोर्ड मेडिकल टीम उपलब्ध।
  • हरी झंडी दिखाकर किया रवाना: जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी व जनप्रतिनिधियों ने दी मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं।
  • श्रद्धालुओं ने जताया आभार: कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते जो यात्रा असंभव थी, सीएम साय सरकार ने उसे बनाया साकार।

Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana: बुजुर्गों की आस्था को मिला सरकारी संबल

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई यह योजना सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से वरदान साबित हो रही है।

Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana के माध्यम से राज्य सरकार उन गरीब व असहाय वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के निःशुल्क दर्शन का सुअवसर प्रदान कर रही है, जो जीवन भर इच्छा रखने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण तीर्थ यात्रा पर नहीं जा पाते थे। योजना का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उनकी आध्यात्मिक अभिलाषाओं को शासन के खर्चे पर पूरा करना है।

4 दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा का स्वरूप: जगन्नाथ पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर

जांजगीर-चांपा जिले से रवाना हुए इस 277 सदस्यीय जत्थे के लिए प्रशासन द्वारा विस्तृत और सुव्यवस्थित यात्रा कार्यक्रम तैयार किया गया है:

  • श्री जगन्नाथ धाम, पुरी: तीर्थयात्री पुरी पहुंचकर महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन करेंगे तथा समुद्र तट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
  • कोणार्क सूर्य मंदिर: 13वीं शताब्दी की वास्तुकला के अप्रतिम प्रतीक और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कोणार्क सूर्य मंदिर का शैक्षणिक व सांस्कृतिक भ्रमण करेंगे।
  • मंदिरों की नगरी भुवनेश्वर: यात्रा के अंतिम पड़ाव में श्रद्धालु राजधानी भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर सहित अन्य प्राचीन व ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन लाभ प्राप्त करेंगे।

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भोजन, आवास से लेकर मेडिकल तक की चाक-चौबंद व्यवस्था

प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक अथवा मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े:

  • निःशुल्क खान-पान व ठहरना: यात्रा की पूरी अवधि में यात्रियों के लिए सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर दोनों समय का सात्विक भोजन और रात्रि विश्राम के लिए सुरक्षित धर्मशाला/होटलों का प्रबंध किया गया है।
  • चिकित्सा व सुरक्षा दल तैनात: ट्रेन में प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन दवाओं के साथ पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद है। साथ ही श्रद्धालुओं की मदद के लिए प्रशासनिक नोडल अधिकारी और सुरक्षा कर्मी दल के साथ चल रहे हैं।

‘सालों पुराना सपना हुआ पूरा’: श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय का जताया आभार

चांपा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार होते समय बुजुर्गों की आंखों में खुशी और कृतज्ञता के आंसू छलक आए। कई ग्रामीण बुजुर्गों ने बताया कि सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे कभी जगन्नाथ पुरी जाने का खर्च नहीं उठा सकते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके लिए श्रवण कुमार बनकर आई है और उनके जीवन का सबसे बड़ा धार्मिक स्वप्न पूरा कर रही है।

“मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना हमारे बुजुर्गों और जरूरतमंद नागरिकों के लिए ईश्वर के वरदान के समान है। जिन वृद्धजनों के पास साधन नहीं थे, उन्हें पूरे सम्मान, सुरक्षा और आत्मीयता के साथ भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराना विष्णु देव साय सरकार की संवेदनशील सोच का परिचायक है। यात्रा में शामिल सभी 277 श्रद्धालुओं को मंगलमय और सुखद तीर्थाटन की शुभकामनाएं।”— इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, अध्यक्ष, जिला पंचायत जांजगीर-चांपा

रेलवे स्टेशन पर उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी

चांपा रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों के विदाई समारोह में क्षेत्रीय नेतृत्व और प्रशासनिक अमला उत्साहपूर्वक शामिल हुआ:

  • प्रमुख जनप्रतिनिधि: जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रदीप नामदेव।
  • जिला पंचायत सदस्यगण: श्रीमती उमा राजेन्द्र राठौर, श्री राज कुमार साहू।
  • विशिष्ट अतिथि: इंजी. रवि पांडेय सहित स्थानीय पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक।
  • प्रशासनिक प्रतिनिधि: जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, चांपा रेलवे स्टेशन प्रबंधन एवं पुलिस बल।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना (जांजगीर-चांपा जत्था): एक नजर में

  • योजना का नाम: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना (CG Mukhyamantri Teerth Yatra)
  • लाभान्वित तीर्थयात्री: 277 वरिष्ठ श्रद्धालु (जांजगीर-चांपा जिला)
  • प्रस्थान स्थल व तिथि: चांपा रेलवे स्टेशन (24 अक्टूबर 2026)
  • तीर्थ गंतव्य: जगन्नाथ पुरी, कोणार्क सूर्य मंदिर एवं भुवनेश्वर (ओडिशा)
  • यात्रा की अवधि: 4 दिवसीय (23 से 26 अक्टूबर 2026)
  • प्रदत्त सुविधाएं: रेल टिकट, सात्विक भोजन, होटल आवास, चिकित्सा जांच व सुरक्षा (शत-प्रतिशत निःशुल्क)
  • हरी झंडी प्रदाता: जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव
  • मार्गदर्शक नेतृत्व: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ शासन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana के तहत चांपा से कितने श्रद्धालु रवाना हुए?

Mukhyamantri Teerth Yatra Yojana के तहत जांजगीर-चांपा जिले के 277 तीर्थयात्रियों का विशेष जत्था चांपा रेलवे स्टेशन से ओडिशा तीर्थ दर्शन के लिए रवाना किया गया।

इस यात्रा में श्रद्धालुओं को किन-किन धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं?

चार दिवसीय यात्रा के दौरान श्रद्धालु पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर के प्रमुख देवालयों का दर्शन करेंगे।

क्या तीर्थयात्रियों को यात्रा या भोजन के लिए कोई शुल्क देना होता है?

नहीं, यह पूरी तरह निःशुल्क है। यात्रा का संपूर्ण खर्च, जिसमें रेल किराया, होटल में ठहरना, दोनों समय का भोजन, सुरक्षा और चिकित्सीय सुविधाएं शामिल हैं, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाता है।

इस यात्रा की अवधि और तारीखें क्या हैं?

यह यात्रा 4 दिवसीय है, जो 23 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है।

आधिकारिक स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / जिला जनसंपर्क कार्यालय (PRO) जांजगीर-चांपा / समाज कल्याण विभाग

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