नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026: आईएनएस निपुण, निस्तर-श्रेणी (Nistar-class) का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV), 31 अगस्त 2026 को नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में कमीशन किया जाएगा। यह जहाज हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेषीकृत जहाज की तैनाती भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र में गोताखोरी और जलमग्न सहायता क्षमताओं को मजबूती प्रदान करेगी।
जहाज का निर्माण पूरा होने और व्यापक परीक्षण कार्यक्रम के बाद इसे 30 जुलाई 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। कमीशनिंग के साथ ही यह जहाज निर्माण चरण से परिचालन सेवा में प्रवेश करेगा।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| जहाज का नाम | आईएनएस निपुण (INS Nipun) |
| श्रेणी | निस्तर-श्रेणी (Nistar-class) डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) |
| कमीशनिंग तिथि | 31 अगस्त 2026 |
| कमीशनिंग स्थान | नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई |
| निर्माता | हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम |
| डिलीवरी तिथि | 30 जुलाई 2026 |
| प्रमुख क्षमताएं | गहरे समुद्र में गोताखोरी, जलमग्न हस्तक्षेप, पनडुब्बी बचाव सहायता |
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निस्तर-श्रेणी का दूसरा जहाज: आईएनएस निपुण की प्रमुख विशेषताएं
आईएनएस निपुण एक उद्देश्य-निर्मित (Purpose-built) मंच है, जिसे गोताखोरी और जलमग्न अभियानों की एक विस्तृत श्रृंखला को सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, इस जहाज में निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएं हैं:
- आधुनिक गोताखोरी प्रणालियां: समुद्र में कठिन परिस्थितियों में गोताखोरों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए आधुनिक डाइविंग सिस्टम और जलमग्न हस्तक्षेप क्षमताएं
- पनडुब्बी बचाव सहायता: यह जहाज भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव अभियानों (Submarine Rescue Operations) को सहायता प्रदान करने की क्षमता को भी बढ़ाएगा
- नेविगेशन और स्टेशन कीपिंग: नेविगेशन, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और सटीक स्थिति बनाए रखने (Precise Station Keeping) के लिए आधुनिक प्रणालियां
- चिकित्सा सहायता सुविधाएं: गोताखोरी और जलमग्न अभियानों के दौरान चिकित्सा सहायता के लिए विशेष सुविधाएं
पीआईबी के अनुसार, ये क्षमताएं आईएनएस निपुण को सतह के नीचे जटिल अभियानों के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाती हैं।
स्वदेशी जहाज निर्माण में हिंदुस्तान शिपयार्ड की भूमिका
आईएनएस निपुण का स्वदेशी डिज़ाइन और निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा किया गया है। पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, यह जहाज रक्षा जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विशेषीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत जहाज का स्वदेशी निर्माण देश के जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण परिभाषाएं
- डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV): यह एक विशेषीकृत नौसैनिक जहाज होता है जिसे गहरे समुद्र में गोताखोरी अभियानों, जलमग्न हस्तक्षेप (Underwater Intervention) और पनडुब्बी बचाव जैसे कार्यों के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
- निस्तर-श्रेणी (Nistar-class): भारतीय नौसेना की स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल श्रेणी, जिसका निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। आईएनएस निपुण इस श्रेणी का दूसरा जहाज है।
- स्टेशन कीपिंग (Station Keeping): समुद्र में किसी निश्चित स्थान पर जहाज को सटीक रूप से स्थिर रखने की क्षमता, जो गोताखोरी और जलमग्न अभियानों के लिए आवश्यक है।
भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र क्षमताओं पर प्रभाव
(विश्लेषण)
आईएनएस निपुण की कमीशनिंग भारतीय नौसेना की गहरे समुद्र में विशेष गोताखोरी और जलमग्न अभियान क्षमताओं को और मजबूत करेगी। पनडुब्बी बचाव अभियान (Submarine Rescue Operations) एक अत्यंत विशिष्ट और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य है, और इसके लिए समर्पित मंचों की उपलब्धता किसी भी नौसेना की परिचालन तत्परता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके साथ ही, इस जहाज का स्वदेशी निर्माण भारत के रक्षा जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। तकनीकी रूप से उन्नत और विशेषीकृत जहाजों का देश में निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पीआईबी विज्ञप्ति में इस जहाज की तकनीकी विशिष्टियों (जैसे विस्थापन, लंबाई, गोताखोरी की गहराई) का विवरण नहीं दिया गया है।
UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु
यह विषय UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-3 (रक्षा प्रौद्योगिकी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, सुरक्षा से जुड़े मुद्दे) तथा CGPSC पेपर-2 (रक्षा और सुरक्षा) के लिए प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:
- भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव क्षमताएं
- स्वदेशी रक्षा जहाज निर्माण और ‘मेक इन इंडिया’
- हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) की भूमिका
- गहरे समुद्र में गोताखोरी और जलमग्न अभियान
- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
तीन प्रमुख बातें
- स्वदेशी निर्माण: आईएनएस निपुण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित निस्तर-श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल है, जो 31 अगस्त 2026 को मुंबई में कमीशन होगा।
- पनडुब्बी बचाव क्षमता: यह जहाज भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव अभियानों को सहायता प्रदान करने की क्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही गहरे समुद्र में गोताखोरी और जलमग्न हस्तक्षेप के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा।
- रक्षा आत्मनिर्भरता: इस तकनीकी रूप से उन्नत और विशेषीकृत जहाज का स्वदेशी निर्माण देश के जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: आईएनएस निपुण, जिसे अगस्त 2026 में कमीशन किया जाएगा, किस श्रेणी का जहाज है?
(A) शालिका-श्रेणी
(B) निस्तर-श्रेणी (Nistar-class)
(C) तलवार-श्रेणी
(D) कमोर्टा-श्रेणी
उत्तर: (B) निस्तर-श्रेणी (Nistar-class)
व्याख्या: आईएनएस निपुण निस्तर-श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) है, जिसे 31 अगस्त 2026 को नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में कमीशन किया जाएगा।
प्रश्न 2: आईएनएस निपुण का निर्माण किस शिपयार्ड द्वारा किया गया है?
(A) मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड
(B) गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स
(C) हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम
(D) कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
उत्तर: (C) हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम
व्याख्या: आईएनएस निपुण को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. आईएनएस निपुण क्या है और इसे कब कमीशन किया जाएगा?
आईएनएस निपुण निस्तर-श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) है, जिसे 31 अगस्त 2026 को नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में कमीशन किया जाएगा। यह गहरे समुद्र में गोताखोरी, जलमग्न हस्तक्षेप और पनडुब्बी बचाव अभियानों के लिए एक विशेषीकृत मंच है।
Q2. आईएनएस निपुण का निर्माण किसने किया है?
आईएनएस निपुण को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। इसे 30 जुलाई 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था।
Q3. डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) क्या होता है?
डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) एक विशेषीकृत नौसैनिक जहाज होता है जिसे गहरे समुद्र में गोताखोरी अभियानों, जलमग्न हस्तक्षेप और पनडुब्बी बचाव जैसे कार्यों के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसमें आधुनिक गोताखोरी प्रणालियां, नेविगेशन सिस्टम और चिकित्सा सहायता सुविधाएं होती हैं।
Q4. आईएनएस निपुण की प्रमुख क्षमताएं क्या हैं?
पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, आईएनएस निपुण में आधुनिक गोताखोरी प्रणालियां, जलमग्न हस्तक्षेप क्षमताएं, पनडुब्बी बचाव सहायता, सटीक स्टेशन कीपिंग, आधुनिक नेविगेशन और प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणालियां तथा चिकित्सा सहायता सुविधाएं शामिल हैं।
स्रोत
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार — ‘Indian Navy Set to Commission Second Indigenous Diving Support Vessel Nipun’, 25 अगस्त 2026।
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