CG Rajyotsava Day 2 Night: स्वास्ति मेहुल के भजनों और कंचन जोशी के गीतों से सजी शाम; ‘मैं अयोध्या हूं’ नाटक ने बांधा समां

CG Rajyotsava Day 2 Night CG Rajyotsava Day 2 Night

नवा रायपुर, 02 नवम्बर: छत्तीसगढ़ के 26वें राज्य स्थापना दिवस (राज्योत्सव 2026) के दूसरे दिन नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में कला, भक्ति, शास्त्रीय परंपरा और लोक-संस्कृति का विहंगम दृश्य देखने को मिला। मुख्य मंच और शिल्पग्राम में आयोजित कार्यक्रमों ने हजारों दर्शकों को भारतीय संस्कृति की सनातन विरासत और छत्तीसगढ़िया माटी के सोंधेपन से सराबोर कर दिया। CG Rajyotsava Day 2 Night (छत्तीसगढ़ राज्योत्सव द्वितीय सांस्कृतिक संध्या) के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मंच पर उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया। संध्या का मुख्य आकर्षण अयोध्या की ऐतिहासिक व आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित एक घंटे का भव्य नाट्य मंचन ‘मैं अयोध्या हूं’ रहा। वहीं, ‘राम आएंगे’ फेम मशहूर गायिका सुश्री स्वास्ति मेहुल के भक्ति रस और कंचन जोशी के पारंपरिक छत्तीसगढ़ी तरानों ने देर रात तक समां बांधे रखा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘CG Rajyotsava Day 2 Night’: नवा रायपुर में भक्ति, शास्त्रीय कला और लोक संगीत के रंगों से सजी राज्योत्सव की दूसरी शाम।
  • राज्यपाल श्री रमेन डेका रहे मुख्य अतिथि: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोककलाकारों और संगीतज्ञों का किया सम्मान।
  • ‘मैं अयोध्या हूं’ का भव्य नाट्य मंचन: एक घंटे के नाटक में राम मंदिर निर्माण, आस्था और गौरवशाली इतिहास जीवंत।
  • स्वास्ति मेहुल की सुरीली भक्ति धारा: ‘राम आएंगे…’ और ‘कान्हा आन बसो वृंदावन…’ पर भावविभोर हुए दर्शक।
  • कंचन जोशी के छत्तीसगढ़ी गीतों पर झूमे लोग: ‘सोन के नथनी’ और ‘मया के चिन्हारी’ पर दर्शकों ने जमकर लगाई तालियां।
  • शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, गजल और सूफी संगीत की बिखरी छटा।

CG Rajyotsava Day 2 Night: ‘मैं अयोध्या हूं’ नाटक से जीवंत हुआ भारतीय सांस्कृतिक वैभव

मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ के साथ हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

CG Rajyotsava Day 2 Night के दौरान मंचित इस एक घंटे के प्रभावशाली नाटक में अयोध्या के प्राचीन इतिहास, धार्मिक महत्व, संघर्षों और नवनिर्मित भव्य श्रीराम मंदिर के गौरवशाली कालखंड को अत्यंत सजीव अभिनय और डिजिटल विजुअल्स के साथ प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के सशक्त संवाद, पारंपरिक वेशभूषा और आध्यात्मिक भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को भावुक कर दिया। पूरे सभागार में ‘जय श्रीराम’ के जयकारे गूंज उठे और दर्शक सनातन संस्कृति की इस गौरवगाथा के साक्षी बने।

‘राम आएंगे’ फेम स्वास्ति मेहुल ने बिखेरा भक्ति रस, कंचन जोशी के लोकगीतों पर थिरके दर्शक

नाट्य मंचन के पश्चात मुख्य मंच पर सुरों और भजनों की ऐसी त्रिवेणी बही कि दर्शक अपनी कुर्सियों से उठकर झूमने लगे:

  • स्वास्ति मेहुल की भक्तिमय प्रस्तुति: ‘राम आएंगे’ फेम प्रख्यात पार्श्व गायिका सुश्री स्वास्ति मेहुल ने अपनी मखमली आवाज में जब ‘राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी…’ की तान छेड़ी, तो पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। इसके बाद उनके गाए कृष्ण भजन ‘कान्हा आन बसो वृंदावन में…’ ने श्रोताओं को वृंदावन के अलौकिक प्रेम और भक्ति धारा से जोड़ दिया।
  • कंचन जोशी के छत्तीसगढ़ी तराने: प्रसिद्ध लोक गायिका कंचन जोशी ने अपने ऊर्जावान छत्तीसगढ़ी गीतों से युवाओं और बुजुर्गों को थिरकने पर विवश कर दिया। उनके लोकप्रिय गीतों ‘मोला ले दे ना राजा सोन के नथनी…’, ‘मोर मन झूमे…’ और ‘कर ले तै मया के चिन्हारी…’ की धुनों पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।

यह भी पढ़ें: CG Pavilion Bharat Mandapam: भारत मंडपम में छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन करेंगे सीएम विष्णु देव साय; राउंड टेबल में रखेंगे ऊर्जा विजन


शिल्पग्राम में 11 प्रस्तुतियां: पंडवानी, सुआ नृत्य, कथक और सूफी संगीत की बयार

मुख्य मंच के साथ-साथ मेले के ‘शिल्पग्राम’ परिसर में लोककलाओं और शास्त्रीय नृत्यों का समानांतर महाकुंभ चला, जहां 11 विधाओं का प्रदर्शन हुआ:

  • पंडवानी और सुआ नृत्य: दुर्ग की सुश्री समप्रिया पूजा निषाद ने महाभारत प्रसंगों पर आधारित पारंपरिक पंडवानी गायन से शौर्य का संचार किया। वहीं गरियाबंद की सुश्री मिलवंतीन बाई एवं दल ने पारंपरिक सुआ नृत्य प्रस्तुत कर ग्रामीण लोकआस्था को जीवंत किया।
  • शास्त्रीय व लोकनृत्य: सुश्री सुष्मिता दास ने भावपूर्ण ओडिसी नृत्य, जबकि सुश्री आंचल पाण्डेय एवं श्रीमती विनीता त्रिपाठी ने जुगलबंदी के साथ कथक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी और रायपुर की सुश्री मेघा बोस ताम्रकार ने लोकसंगीत की छटा बिखेरी।
  • सूफी संगीत और लोकमंच: बिलासपुर के श्री अंकित निर्मलकर ने सूफी, गजल और सुगम गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। धमतरी की सुश्री रुखमनी दीवान एवं श्री तेजराम साहू ने लोकमंच के जरिए छत्तीसगढ़ी सामाजिक जीवन को दर्शाया, जबकि श्री आदित्य मिश्रा बैंड ने आधुनिक वाद्ययंत्रों से युवाओं में जोश भरा।

राज्यपाल रमेन डेका ने किया कलाकारों का सम्मान: लोककलाओं के संरक्षण का संदेश

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि राज्योत्सव का मंच छत्तीसगढ़ की माटी की अनूठी कला, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का राष्ट्रीय माध्यम बन चुका है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का व्यापक मंच मिलता है और नई पीढ़ी अपने सांस्कृतिक गौरव से गहराई से जुड़ती है।

“छत्तीसगढ़ की असली शक्ति यहां के लोकसंगीत, समृद्ध जनजातीय परंपराओं और आध्यात्मिक आस्था में निहित है। राज्योत्सव की दूसरी शाम को ‘मैं अयोध्या हूं’ के ऐतिहासिक नाटक, स्वास्ति मेहुल के भक्ति रस और हमारी पारंपरिक पंडवानी व सुआ नृत्य ने जो भव्य रूप दिया है, वह अद्भुत है। हमारी लोककलाओं का यह संरक्षण ही विकसित भारत और सशक्त छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक बुनियाद है।”— श्री रमेन डेका, राज्यपाल, छत्तीसगढ़ (राज्योत्सव सांस्कृतिक संध्या संबोधन)

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 द्वितीय सांस्कृतिक संध्या: एक नजर में

  • कार्यक्रम: द्वितीय सांस्कृतिक संध्या (CG Rajyotsava Day 2 Night)
  • स्थल: मुख्य मंच एवं शिल्पग्राम, राज्योत्सव मेला ग्राउंड, नवा रायपुर अटल नगर
  • तिथि: 02 नवम्बर 2026 (राज्योत्सव का दूसरा दिन)
  • मुख्य अतिथि: राज्यपाल श्री रमेन डेका (कलाकारों का किया सम्मान)
  • विशेष नाट्य मंचन: ‘मैं अयोध्या हूं’ (राम मंदिर निर्माण और इतिहास पर आधारित 1 घंटे का नाटक)
  • भक्ति संगीत आकर्षण: सुश्री स्वास्ति मेहुल (‘राम आएंगे…’ एवं ‘कान्हा आन बसो वृंदावन…’)
  • छत्तीसगढ़ी लोक गायिका: कंचन जोशी (‘सोन के नथनी’, ‘मोर मन झूमे’)
  • शिल्पग्राम की प्रमुख प्रस्तुतियां: 11 प्रस्तुतियां (पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, सूफी, गजल व बैंड)
  • प्रमुख लोक कलाकार: समप्रिया पूजा निषाद (पंडवानी), मिलवंतीन बाई (सुआ), अंकित निर्मलकर (सूफी)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

CG Rajyotsava Day 2 Night में मुख्य अतिथि कौन थे और उन्होंने क्या किया?

राज्योत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका थे, जिन्होंने मंच पर प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को सम्मानित किया।

मुख्य मंच पर किस विशेष ऐतिहासिक नाटक का मंचन किया गया?

मुख्य मंच पर ‘मैं अयोध्या हूं’ नामक एक घंटे के भव्य नाटक का मंचन हुआ, जिसमें अयोध्या के धार्मिक इतिहास और राम मंदिर निर्माण की गाथा को जीवंत किया गया।

गायिका स्वास्ति मेहुल और कंचन जोशी ने किन गीतों की प्रस्तुति दी?

स्वास्ति मेहुल ने ‘राम आएंगे…’ और ‘कान्हा आन बसो वृंदावन…’, जबकि कंचन जोशी ने ‘मोला ले दे ना राजा सोन के नथनी…’ व ‘मोर मन झूमे…’ की प्रस्तुति दी।

शिल्पग्राम परिसर में कौन-सी पारंपरिक लोककलाएं प्रस्तुत की गईं?

शिल्पग्राम में 11 विधाओं का प्रदर्शन हुआ, जिसमें मुख्य रूप से पंडवानी, पारंपरिक सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, गजल, सूफी गायन और लोकमंच शामिल रहे।

आधिकारिक स्रोत: संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन / राजभवन सचिवालय, छत्तीसगढ़ / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *