रायपुर, 24 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण की सबसे मजबूत रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिक भाइयों और बहनों के जीवन में खुशहाली, स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ रहा है। श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन संचालित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 15 महत्वाकांक्षी योजनाएं श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक संबल का सबसे बड़ा आधार बन चुकी हैं। CG Nirman Shramik Kalyan Yojana (छत्तीसगढ़ निर्माण श्रमिक कल्याण योजना) के तहत हाल ही में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के दौरान राज्य के 47 हजार 11 पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के बैंक खातों में कुल 18 करोड़ 96 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में यह पहल श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, मातृत्व सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सम्मान की गारंटी बनकर उभरी है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘CG Nirman Shramik Kalyan Yojana’: सेवा संकल्प अभियान के एक माह में 47,011 श्रमिकों को मिला ₹18.96 करोड़ का सीधा डीबीटी लाभ।
- 15 जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल: मातृत्व सहायता, शिक्षा, साइकिल, औजार, सुरक्षा उपकरण और पेंशन से संवर रहा भविष्य।
- शिक्षा में सबसे बड़ा निवेश: मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 38,380 बच्चों को ₹6.67 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई।
- मातृत्व व महिला सशक्तीकरण: मिनीमाता महतारी जतन व नोनी सशक्तिकरण योजना से 3,932 महिलाओं को ₹7.86 करोड़ से अधिक मिले।
- पारदर्शी सुशासन: मंडल द्वारा सभी योजनाओं की राशि सीधे पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिये के भेजी गई।
- कठिन समय में सुरक्षा कवच: निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को ₹2.56 करोड़ की सहायता।
CG Nirman Shramik Kalyan Yojana: सेवा संकल्प अभियान में रचा गया नया कीर्तिमान
राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए गए राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ ने श्रमिक कल्याण को नई गति प्रदान की है।
CG Nirman Shramik Kalyan Yojana के अंतर्गत इस एक माह की अवधि में मंडल ने मिशन मोड में कार्य करते हुए प्रदेश के 47 हजार 11 पात्र हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण किया। इसके तहत कुल ₹18,96,73,000 की राशि सीधे उनके खातों में डीबीटी के जरिए भेजी गई। इस पारदर्शी वित्तीय अंतरण से न केवल भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है, बल्कि गरीब श्रमिक परिवारों तक शासन की सहायता का पाई-पाई लाभ बिना किसी रुकावट के पहुंचा है।
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: 38 हजार से अधिक नौनिहालों को मिली छात्रवृत्ति
श्रमिकों की आने वाली पीढ़ी को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मंडल ने शिक्षा सहायता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है:
- मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: श्रमिक वर्ग के बच्चों की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए सबसे अधिक 38 हजार 380 छात्र-छात्राओं को ₹6 करोड़ 67 लाख 9 हजार की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
- मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 904 होनहार विद्यार्थियों को ₹60 लाख 64 हजार 700 की प्रोत्साहन राशि दी गई।
- निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता: स्कूली शिक्षा की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए 1,243 बच्चों को ₹17 लाख 59 हजार डीबीटी के माध्यम से भेजे गए।
- उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना: खेल के मैदान पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले 3 युवा खिलाड़ियों को ₹1 लाख 50 हजार की सहायता प्रदान की गई।
मातृत्व सुख और नारी सशक्तिकरण: मिनीमाता महतारी जतन व नोनी योजना
महिला श्रमिकों और श्रमिक परिवारों की बेटियों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए मंडल की योजनाएं गेमचेंजर साबित हो रही हैं:
- मिनीमाता महतारी जतन योजना: शिशु के जन्म पर गर्भवती व धात्री महिला श्रमिकों को पोषण और मातृत्व सुरक्षा देने के उद्देश्य से 1,975 माताओं को ₹3 करोड़ 95 लाख की एकमुश्त सहायता राशि जारी की गई।
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना: श्रमिकों की बेटियों के स्वावलंबन और विवाह/उच्च शिक्षा के लिए 1,957 हितग्राहियों को ₹3 करोड़ 91 लाख 40 हजार अंतरित किए गए।
- दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना: महिला श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए 12 महिला लाभार्थियों को ₹13 लाख 37 हजार 200 की वित्तीय मदद उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्षमता, सुरक्षा उपकरण और आजीविका संवर्धन का सहारा
श्रमिकों की दैनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और कार्यस्थल पर उनकी जान-माल की रक्षा के लिए भी मंडल ने बड़े कदम उठाए हैं:
- मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना: विभिन्न ट्रेडों में कार्य करने वाले 509 कारीगरों और श्रमिकों को आधुनिक टूलकिट के लिए ₹17 लाख 44 हजार 7 प्रदान किए गए।
- मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना: कार्यस्थल तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 220 श्रमिकों को ₹8 लाख 15 हजार 113 की सहायता दी गई।
- सुरक्षा उपकरण सहायता योजना: ऊंचाई व खतरनाक निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के लिए 1,319 श्रमिकों को ₹19 लाख 78 हजार 500 की सहायता अंतरित की गई।
- मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता: पक्का मकान बनाने के लिए एक हितग्राही को ₹75,000 की अग्रिम किस्त दी गई।
कठिन वक्त में सामाजिक सुरक्षा: सियान पेंशन और दिव्यांग सहायता
श्रमिक के जीवन में अनहोनी होने पर उनके आश्रितों को बेसहारा होने से बचाने के लिए पुख्ता सुरक्षा तंत्र तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 246 पीड़ित परिवारों को ₹2 करोड़ 46 लाख तथा अन्य 2 हितग्राहियों को ₹10 लाख की क्लेम राशि दी गई। इसके अलावा, जीवन के अंतिम पड़ाव में बुजुर्ग श्रमिकों को संबल देने हेतु ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना’ के अंतर्गत 238 वरिष्ठ श्रमिकों को ₹47 लाख 60 हजार और दीर्घायु सहायता योजना में 2 हितग्राहियों को ₹40 हजार प्रदान किए गए।
“हमारे निर्माण श्रमिक राज्य के नव-निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उनका पसीना छत्तीसगढ़ की समृद्धि को सींचता है। सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 15 योजनाएं केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के आत्मसम्मान, उनके बच्चों के सुनहरे भविष्य और सुरक्षित जीवन की गारंटी हैं। 47 हजार से अधिक श्रमिकों को डीबीटी से ₹18.96 करोड़ का सीधा लाभ पहुंचना अंत्योदय के हमारे संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (श्रम कल्याण विजन)
सन्निर्माण कर्मकार मंडल की प्रमुख उपलब्धियां: एक नजर में
- नोडल विभाग: छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (श्रम विभाग)
- अभियान का नाम: सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026)
- कुल लाभान्वित श्रमिक: 47,011 पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं परिजन
- कुल वितरित सहायता राशि: ₹18,96,73,000 (18.96 करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में)
- कुल संचालित प्रमुख योजनाएं: 15 हितग्राहीमूलक जनकल्याणकारी योजनाएं
- शिक्षा क्षेत्र में सर्वाधिक लाभार्थी: नौनिहाल छात्रवृत्ति में 38,380 बच्चों को ₹6.67 करोड़
- मातृत्व एवं नोनी सशक्तिकरण: महतारी जतन व नोनी योजना में कुल ₹7.86 करोड़ से अधिक
- मार्गदर्शन व नेतृत्व: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन
- आलेख प्रस्तुति: श्री ताराशंकर सिन्हा, सहायक संचालक (जनसंपर्क)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
CG Nirman Shramik Kalyan Yojana के तहत सेवा संकल्प अभियान में कितने श्रमिकों को लाभ मिला?
सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के दौरान छत्तीसगढ़ के 47 हजार 11 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को ₹18 करोड़ 96 लाख 73 हजार का सीधा डीबीटी लाभ दिया गया।
निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए कौन-सी मुख्य योजनाएं चलाई जा रही हैं?
मंडल द्वारा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना (38,380 लाभार्थी), मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, और निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं।
महिला निर्माण श्रमिकों के लिए मंडल की कौन-सी योजनाएं सबसे प्रभावी हैं?
महिला श्रमिकों और बेटियों के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना (मातृत्व पोषण), मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना और दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं।
श्रमिकों को योजनाओं की सहायता राशि किस माध्यम से प्राप्त होती है?
मंडल द्वारा संचालित सभी 15 योजनाओं की स्वीकृति राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे पंजीकृत श्रमिकों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए जमा की जाती है।
आधिकारिक स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल