रायपुर, 29 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में ‘पारस पोर्टल’ (प्रोजेक्ट असेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस सिस्टम) के जरिए राज्य की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना निर्माण और जनसेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने और 17 बाढ़ प्रभावित जिलों में शीघ्र नुकसान का सर्वे कर मुआवजा बांटने के कड़े निर्देश दिए। अब हर महीने के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्यस्तरीय समीक्षा की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- पारस (PARAS) पोर्टल से प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को होगी विकास कार्यों की राज्यस्तरीय समीक्षा।
- एग्रीस्टैक व डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही बरतने वाले मैदानी अमले पर होगी सीधी दंडात्मक कार्रवाई।
- 17 जिलों के 500 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत वितरण तेज; पीड़ितों को PMJJBY बीमा कवर से जोड़ने के निर्देश।
- ग्राम पंचायतों के विकास के लिए ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ और पीएम सूर्य घर योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता।
एग्रीस्टैक केवल धान खरीदी तक सीमित नहीं, हर किसान का होगा पंजीयन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक और डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) के लंबित कार्य तत्काल पूरे किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर न देखा जाए, बल्कि यह किसानों को मिलने वाली सभी सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का आधार है। जो जिले डिजिटल फसल सर्वे में पिछड़े हैं, वहां के लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पीएम सूर्य घर योजना: सोलर दीदियों को मिलेगा बढ़ावा, आसान होगा बैंक लोन
घरों को मुफ्त बिजली और स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने वाली ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वेंडर्स की संख्या बढ़ाने और रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया को आसान करने को कहा।
स्व-सहायता समूहों की ‘सोलर दीदियों’ को सक्रिय किया जाएगा और बैंकों से समन्वय कर हितग्राहियों को कम ब्याज पर सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक परिवार केंद्र व राज्य सरकार की दोहरी सब्सिडी का लाभ उठा सकें।
17 जिलों में बाढ़ राहत: चेंबर ऑफ कॉमर्स व समूहों की सराहना, PMJJBY का मिलेगा सुरक्षा कवच
बैठक में जानकारी दी गई कि विगत दिनों हुई भारी बारिश से प्रदेश के 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जिसमें बस्तर संभाग सबसे अधिक प्रभावित रहा। मुख्यमंत्री ने मकान, फसल, मवेशी और अनाज के नुकसान का संवेदनशीलता से त्वरित सर्वे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुटे स्व-सहायता समूहों, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स और सामाजिक संगठनों के योगदान की खुलकर सराहना की। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से तत्काल आच्छादित किया जाए।
पंचायतों में ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ और सड़क निर्माण की बाधाएं दूर करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना के विकास के लिए ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ के तहत कार्यों को तेजी से स्वीकृत करने और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
वहीं लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत लंबित सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण में वन विभाग व भू-अर्जन से जुड़ी रुकावटों को अंतर्विभागीय समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। ‘सेवा सेतु’ और ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ पर आने वाली शिकायतों का भी गुणवत्तापूर्ण समाधान अनिवार्य किया गया।
“योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, उनका असर धरातल पर दिखना चाहिए। पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल समीक्षा करना नहीं, बल्कि परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को पहचानकर उनका त्वरित समाधान करना है। विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
किसानों, उपभोक्ताओं और आम नागरिकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- किसानों को पारदर्शी धान खरीदी का भरोसा: एग्रीस्टैक में नाम दर्ज होने से गिरदावरी और फसल सत्यापन में गड़बड़ी नहीं होगी और किसान समर्थन मूल्य का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
- जीरो बिजली बिल की सुविधा: पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगने से घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली खर्च समाप्त होगा और अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी होगी।
- बाढ़ पीड़ितों को दोहरा सुरक्षा कवच: मुआवजा राशि के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा (PMJJBY) का सुरक्षा कवच मिलेगा।
- पंचायतों का कायाकल्प: ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ से गांवों में पक्के रास्ते, नाली, सामुदायिक भवन और पेयजल अधोसंरचना का तेजी से विकास होगा।
पारस समीक्षा बैठक के 6 बड़े निर्णय
- नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग: हर माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल पर मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर पर होगी राज्यस्तरीय समीक्षा।
- लापरवाह अमले पर कार्रवाई: एग्रीस्टैक और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई।
- सोलर क्रांति को रफ्तार: वेंडर्स का नेटवर्क बढ़ाकर पीएम सूर्य घर योजना के आवेदनों का त्वरित निपटारा और सोलर दीदियों को प्रोत्साहन।
- पंचायती विकास: ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में अधोसंरचनात्मक कार्यों को प्राथमिकता।
- बाढ़ पीड़ितों को संबल: त्वरित क्षतिपूर्ति के साथ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) का सीधा लाभ।
- जनशिकायत निवारण: सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
छत्तीसगढ़ में ‘पारस पोर्टल’ (PARAS) क्या है?
पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) छत्तीसगढ़ सरकार का डिजिटल पोर्टल है, जिसके जरिए प्रमुख विकास कार्यों और योजनाओं की लाइव प्रगति व अंतरविभागीय बाधाओं की समीक्षा की जाती है।
ग्राम पंचायतों के लिए किस नई योजना की समीक्षा की गई?
बैठक में ‘विकसित भारत जी-रामजी योजना’ की समीक्षा की गई, जिसके तहत ग्राम पंचायतों में बुनियादी अधोसंरचना कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित 17 जिलों के लिए क्या विशेष राहत निर्देश दिए गए हैं?
क्षतिग्रस्त मकानों व फसलों के त्वरित मुआवजे के साथ-साथ पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur)