रायपुर, 12 सितंबर 2026: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का साक्षी बना। Chhattisgarh Teeja Pora (तीजा-पोरा तिहार) के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचीं माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा— “आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है, अपने भाई के घर आपका आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” मुख्यमंत्री के इस संबोधन के साथ पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह 2026 (9 सितंबर से 8 अक्टूबर) का शुभारंभ किया। सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाई, नन्हे बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार में शामिल हुए और माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई। Chhattisgarh Teeja Pora के इस उत्सव में मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक माताओं-बहनों के खातों में पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की थीम पर सजाया गया था— पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। भगवान शिव-माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
| तीजा-पोरा तिहार: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | तीजा-पोरा तिहार, मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (‘विष्णु भैया’) |
| महतारी वंदन योजना | 68 लाख+ महिलाएं, ₹1,000/माह, 31 किस्तें, ₹20,000 करोड़+ हस्तांतरित |
| लखपति दीदी | 13.50 लाख+ महिलाएं (लक्ष्य 8 लाख था) |
| नया अभियान | ‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ |
| राष्ट्रीय पोषण माह | 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 |
| PM आवास (ढाई वर्षों में) | 18 लाख स्वीकृत, 11.5 लाख+ पूर्ण, 1,600+/दिन निर्माण |
| नए PM आवास स्वीकृत | 3 लाख 65 हजार (केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा) |
| महिला संपत्ति छूट | पंजीयन शुल्क में 50% + स्टांप शुल्क में 1% छूट |
‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह
Chhattisgarh Teeja Pora के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है। इसकी पत्तियां और फलियां पोषण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के आहार में।
इसके साथ ही राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया गया, जो 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पोस्टर का विमोचन किया, माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में एक विशेष दृश्य उस समय देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया।
महतारी वंदन: 68 लाख+ बहनों को ₹1,000 मासिक, ₹20,000 करोड़+ पार
Chhattisgarh Teeja Pora के उत्सव में मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की उपलब्धियों को साझा किया:
- लाभार्थी: प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता।
- कुल हस्तांतरण: 31 किस्तों के माध्यम से ₹20,000 करोड़ रुपए से अधिक सीधे बैंक खातों में।
- प्रेरक उदाहरण: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन की राशि एकत्र कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का संकल्प लिया।
- आत्मविश्वास में वृद्धि: कोई बहन बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि में जमा कर रही है, तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर या छोटा व्यवसाय शुरू कर आजीविका बना रही है।
13.50 लाख लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और रानी मिस्त्री: मातृशक्ति की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि Chhattisgarh Teeja Pora पर प्रदेश की महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कई प्रेरक कहानियां सामने आई हैं:
- लखपति दीदी: 13.50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख का था।
- ड्रोन दीदी: खेतों में उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव कर रही हैं। कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20-25 एकड़ में छिड़काव कर लगभग ₹7,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं।
- डीलर दीदी: PM आवास के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़ रही हैं।
- रानी मिस्त्री: निर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं निर्माण कार्य कर रही हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति: पंजीयन शुल्क में 50% छूट
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहन मिल रहा है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
PM आवास योजना: प्रतिदिन 1,600+ घर, 11.5 लाख+ पूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है।
- पिछले ढाई वर्षों में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए।
- इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
- केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 65 हजार नए PM आवासों की स्वीकृति प्रदान की है।
तीजा-पोरा: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का जीवंत स्वरूप
Chhattisgarh Teeja Pora के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों का आनंद लिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग बिखेर दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा-पोरा हमारी माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा जीवंत उत्सव है। हरेली से शुरू होने वाली छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों की सुंदर श्रृंखला सामाजिक और पारिवारिक जीवन को आत्मीयता के सूत्र में बांधती है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं।
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UPSC/CGPSC Static Facts: तीजा-पोरा, महतारी वंदन और महिला सशक्तिकरण योजनाएं
प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Prelims & Mains, UPSC GS-1 Culture / GS-2 Governance) के छात्रों के लिए प्रासंगिक बुनियादी (Static) जानकारी:
- तीजा (Hartalika Teej): भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों-बहनों के मायके आने की सुंदर परंपरा है।
- पोरा (Pola): भाद्रपद अमावस्या को मनाया जाता है। यह बैलों (पशुधन) के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का पर्व है। छत्तीसगढ़ में मिट्टी के नंदी-बैल बनाकर बच्चे खेलते हैं।
- हरेली (Hareli): छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार (श्रावण अमावस्या)। कृषि उपकरणों की पूजा। यहां से तीज-त्योहारों की श्रृंखला शुरू होती है।
- महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना। विवाहित महिलाओं (21 वर्ष से अधिक) को ₹1,000/माह सीधे बैंक खाते में। इसे केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना से भी जोड़ा गया है।
- लखपति दीदी (Lakhpati Didi): केंद्र सरकार की योजना, जिसका लक्ष्य SHG (स्वयं सहायता समूह) से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक करना है। 2024 में प्रधानमंत्री ने लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ किया।
- PM-KISAN सम्मान निधि और महिलाएं: आवास योजना में घरों का स्वामित्व महिलाओं के नाम या संयुक्त रूप से दिया जाता है।
- राष्ट्रीय पोषण माह (Poshan Maah): प्रत्येक वर्ष सितंबर में मनाया जाता है। POSHAN Abhiyaan (2018) के तहत महिलाओं और बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान।
- मुनगा (Moringa / Drumstick): ‘सुपरफूड’ के रूप में जाना जाता है। प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन A और C से भरपूर। FAO और WHO द्वारा कुपोषण से लड़ने में प्रभावी माना गया है।
विश्लेषण: ‘सांस्कृतिक पूंजी’ और महिला सशक्तिकरण का अभिन्न संबंध
(CGPSC Mains Analysis – Women Empowerment & Cultural Governance)
1. लोकपर्वों को शासकीय मंच से जोड़ना— सांस्कृतिक शासन का नया मॉडल: मुख्यमंत्री निवास में Chhattisgarh Teeja Pora का आयोजन एक रणनीतिक कदम है। यह लोकपर्वों को शासकीय विमान पर लाकर उन्हें ‘सांस्कृतिक पूंजी’ (Cultural Capital) के रूप में स्थापित करता है, जो राज्य की पहचान, पर्यटन और सामाजिक समरसता को मजबूत करता है।
2. महतारी वंदन— DBT मॉडल और महिला सशक्तिकरण: ₹20,000 करोड़+ का सीधा हस्तांतरण दर्शाता है कि महिलाओं के हाथ में सीधी नकदी (Direct Cash Transfer) उनके आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और परिवार में स्थान को बढ़ाती है। 13.50 लाख लखपति दीदी (लक्ष्य 8 लाख से अधिक) यह सिद्ध करता है कि महिलाएं जब संसाधन पाती हैं, तो अपेक्षा से अधिक उपलब्धि हासिल करती हैं।
3. ड्रोन दीदी— तकनीकी सशक्तिकरण का नया आयाम: ₹7,000/दिन की आय अर्जित करने वाली ड्रोन दीदियां यह दर्शाती हैं कि कृषि तकनीक में महिलाओं की भागीदारी एक व्यावहारिक वास्तविकता बन चुकी है। यह ‘Gender-Inclusive Technology Adoption’ का सफल उदाहरण है।
4. हर घर मुनगा— जनभागीदारी से सुपोषण: पोषण संबंधी समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं हो सकता। ‘हर घर मुनगा’ अभियान एक ‘Community-Based Nutrition Approach’ है, जो जनभागीदारी के माध्यम से सुपोषण के संकल्प को मजबूत करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ में तीजा-पोरा तिहार 2026 कहां मनाया गया?
तीजा-पोरा तिहार 2026 नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उल्लासपूर्वक मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे ‘बहनों का मायका’ बताते हुए प्रदेशभर से आईं माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया।
Q2. महतारी वंदन योजना में अब तक कितनी राशि हस्तांतरित की गई है?
महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को ₹1,000 प्रतिमाह दिया जा रहा है। 31 किस्तों के माध्यम से ₹20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
Q3. ‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह 2026 कब से कब तक है?
मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2026 को ‘हर घर मुनगा— घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान सुपोषण रथ अलग-अलग क्षेत्रों में पोषण जागरूकता फैलाएगा।
Q4. छत्तीसगढ़ में कितनी महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं और ड्रोन दीदी कितना कमा रही हैं?
छत्तीसगढ़ में 13.50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख का था। ड्रोन दीदियां एक दिन में 20-25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लगभग ₹7,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं।
स्रोत (Source)
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) / छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग, रायपुर— 12 सितंबर 2026।
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