CG Land Use Rules 2026: विकास को गति देने भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव, ‘नेगेटिव लिस्ट’ से कम होगा अनुपालन बोझ

CG Land Use Rules 2026 CG Land Use Rules 2026

रायपुर, 11 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। CG Land Use Rules 2026 (छत्तीसगढ़ भूमि उपयोग नियम) में एक बड़ा बदलाव करते हुए अब राज्य में ‘नेगेटिव लिस्ट’ (Negative List) की आधुनिक व्यवस्था लागू की जा रही है।

आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में किए जा रहे इस संशोधन का उद्देश्य अनावश्यक नियमों को समाप्त कर अनुपालन बोझ (Compliance Burden) को कम करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम केंद्र सरकार के ‘डीरिगुलेशन’ (Deregulation) और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन के बिल्कुल अनुरूप है।

इस नई पहल से न केवल प्रदेश में निवेश और रोजगार को संजीवनी मिलेगी, बल्कि तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था की नई जरूरतों (जैसे नए स्टार्टअप्स, एआई लैब्स या चार्जिंग स्टेशन) को भी टाउन प्लानिंग में बिना किसी कानूनी अड़चन के जगह मिल सकेगी।

भूमि विकास नियम संशोधन: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
संशोधित होने वाला कानूनछत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984
नया प्रस्तावित मॉडलCG Land Use Rules 2026 (‘नेगेटिव लिस्ट’ आधारित)
संबंधित विभाग एवं मंत्रीआवास एवं पर्यावरण विभाग (मंत्री श्री ओपी चौधरी)
मुख्य उद्देश्यडीरिगुलेशन (Deregulation) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
दावा-आपत्ति की समयसीमाराजपत्र में प्रकाशन से 15 दिनों के भीतर

नेगेटिव लिस्ट: किस क्षेत्र में क्या प्रतिबंधित रहेगा?

प्रस्तावित CG Land Use Rules 2026 के अनुसार आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक और कृषि भूमि के लिए निषिद्ध (Negative List) गतिविधियों की एक स्पष्ट सूची जारी की गई है। जो इस सूची में नहीं है, उसे ‘अनुमत’ (Allowed) माना जाएगा:

1. आवासीय क्षेत्र (Residential Zone)

सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए आवासीय क्षेत्रों में इन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध होगा:

  • प्रदूषणकारी उद्योग, बड़े भंडारण (Storage), कबाड़खाने (Scrap yards)।
  • संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार (Jails), बड़े परिवहन टर्मिनल।
  • थोक व्यापार (Wholesale Trade), तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, गैस गोदाम।
  • पशुपालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन (Poultry)।
  • दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन (Mining) गतिविधियां।

2. वाणिज्यिक क्षेत्र (Commercial Zone)

व्यावसायिक भूमि उपयोग में निम्नलिखित निषिद्ध रहेगा:

  • नारंगी, लाल एवं नीली श्रेणी के उद्योग (Orange, Red & Blue category industries)।
  • खतरनाक एवं विषाक्त रसायन (Toxic chemicals) और विस्फोटक पदार्थों का भंडारण।
  • पशुपालन, मछली पालन, डेयरी, कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान और खनन गतिविधियां।

3. औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Zone)

औद्योगिक भूमि के उपयोग में निम्नलिखित गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है:

  • पूर्णतः आवासीय टाउनशिप (अनुमत कर्मचारी आवास को छोड़कर)।
  • छात्रावास एवं शयनागार (Hostels & Dormitories), विद्यालय।
  • संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार।
  • तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम (असंगत गतिविधियां)।

4. कृषि एवं अन्य क्षेत्र (Agriculture & Public Zones)

कृषि भूमि पर बड़े वाणिज्यिक परिसर, खतरनाक वाणिज्यिक उपयोग, उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाएं और बड़े मॉल निषिद्ध रहेंगे। (अपवाद: आवासीय अभिन्यास, किफायती जन आवास एवं एकीकृत उपनगर को कृषि भूमि पर अनुमति मिलेगी)। इसी तरह सार्वजनिक, परिवहन और आमोद-प्रमोद क्षेत्रों में भी प्रदूषणकारी और भारी गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।

नागरिकों से 15 दिनों में मांगे गए सुझाव

लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए, राज्य शासन ने इस CG Land Use Rules 2026 संशोधन प्रस्ताव पर नागरिकों एवं संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन की तारीख से 15 दिवस की अवधि में प्राप्त आपत्तियों/सुझावों पर विचार कर नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।


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UPSC/CGPSC Static Facts: नेगेटिव लिस्ट और CPCB श्रेणियां

चूंकि यह CG Land Use Rules 2026 शहरी नियोजन और पर्यावरण से जुड़ा एक बड़ा विधिक बदलाव है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-5 / UPSC GS-2 & 3) के छात्रों के लिए ये बुनियादी (Static) तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • नेगेटिव लिस्ट अप्रोच (Negative List Approach): यह कानून बनाने का एक आधुनिक ‘उदारवादी’ (Liberal) तरीका है। इसमें केवल उन कार्यों की सूची बनाई जाती है जिन्हें ‘नहीं’ किया जा सकता। इसके अलावा जो भी नया विचार या तकनीक आती है, वह ‘डिफ़ॉल्ट’ रूप से वैध (Legal) मान ली जाती है। यह ‘Ease of Doing Business’ का आधार है।
  • CPCB का उद्योग वर्गीकरण (Red, Orange, Green, White, Blue): केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) उद्योगों को उनके ‘प्रदूषण सूचकांक’ (Pollution Index – PI) के आधार पर बांटता है:
    • लाल (Red): अत्यधिक प्रदूषणकारी (PI: 60 और अधिक)। (उदा: पेट्रोकेमिकल)
    • नारंगी (Orange): मध्यम प्रदूषणकारी (PI: 41 से 59)।
    • हरा (Green): कम प्रदूषणकारी (PI: 21 से 40)।
    • सफेद (White): प्रदूषण मुक्त (PI: 20 तक)।
    • (नोट: ‘नीली’ श्रेणी आमतौर पर जल संसाधनों या विशेष राज्य-विशिष्ट वर्गीकरण से जुड़ी होती है)।

विश्लेषण: ‘बदलती अर्थव्यवस्था’ के लिए क्यों जरूरी है यह सुधार?

(CGPSC Mains Analysis – Economy & Governance)

भविष्य के लिए ‘फ्यूचर-प्रूफ’ कानून: अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बदल रही है। आज से 10 साल पहले ‘ड्रोन रिपेयर सेंटर’, ‘एआई डेटा लैब्स’ या ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन’ जैसी कोई चीज नहीं थी। यदि कानून ‘पॉजिटिव लिस्ट’ (केवल तय चीजें ही खुलेंगी) पर चलता, तो इन नए व्यवसायों को अनुमति लेने में सालों लग जाते। नेगेटिव लिस्ट से अनावश्यक अनुपालन बोझ (Compliance Burden) कम होता है और नई अर्थव्यवस्था के स्टार्टअप्स को तुरंत जमीन मिल जाती है। मंत्री श्री ओपी चौधरी का यह विजन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को सीधे गति देगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. CG Land Use Rules 2026 के प्रस्तावित संशोधन में किस नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है?

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन कर ‘नेगेटिव लिस्ट’ (Negative List) आधारित व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसमें केवल प्रतिबंधित गतिविधियों को सूचीबद्ध किया जाएगा।

Q2. नए नियमों के तहत ‘आवासीय क्षेत्रों’ (Residential Areas) में किन प्रमुख गतिविधियों पर प्रतिबंध होगा?

आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषणकारी उद्योग, कबाड़खाने, संक्रामक रोग अस्पताल, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, तेल/गैस डिपो, थोक व्यापार और खनन गतिविधियों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

Q3. प्रस्तावित संशोधनों पर नागरिक अपनी आपत्ति या सुझाव कितने दिनों में दे सकते हैं?

प्रस्तावित संशोधन के राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों की अवधि के भीतर नागरिक और संबंधित पक्ष अपनी आपत्तियां एवं सुझाव सरकार को भेज सकते हैं।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 11 सितंबर 2026, रायपुर।

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