India ASEAN Agriculture: ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में कृषि कूटनीति का तड़का, भारत ने 3 आसियान देशों के साथ मिलाया हाथ

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नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: जब दुनिया की नजरें रक्षा और तकनीक के समझौतों पर टिकी होती हैं, तब भारत ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) को अपनी कूटनीति का सबसे मजबूत हथियार बना रहा है। नई दिल्ली में आयोजित ‘9वीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक’ (9th AIMMAF) के दौरान भारत ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने कृषि संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। India ASEAN Agriculture साझेदारी के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 सितंबर 2026 को मलेशिया, म्यांमार और तिमोर-लेस्ते के मंत्रियों के साथ बैक-टू-बैक द्विपक्षीय (Bilateral) वार्ताएं कीं।

इस कूटनीतिक आयोजन में केवल अनाज के व्यापार की बात नहीं हुई, बल्कि कृषि अनुसंधान, ‘जर्मप्लाज्म’ (Germplasm) एक्सचेंज और आधुनिक तकनीक साझा करने पर गंभीर सहमति बनी है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पड़ोसी और आसियान मित्रों को उनकी कृषि चुनौतियों से निपटने में न केवल वैज्ञानिक मदद देगा, बल्कि मानव संसाधन (HR) विकास में भी पूरा सहयोग करेगा।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा 8-9 सितंबर 2026 को आयोजित इस 9th AIMMAF ने साबित कर दिया है कि India ASEAN Agriculture का भविष्य अब केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार (Innovation) और खाद्य सुरक्षा की एक मजबूत ‘चेन’ बनने जा रहा है।

9th AIMMAF द्विपक्षीय वार्ता: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
आयोजन का नाम9वीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (9th AIMMAF)
आयोजकDARE और ICAR (नई दिल्ली, 8-9 सितंबर 2026)
भारतीय प्रतिनिधिकेंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान
3 द्विपक्षीय भागीदार देशमलेशिया, तिमोर-लेस्ते (Timor-Leste) और म्यांमार
प्रमुख चर्चा के विषयजर्मप्लाज्म एक्सचेंज, व्यापार, वैज्ञानिक दल भेजना, दलहन-कपास व्यापार

भारत-मलेशिया द्विपक्षीय वार्ता: ‘जर्मप्लाज्म’ और MoU पर सहमति

India ASEAN Agriculture के तहत श्री शिवराज सिंह चौहान ने मलेशिया के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री महामहिम श्री मोहम्मद बिन साबू (H.E. Mr. Mohamed Bin Sabu) के साथ बैठक की।

  • दोनों मंत्रियों ने ज्ञान, विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं (Best practices) को साझा करने के महत्व पर ध्यान दिया।
  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में पारस्परिक हित के लिए एक ‘संस्थागत ढांचा’ (Institutional framework) प्रदान करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से संयुक्त कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग मजबूत करने पर रुचि व्यक्त की गई।
  • दोनों मंत्रियों ने उल्लेख किया कि जर्मप्लाज्म एक्सचेंज (Germplasm exchange), व्यापार और बाजार पहुंच (Market access) से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों को आपसी सहयोग के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।

भारत-तिमोर लेस्ते द्विपक्षीय वार्ता: ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जाएगी भारतीय टीम

श्री शिवराज सिंह चौहान ने तिमोर-लेस्ते के कृषि, पशुधन, मत्स्य पालन और वानिकी मंत्री महामहिम श्री मार्कोस दा क्रूज़ (H.E. Mr. Marcos Da Cruz) के साथ वार्ता की।

  • तिमोर-लेस्ते के मंत्री ने कृषि चुनौतियों से निपटने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत ‘संस्थागत तंत्र’ (Institutional mechanism) बनाने में रुचि दिखाई।
  • श्री चौहान ने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा मानव संसाधन विकास के माध्यम से तिमोर-लेस्ते के कृषि अनुसंधान क्षमताओं को आगे बढ़ाने में भारत के समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • विशेष मांग: तिमोर-लेस्ते के मंत्री ने भारत से अनुरोध किया कि वह कृषि, वानिकी, पशुधन और जलीय कृषि (Aquaculture) के क्षेत्रों में ‘जमीनी स्तर की चुनौतियों’ (Ground-level challenges) का आकलन करने और तकनीकी सिफारिशें देने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक विशेषज्ञों की एक टीम तिमोर-लेस्ते भेजे

भारत-म्यांमार द्विपक्षीय वार्ता: 1600 किमी की सीमा और दलहन व्यापार

India ASEAN Agriculture संबंधों में म्यांमार की रणनीतिक स्थिति अहम है। श्री चौहान ने म्यांमार के कृषि, पशुधन और सिंचाई केंद्रीय मंत्री महामहिम श्री मिन नौंग (H.E. Mr. Min Naung) के साथ वार्ता की।

  • श्री चौहान ने स्वागत करते हुए साझा किया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक और ‘पीपल-टू-पीपल’ संपर्क है। उन्होंने बताया कि म्यांमार भारत का करीबी भागीदार है क्योंकि यह भारत के साथ लगभग 1600 किलोमीटर की सीमा (Border) साझा करता है।
  • कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) अंतिम रूप दिए जाने के उन्नत चरण (Advanced stage) में है।
  • व्यापार क्षमता: दोनों पक्षों ने दलहन (Pulses), कपास (Cotton), डेयरी विकास और कृषि शिक्षा जैसी कृषि संबंधी वस्तुओं में व्यापार बढ़ाने पर चर्चा की।
  • म्यांमार पक्ष ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और कृषि संबंधों को मजबूत करने के लिए म्यांमार में अनुकूल ‘निवेश अवसरों’ (Investment opportunities) का भी सुझाव दिया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारी (100% Details)

इन सभी द्विपक्षीय बैठकों में मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद था, जिसमें शामिल थे:

  1. डॉ. एम. एल. जाट (Dr. M. L. Jat): सचिव, DARE एवं महानिदेशक, ICAR।
  2. श्री ज्ञानेन्द्र देव त्रिपाठी: अतिरिक्त सचिव, DARE एवं सचिव, ICAR।
  3. श्री ए. के. साहू: संयुक्त सचिव (IC), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DoAFW)।
  4. ICAR के उप महानिदेशक (DDGs)।
  5. डॉ. नवीन पी. सिंह: ADG (IR), ICAR के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय संबंध टीम।

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UPSC/CGPSC Static Facts: AIMMAF, DARE और जर्मप्लाज्म (Germplasm)

चूंकि यह India ASEAN Agriculture की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक थी, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-2 IR & GS-3 Agriculture) के छात्रों के लिए ये बुनियादी (Static) तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • AIMMAF: ASEAN-India Ministerial Meeting on Agriculture and Forestry. यह आसियान देशों और भारत के बीच कृषि और वानिकी नीतियों पर चर्चा का सबसे बड़ा मंच है।
  • DARE और ICAR: DARE (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) कृषि मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) देश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान का सर्वोच्च निकाय है। DARE का सचिव ही ICAR का महानिदेशक (DG) होता है।
  • जर्मप्लाज्म (Germplasm): यह किसी भी पौधे या जीव का जीवित ऊतक (Living tissue – जैसे बीज, पत्ती, तना) होता है, जिससे नया पौधा उगाया जा सकता है। जर्मप्लाज्म एक्सचेंज का अर्थ है दोनों देश कृषि अनुसंधान (जैसे नई किस्मों के विकास) के लिए अपने उन्नत बीजों और जीन्स (Genes) का आदान-प्रदान करेंगे।
  • तिमोर-लेस्ते (Timor-Leste): यह दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे युवा देशों में से एक है। वर्तमान में यह आसियान (ASEAN) का ‘पर्यवेक्षक’ (Observer) देश है।

विश्लेषण: ‘खाद्य सुरक्षा’ कैसे बनी भारत की सॉफ्ट पावर (Soft Power)?

(UPSC Mains Analysis – International Relations)

1. एग्री-डिप्लोमेसी (Agri-Diplomacy): India ASEAN Agriculture के तहत म्यांमार को दलहन/कपास और तिमोर-लेस्ते को तकनीकी टीम भेजना भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब चीन दक्षिण-पूर्व एशिया में ऋण-जाल (Debt trap) बिछा रहा है, तब भारत इन देशों की खाद्य सुरक्षा (Food Security) मजबूत कर ‘भरोसेमंद भागीदार’ बन रहा है।

2. म्यांमार के साथ रणनीतिक संतुलन: म्यांमार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम) के साथ 1600 किमी की सीमा साझा करता है। म्यांमार के आंतरिक राजनीतिक संकट (Junta rule) के बावजूद, कृषि (विशेषकर दालों) के आयात-निर्यात को जारी रखना भारत की खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) को नियंत्रित करने के साथ-साथ सीमाओं पर शांति बनाए रखने का कूटनीतिक तरीका है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. 9वीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (9th AIMMAF) का आयोजन कहाँ और किसके द्वारा किया गया?

9th AIMMAF का आयोजन 8-9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा किया गया।

Q2. India ASEAN Agriculture वार्ता में म्यांमार के साथ किन उत्पादों के व्यापार पर चर्चा हुई?

भारत और म्यांमार (जिसके साथ 1600 किमी की सीमा है) के बीच मुख्य रूप से दलहन (Pulses), कपास (Cotton), डेयरी विकास और कृषि शिक्षा के व्यापार व निवेश को बढ़ाने पर चर्चा हुई।

Q3. किस देश ने भारत से कृषि और पशुधन चुनौतियों का आकलन करने के लिए एक वैज्ञानिक टीम भेजने का अनुरोध किया है?

तिमोर-लेस्ते (Timor-Leste) के कृषि मंत्री ने भारत से अनुरोध किया है कि जमीनी चुनौतियों का आकलन करने के लिए भारत तकनीकी और वैज्ञानिक विशेषज्ञों की एक टीम उनके देश में भेजे।

स्रोत (Source)

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Delhi), 10 सितंबर 2026.

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