रायपुर, 24 अगस्त। श्रमिक हमारे विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। अपने अथक परिश्रम और पसीने से वे शहर की ऊंची इमारतें, गांव-गांव की सड़कें, बड़े पुल और अधोसंरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे राष्ट्र निर्माता श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे और अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प साकार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत प्रतिभावान बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे अंतरित की गई।
‘प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में निःशुल्क पढ़ रहे मजदूर के बच्चे’ : विष्णु देव साय
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज अनुशासित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में धाराप्रवाह संवाद करते और पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर मन अत्यंत आनंदित है। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले, तो आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।
“अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका दायरा बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे रायपुर के राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे नामी निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक पूरी तरह निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जिन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना कभी गरीब मजदूर के लिए असंभव सपना था, आज हमारी सरकार उसे हकीकत में बदल रही है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, उच्च आत्मविश्वास और जीवन में बड़े लक्ष्य तय करने का खुला मंच प्रदान करती है।
शिक्षा विकास का मूलमंत्र: मुख्यमंत्री ने साझा किए अपने जीवन के संघर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नन्हे विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने जीवन के अनुभवों और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
- बड़े सपने देखने का आह्वान: मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अभी से अपने लक्ष्य तय करें। कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक या आईएएस अधिकारी, तो कोई उद्योगपति, व्यापारी या समाजसेवी। लक्ष्य चाहे जो भी हो, उसकी मजबूत आधारशिला शिक्षा ही है।
- उच्च शिक्षा और विदेश अध्ययन में सहयोग: मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में आज आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान मौजूद हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आसान ऋण और विदेशों में उच्च अध्ययन के लिए भी राज्य सरकार हरसंभव वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था कर रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की नई सुबह: ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बहुत बड़ा अवरोध रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि जिन सुदूर वनांचलों में कभी विकास और शिक्षा की किरण नहीं पहुंच पाती थी, आज वहां नए रास्ते खुल रहे हैं। बस्तर के ओरछा और जगरगुंडा में ‘एजुकेशन सिटी’ जैसी ऐतिहासिक पहल की जा रही है, ताकि बस्तर के दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी राजधानी रायपुर जैसे बड़े शहरों के समान उच्च स्तरीय शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो सकें।
जब बच्चों के बीच ‘शिक्षक’ की तरह सहज हुए CM: साथ बैठकर किया दोपहर का भोजन
समारोह का सबसे भावुक और आत्मीय क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय औपचारिक मंच और सुरक्षा घेरे से अलग होकर सीधे श्रमिक परिवारों के बच्चों के बीच बैठ गए और उनके साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया। भोजन के दौरान बच्चों ने एक पारिवारिक सदस्य की तरह मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछे:
- बच्चों की जिज्ञासा: किसी बच्चे ने मुख्यमंत्री के बचपन और स्कूल के दिनों के बारे में पूछा, तो किसी ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और राजनीतिक संघर्षों के बारे में जानना चाहा।
- सीएम का स्नेहिल अंदाज: मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए हर नन्हे बच्चे के सवाल का आत्मीयता से जवाब दिया और उन्हें जीवन में हमेशा विनम्र व सीखने के लिए तत्पर रहने की सीख दी।
- बच्चों का उत्साह: एक छात्र ने भावुक होकर कहा— “मुख्यमंत्री जी बिल्कुल हमारे अच्छे टीचर जैसे हैं, जिनसे जितने भी सवाल पूछो, वे बिना परेशान हुए बड़े प्यार से हर बात समझाते हैं।”

विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव: किसी का सपना आईएएस बनना, किसी ने सीखी अंग्रेजी
समारोह में मंच पर आकर बच्चों ने अपने मन की बात रखी, जिसमें उनके भीतर जागा नया आत्मविश्वास साफ झलक रहा था:
- अतीश (बीजापुर, अध्ययनरत DPS राजनांदगांव): बीजापुर के सुदूर अंचल के रहने वाले अतीश ने बताया कि मजदूर परिवार से निकलकर इतने बड़े स्कूल में पढ़ने की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि उनका सपना आईएएस (IAS) बनकर देश और छत्तीसगढ़ की सेवा करना है।
- इशिका डाहरे (कबीरधाम, अध्ययनरत रुंगटा पब्लिक स्कूल): इशिका ने बताया कि पहले वे अंग्रेजी बोलने में झिझकती थीं, लेकिन स्कूल के बेहतरीन माहौल और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनका डर खत्म कर दिया और अब वे पूरी तरह धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलती हैं।
67 जनकल्याणकारी योजनाओं से श्रमिकों को 774 करोड़ की मदद: श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन
समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल विकास, रोजगार और आवास सहायता शामिल हैं।
श्रम मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि बदलते वक्त की जरूरतों को देखते हुए पार्सल डिलीवरी बॉयज को वाहन खरीदने हेतु वित्तीय सहायता और चरवाहों को आर्थिक संबल देने के लिए नई योजनाओं का खाका तैयार किया जा रहा है।
वहीं, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए तरक्की के ऐतिहासिक द्वार खोल दिए हैं।
समारोह में प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस गरिमामय समारोह में रायपुर लोकसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
Official Source (आधिकारिक स्रोत): यह विस्तृत समाचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना सम्मान समारोह, श्रम विभाग छत्तीसगढ़ तथा छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 24 अगस्त 2026 को रायपुर में जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।