चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: जांजगीर-चांपा के विद्यालयों में बाल सुरक्षा अभियान, विद्यार्थियों को दी गई कानूनी अधिकारों और सेफ टच की जानकारी

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098

रायपुर / जांजगीर-चांपा, 24 अगस्त। बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न विद्यालयों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीबाई (चांपा) तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (खोखरा) में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिविरों में छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल श्रम निषेध, बाल विवाह रोकथाम, मानव तस्करी और बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।

जागरूकता सत्रों के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने बच्चों को किसी भी आपात स्थिति या संकट के समय बिना डरे मदद मांगने और सुरक्षित वातावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।


संकट में बच्चों के लिए 24 घंटे उपलब्ध है चाइल्ड हेल्पलाइन 1098

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाली एक पूर्णतः निःशुल्क (Toll-Free) आपातकालीन सेवा है।

  • किन परिस्थितियों में करें कॉल: अनाथ, बेसहारा, बाल श्रम में संलिप्त, बाल विवाह की आशंका वाले, शोषण, दुर्व्यवहार या किसी अन्य संकटपूर्ण स्थिति में फंसे बच्चों की सहायता के लिए 1098 पर तुरंत सूचना दी जा सकती है।
  • त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही हेल्पलाइन टीम मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक संरक्षण और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करती है।

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सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श (Safe & Unsafe Touch) की दी गई जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल तस्करी, नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों और बहला-फुसलाकर ले जाने जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय सिखाए गए। साथ ही बच्चों को ‘सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श’ (Safe and Unsafe Touch) के बारे में व्यवहारिक रूप से समझाया गया।

“यदि कोई व्यक्ति आपको असहज या असुरक्षित महसूस कराता है, तो डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी भरोसेमंद वयस्क को बताएं और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी संकोच के चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें।”

— चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, जांजगीर-चांपा

कार्यक्रम में वीडियो प्रस्तुति (Video Presentation) और इंटरएक्टिव सत्र के माध्यम से बच्चों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।


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बाल संरक्षण में समाज की सहभागिता पर जोर: इन नंबरों पर दें सूचना

इस जागरूकता अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक श्री विष्णु श्रीवास, काउंसलर सुश्री अल्का फॉक, केस वर्कर सुश्री डानी सोनवानी एवं श्री भागीदारी सिदार ने विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा उपायों से अवगत कराया।

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई बच्चा भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, बाल विवाह, उपेक्षा, शोषण या लावारिस हालत में मिले, तो समाज के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तुरंत निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें:

  1. टोल-फ्री नंबर: 1098 (24×7 निःशुल्क)
  2. हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 1: +91-9827771819
  3. हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 2: +91-8963997174

Official Source (आधिकारिक स्रोत): यह समाचार महिला एवं बाल विकास विभाग जांजगीर-चांपा तथा छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 24 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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