Published on July 29, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
भारत ने विज्ञान-आधारित दूरदर्शी नीतियों, कड़े प्रशासनिक सुधारों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में पूरी दुनिया के सामने एक वैश्विक मॉडल प्रस्तुत किया है। 29 जुलाई को मनाए जाने वाले ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ (International Tiger Day 2026) की पूर्व संध्या पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, Project Tiger India Conservation 2026 के शानदार प्रयासों के बल पर आज भारत दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत जंगली बाघों का सुरक्षित घर बन चुका है।
यह ऐतिहासिक सफलता केवल एक सरकारी योजना का परिणाम नहीं है, बल्कि यह हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के स्वास्थ्य और जैव विविधता को अक्षुण्ण रखने का एक राष्ट्रीय संकल्प है। भारत सरकार द्वारा कड़ाई से संचालित इस वन्यजीव संरक्षण यात्रा को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए नवीनतम जीपीएस (GPS), एआई (AI) और सुदूर संवेदन तकनीकों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | Project Tiger India Conservation 2026 के प्रमुख तथ्य व आंकड़े |
|---|---|
| अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस | प्रतिवर्ष 29 जुलाई (शुरुआत: नवंबर 2010 के सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट से) |
| वैश्विक बाघ आबादी में भारत का हिस्सा | दुनिया के लगभग 70% जंगली बाघ वर्तमान में भारत में निवास करते हैं |
| भारत में कुल बाघों की संख्या | 3,682 बाघ (अखिल भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट 2022 के अनुसार) |
| बाघ अभयारण्यों (Tiger Reserves) का संजाल | देश के 18 बाघ-प्रवण राज्यों में कुल 58 बाघ अभयारण्य (कुल क्षेत्रफल: ~84,500 वर्ग किमी) |
| नोडल प्रशासनिक नियामक | राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) – केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अधीन वैधानिक निकाय |
| निगरानी हेतु डिजिटल उपकरण | एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES), CaTRAT (एआई-कैमरा इमेजिंग), और ExtractCompare सॉफ्टवेयर |
| अंतरराष्ट्रीय संरक्षण कूटनीति | इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल टाइगर फोरम (GTF) के जरिए भारत का वैश्विक नेतृत्व |
यह महत्वपूर्ण और कड़ा संरक्षण विश्लेषण केंद्रीय सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) और विभिन्न राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन के पर्यावरण भूगोल (GS Paper I), जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी सुरक्षा (GS Paper III – वन्यजीव संरक्षण नीतियां) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम प्रोजेक्ट टाइगर के इतिहास, वैज्ञानिक निगरानी प्रणालियों, वैश्विक बिग कैट एलायंस और परीक्षा उपयोगी सभी महत्वपूर्ण आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
Project Tiger India Conservation 2026: वैश्विक स्तर पर स्थापित कीर्तिमान
भारत में बाघ (Royal Bengal Tiger) को वर्ष 1972 में देश का ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित किया गया था, जो हमारी ताकत, संप्रभुता और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है। बाघ एक ‘अम्ब्रेला प्रजाति’ (Umbrella Species) है, जिसका अर्थ है कि बाघों के प्राकृतिक आवासों (जंगलों) का संरक्षण करने से न केवल बाघ सुरक्षित रहते हैं, बल्कि वहां की नदियां, मिट्टी, पेड़-पौधे और सैकड़ों अन्य दुर्लभ जीव-जंतु भी स्वतः संरक्षित हो जाते हैं।
इस प्रकार, भारत सरकार द्वारा संचालित Project Tiger India Conservation 2026 के कड़े प्रयास देश की जल सुरक्षा, वन आवरण के विस्तार और जलवायु स्थिरता को मजबूत बनाने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
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बाघ संरक्षण का सुदृढ़ प्रशासनिक और विनियामक ढांचा
भारत में बाघों के संरक्षण के लिए एक अत्यंत मजबूत और त्रिस्तरीय कानूनी व प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है, जिसके मुख्य स्तंभ इस प्रकार हैं:
1. प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger)
यह भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा संचालित एक प्रमुख केंद्रीय प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1973 में की गई थी। इसके तहत देश के 18 बाघ-प्रवण राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
2. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)
यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA), 1972 के तहत वर्ष 2006 में स्थापित किया गया एक सर्वोच्च वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री करते हैं और इसका मुख्य कार्य राज्यों के ‘बाघ संरक्षण योजनाओं’ (Tiger Conservation Plans) को कड़ाई से मंजूरी देना और उनका वैज्ञानिक ऑडिट करना है।
3. परिदृश्य आधारित संरक्षण (Core-Buffer Zone Strategy)
भारत के सभी बाघ अभयारण्यों को वैज्ञानिक रूप से दो क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है: कोर एरिया (Core Area)—जो मानवीय हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त और कड़ाई से संरक्षित होता है; और बफर एरिया (Buffer Area)—जहां संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आदिवासियों की आजीविका सुरक्षा का कूटनीतिक समन्वय सुनिश्चित किया जाता है।
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अत्याधुनिक तकनीक आधारित ट्रैकिंग और एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES)
भारत ने अपनी वन्यजीव निगरानी प्रणालियों को पूरी तरह डिजिटल और विश्वसनीय बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का समावेशन किया है, जिसका ब्यौरा विज्ञान के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है:
- एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES): इसका पूरा नाम *Monitoring System for Tigers – Intensive Protection and Ecological Status* है। यह जीपीएस (GPS), जीपीआरएस (GPRS) और सुदूर संवेदन तकनीकों पर आधारित एक मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर है, जिसका उपयोग बीट गार्डों द्वारा जंगलों की गश्त के दौरान रीयल-टाइम डेटा संकलन के लिए किया जाता है।
- CaTRAT और एआई का उपयोग: कैमरा ट्रैप डेटा रिपॉजिटरी एंड एनालिसिस टूल (CaTRAT) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके कैमरा ट्रैप में कैद लाखों तस्वीरों में से बाघों और उनके शिकार (Prey) जीवों की छवियों को स्वतः वर्गीकृत कर देता है।
- ExtractCompare सॉफ्टवेयर: यह सॉफ्टवेयर प्रत्येक बाघ के शरीर की पट्टियों (Stripes) के अनूठे और विशिष्ट पैटर्न का विश्लेषण कर उनकी व्यक्तिगत पहचान और गिनती को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाता है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA)
भारत ने बाघ संरक्षण में हासिल किए गए अपने अद्वितीय वैश्विक अनुभवों को दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए कई कूटनीतिक वैश्विक गठबंधनों का नेतृत्व किया है:
- इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA): 12 मार्च 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस वैश्विक गठबंधन का मुख्यालय भारत में स्थित है। इसका उद्देश्य दुनिया के 95 देशों के बीच सात प्रमुख बिग कैट्स—बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा—के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक और वित्तीय समन्वय स्थापित करना है।
- ग्लोबल टाइगर फोरम (GTF): यह नई दिल्ली में स्थित दुनिया का एकमात्र अंतर-सरकारी संगठन है जो विशेष रूप से विश्व के 13 बाघ-प्रवण देशों (Tiger Range Countries) के बीच सहयोग को मजबूत करता है।
- CA|TS प्रमाणन: ‘कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स’ एक वैश्विक प्रमाणन प्रणाली है जो बाघ अभयारण्यों के सर्वोत्तम वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करती है। भारत के रिकॉर्ड 23 बाघ अभयारण्यों को अब तक यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हो चुकी है।
UPSC Prelims Fact Box: Project Tiger India Conservation 2026
- अखिल भारतीय बाघ अनुमान (AITE): यह दुनिया का सबसे बड़ा जैव विविधता सर्वेक्षण है जो प्रति चार वर्ष में NTCA और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII, देहरादून) के सहयोग से आयोजित किया जाता है।
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कैमरा ट्रैप सर्वेक्षण को दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव सर्वेक्षण के रूप में ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का गौरव प्राप्त हो चुका है।
- WCCB (वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो): वर्ष 2006 के संशोधनों द्वारा स्थापित एक वैधानिक सुरक्षा एजेंसी जो देश में वन्यजीवों के अवैध शिकार और अंतरराष्ट्रीय अंगों की तस्करी को रोकने के लिए खुफिया नेटवर्क संचालित करती है।
UPSC Mains Analysis: सहकारी संघवाद और वन संरक्षण की चुनौतियां
भारत में बाघों का बढ़ता कुनबा देश के ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) और केंद्र-राज्य नीतिगत सामंजस्य की बड़ी सफलता का परिणाम है।
यद्यपि संख्या के मोर्चे पर भारत ने Tx2 के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, परंतु वर्तमान समय में बढ़ती मानव आबादी और रैखिक बुनियादी ढांचे (जैसे सड़कों और रेलवे लाइनों) के कारण वनों का सिकुड़ना और ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष’ (Human-Wildlife Conflict) इस कड़े संरक्षण के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं।
इसके समाधान के लिए वनों के गलियारों (Corridors) का वैज्ञानिक संरक्षण करना और बफर जोनों में रहने वाले आदिवासियों के लिए टिकाऊ आजीविका के साधन (जैसे बस्तर की दीदियों और जैव-पर्यटन) को विकसित करना ही ‘विकसित भारत @ 2047’ के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का सबसे व्यावहारिक मार्ग है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और पर्यावरण विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: प्रतिवर्ष किस तिथि को वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कड़े कूटनीतिक प्रयासों की समीक्षा के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ (International Tiger Day) मनाया जाता है?
(A) 5 जून
(B) 29 जुलाई
(C) 16 सितंबर
(D) 1 नवंबर
उत्तर: (B) 29 जुलाई
व्याख्या: प्रतिवर्ष 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट के दौरान की गई थी, जहां 13 देशों ने वर्ष 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी करने (Tx2) का संकल्प लिया था।
प्रश्न 2: ‘Project Tiger India Conservation 2026’ की उपलब्धियों के अनुसार, भारत में बाघों की वैज्ञानिक रूप से की जाने वाली गणना ‘अखिल भारतीय बाघ अनुमान’ (AITE) प्रति कितने वर्षों के अंतराल पर आयोजित की जाती है?
(A) प्रति 2 वर्ष में
(B) प्रति 3 वर्ष में
(C) प्रति 4 वर्ष में
(D) प्रति 5 वर्ष में
उत्तर: (C) प्रति 4 वर्ष में
व्याख्या: अखिल भारतीय बाघ अनुमान (AITE) प्रति चार वर्ष में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा जैव विविधता सर्वेक्षण है।
प्रश्न 3: भारतीय वनों की सीमाओं और गश्ती बीटों पर वन्यजीवों की स्थिति और सुरक्षा की रीयल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग के लिए विकसित किए गए विशेष मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर को क्या कहा जाता है?
(A) एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES)
(B) कैटरेट (CaTRAT) टूल
(C) वन्य सुरक्षा ऐप
(D) पारस डिजिटल गेटवे
उत्तर: (A) एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES)
व्याख्या: M-STrIPES का पूरा नाम ‘Monitoring System for Tigers – Intensive Protection and Ecological Status’ है, जिसका उपयोग बीट गार्डों द्वारा गश्ती के दौरान वन आवरण और वन्यजीवों की निगरानी के लिए किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Project Tiger India Conservation 2026 क्या है?
Project Tiger India Conservation 2026 भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण परियोजना है। इसके तहत भारत में दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत (3,682 बाघ) जंगली बाघ निवास करते हैं, जो भारत को वैश्विक वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण कूटनीति के क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करता है।
Q2. इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) क्या है और इसका मुख्यालय कहाँ है?
IBCA 95 बिग कैट श्रेणी के देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का एक वैश्विक गठबंधन है, जिसे भारत सरकार ने 12 मार्च 2024 को मंजूरी दी थी। इसका सचिवालय भारत में स्थित है और इसका मुख्य कार्य सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर, प्यूमा) के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान को सुगम बनाना है।
Q3. बाघ अभयारण्य के ‘कोर जोन’ और ‘बफर जोन’ में क्या अंतर होता है?
‘कोर जोन’ (Critical Tiger Habitat) बाघों का मुख्य प्राकृतिक आवास होता है जो पूरी तरह से मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और कड़ाई से सुरक्षित होता है। वहीं, ‘बफर जोन’ कोर क्षेत्र के चारों ओर का घेरा होता है जहाँ वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आदिवासियों और समुदायों के लिए पर्यावरण-पर्यटन और आजीविका की गतिविधियों को अनुमति दी जाती है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- बाघों का वैश्विक आश्रय स्थल: भारत में वर्तमान में 3,682 जंगली बाघ निवास करते हैं, जो वैश्विक बाघ आबादी का रिकॉर्ड लगभग 70% हिस्सा है।
- अत्याधुनिक तकनीकी निगरानी: भारत ने वनों की सुरक्षा के लिए एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES) मोबाइल ऐप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित CaTRAT इमेज टूल और स्ट्राइप्स मैपिंग सॉफ्टवेयर का सफल एकीकरण किया है।
- वैश्विक संरक्षण नेतृत्व: भारत में मुख्यालय वाले ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ (IBCA) और ग्लोबल टाइगर फोरम (GTF) के माध्यम से भारत दुनिया के 95 देशों के बीच वन्यजीव संरक्षण कूटनीति का नेतृत्व कर रहा है।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सामान्य अध्ययन पेपर-3 (पर्यावरण संरक्षण नीतियां, जैव विविधता का संरक्षण, वन्यजीव कानून और राष्ट्रीय संस्थागत ढांचे) और सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी हस्तक्षेप, बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय संगठन और पर्यावरण कूटनीति) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ (29 जुलाई 2026) के अवसर पर जारी की गई आधिकारिक राष्ट्रीय रिपोर्ट पर आधारित है।