President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मोल्दोवा की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा और द्विपक्षीय संबंधों का नया रणनीतिक रोडमैप

President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 Bilateral Meet President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 Bilateral Meet

Published on July 20, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


भारत और पूर्वी यूरोप के देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सामरिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए हाल ही में President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 की शुरुआत हो चुकी है। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अपने तीन देशों (मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया) के ऐतिहासिक राजकीय दौरे के पहले चरण में 20 जुलाई 2026 की सुबह मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ (Chisinau) पहुँचीं। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा गणराज्य की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होती द्विपक्षीय साझेदारी और बढ़ते आपसी विश्वास का एक मजबूत प्रमाण है।

इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उपस्थित थे। चिसीनाउ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोल्दोवा के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री श्री मिहाई पोप्सोई ने भारतीय राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति पैलेस में मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू (Maia Sandu) ने उनका औपचारिक स्वागत किया और दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच आमने-सामने की बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता संपन्न हुई। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और विभिन्न राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 की यह यात्रा अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper II – भारत और यूरोप के संबंध) और वैश्विक आर्थिक कूटनीति के तहत एक अनिवार्य समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण द्विपक्षीय निर्णयों, भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम के प्रमुख निष्कर्षों, मोल्दोवा के भू-राजनीतिक महत्व और परीक्षा उपयोगी सभी महत्वपूर्ण आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।

Table of Contents

President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की इस ऐतिहासिक यात्रा और कूटनीतिक समझौतों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों व तथ्यों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:

कूटनीतिक आयामPresident Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के प्रमुख तथ्य
यात्रा की अवधि और प्रकृति20 जुलाई 2026, प्रथम ऐतिहासिक राजकीय यात्रा (State Visit)
तीन देशों का दौरा (Leg 1)मोल्दोवा (Leg 1), उत्तर मैसेडोनिया (Leg 2), और रोमानिया (Leg 3)
मेजबान राष्ट्राध्यक्षएच.ई. मैडम मैया सैंडू (Maia Sandu – राष्ट्रपति, मोल्दोवा)
आईटीईसी (ITEC) स्लॉट में वृद्धिभारत द्वारा मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए ITEC प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या दोगुनी करने की घोषणा।
विशेष राजनयिक पाठ्यक्रममोल्दोवन राजनयिकों को भारत के विदेश सेवा संस्थान (SSIFS) में AI और साइबर कूटनीति का विशेष प्रशिक्षण।
आर्थिक क्षेत्र में सहयोगडिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि।
राजनयिक संबंधों की स्थापनावर्ष 1992 (सोवियत संघ के विघटन के बाद)

Why in News?: चर्चा में क्यों है?

भारत और मोल्दोवा के बीच तीन दशकों (1992 से वर्तमान) से अधिक समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। यद्यपि दोनों देश भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से काफी दूर हैं, परंतु दोनों देशों ने वैश्विक मंचों पर शांति, विकास और बहुपक्षवाद के सिद्धांतों का हमेशा समर्थन किया है।

हाल के वर्षों में, मोल्दोवा यूरोपीय बाजारों और यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपने एकीकरण को तेजी से बढ़ा रहा है, जबकि भारत ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat 2047) के अपने संकल्प के साथ दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। इसी कूटनीतिक पृष्ठभूमि के बीच आयोजित यह President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 दोनों देशों के लिए पारस्परिक हितों के क्षेत्रों (जैसे रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा और डिजिटल तकनीक) में गहरे सहयोग के द्वार खोलती है, जो इसे कूटनीतिक गलियारों में एक अति महत्वपूर्ण विषय बनाती है।

द्विपक्षीय शिखर वार्ता: प्रमुख राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय

राष्ट्रपति पैलेस में आयोजित द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित कूटनीतिक कदम उठाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया:

1. आईटीईसी (ITEC) स्लॉट को दोगुना करना

President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के दौरान भारत ने मोल्दोवा के पेशेवरों और तकनीकी विशेषज्ञों के कौशल विकास के लिए अपनी प्रसिद्ध ‘भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग’ (ITEC) योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या को तत्काल प्रभाव से दोगुना करने की घोषणा की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के विशेष पाठ्यक्रम शामिल होंगे।

2. साइबर और एआई कूटनीति प्रशिक्षण

भारत ने मोल्दोवा के युवा राजनयिकों को भारत के सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (Sushma Swaraj Institute of Foreign Service – SSIFS) में आयोजित होने वाले ‘एआई और साइबर कूटनीति’ (AI and Cyber Diplomacy) के विशेष पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे दोनों देशों के राजनयिक डिजिटल सुरक्षा के साझा वैश्विक खतरों से निपटने में सक्षम हो सकेंगे।

3. बहुपक्षीय सहयोग के सात प्रमुख स्तंभ

दोनों राष्ट्रपतियों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित सात प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है:

  • कृषि और खाद्य प्रसंस्करण: बस्तर और अन्य भारतीय क्षेत्रों के जैविक उत्पादों को मोल्दोवा के माध्यम से यूरोप पहुँचाना और कृषि उपकरणों की कूटनीति को बढ़ाना।
  • लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: मोल्दोवा के रणनीतिक परिवहन नेटवर्क का उपयोग कर भारतीय माल को पूर्वी यूरोप के बाजारों तक पहुँचाना।
  • हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स: भारत की सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) को मोल्दोवन स्वास्थ्य प्रणाली के साथ एकीकृत करना।
  • नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy): सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग।
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत के सफल यूपीआई (UPI) और पहचान प्रणालियों (Aadhaar) के मॉडल को मोल्दोवा में लागू करने की संभावनाएं तलाशना।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): नागरिक और औद्योगिक सुरक्षा के लिए एआई प्रणालियों का साझा विकास।
  • नवाचार और शोध (Innovation): दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स के बीच साझा शोध।

भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम: आर्थिक सुरक्षा और ‘विकसित भारत 2047’

चिसीनाउ में आयोजित ‘भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम’ (India-Moldova Business Forum) को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों को आपसी संबंधों को ‘कॉमर्स और बिजनेस’ के ठोस धरातल पर उतारने का आह्वान किया:

1. भारतीय कंपनियों के लिए मोल्दोवा में निवेश के अवसर

राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि मोल्दोवा की सुधार-उन्मुख नीतियां, उसकी कुशल मानव संसाधन क्षमता और यूरोपीय संघ (EU) के बाजारों के साथ उसकी बढ़ती नजदीकी भारतीय कंपनियों के लिए विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स स्थापित करने का एक बड़ा प्रवेश द्वार हैं। भारतीय कंपनियां मोल्दोवा की विकासात्मक परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए इच्छुक हैं, विशेष रूप से:

  • सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज प्रणालियां।
  • स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण।
  • बायोटेक्नोलॉजी, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मास्यूटिकल्स विनिर्माण।

2. मोल्दोवन कंपनियों को भारत का निमंत्रण

President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मोल्दोवन कंपनियों को भारत के विशाल, पारदर्शी, पूर्वानुमेय (Predictable) और अत्यधिक निवेशक-अनुकूल व्यापारिक वातावरण का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र (जैसे मेक इन इंडिया) मोल्दोवन उद्योगों के लिए निर्यात और विनिर्माण साझेदारी का एक बड़ा मंच प्रस्तुत करते हैं।

मोल्दोवा की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति (Strategic Location of Moldova)
मोल्दोवा एक स्थल-रुद्ध (Landlocked) पूर्वी यूरोपीय देश है, जो यूक्रेन (Ukraine) और रोमानिया (Romania) की सीमाओं के बीच स्थित है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपनी भौगोलिक और राजनीतिक नजदीकी के कारण, यह क्षेत्र भारत के लिए यूक्रेन और पूर्वी यूरोप के अन्य हिस्सों में अपने व्यापारिक विस्तार और आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित (Supply Chain Resilience) रखने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष विश्लेषण (Exam Relevance Section)

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) और विभिन्न राज्य स्तरीय मुख्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भारत की यूरोप कूटनीति के तहत यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है।

UPSC Prelims Fact Box: President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026

  • मोल्दोवा की भौगोलिक स्थिति: यह एक लैंडलॉक्ड पूर्वी यूरोपीय देश है, जो पश्चिम में रोमानिया और उत्तर, पूर्व व दक्षिण में यूक्रेन से घिरा हुआ है।
  • आईटीईसी (ITEC) कार्यक्रम: ‘भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग’ कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1964 में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा विकासशील देशों को तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण प्रदान करने के लिए की गई थी।
  • ट्रांसनिस्ट्रिया क्षेत्र (Transnistria): यह मोल्दोवा और यूक्रेन के बीच स्थित एक संकीर्ण पट्टी है, जिसने स्वयं को मोल्दोवा से स्वतंत्र घोषित कर रखा है (यद्यपि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मोल्दोवा का हिस्सा माना जाता है)। यह क्षेत्र रूस समर्थक है और पूर्वी यूरोप की भू-राजनीति में एक बड़ा तनाव बिंदु है।
  • सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (SSIFS): नई दिल्ली स्थित भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का प्रमुख संस्थान, जहां राजनयिकों को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और तकनीकी सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता है।

UPSC Mains Analysis (GS Paper II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

प्रश्न: “40 वर्षों के बाद दक्षिण प्रशांत (न्यूजीलैंड) और अब पूर्वी यूरोप (मोल्दोवा) की पहली ऐतिहासिक राजकीय यात्रा भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ (Strategic Autonomy) और बहुपक्षीय विदेश नीति के विविधीकरण को दर्शाती है।” हाल ही में आयोजित President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के विशेष संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर की रूपरेखा:

  • प्रस्तावना: चिसीनाउ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ऐतिहासिक यात्रा और President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के तहत द्विपक्षीय संबंधों के सामरिक उन्नयन की चर्चा से उत्तर प्रारंभ करें।
  • पूर्वी यूरोप में भारत के बढ़ते रणनीतिक हित: समझाएं कि कैसे सोवियत संघ के विघटन के बाद भारत ने मोल्दोवा (1992) के साथ संबंध स्थापित किए, परंतु उच्च स्तरीय दौरों की कमी के कारण यह साझेदारी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई थी। राष्ट्रपति की यह यात्रा उस कूटनीतिक शून्यता को समाप्त करती है।
  • आर्थिक एवं तकनीकी आयाम (DPI & Green Tech):
    • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत के सफल यूपीआई और डिजिटल भुगतान मॉडलों को मोल्दोवा में विस्तारित करने की संभावनाएं।
    • हरित ऊर्जा कूटनीति: सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग तथा मोल्दोवा का भारत के ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस’ और सीडीआरआई (CDRI) के लक्ष्यों का समर्थन।
  • यूरोपीय संघ (EU) के साथ एकीकरण और कूटनीतिक लाभ: मोल्दोवा की रोमानिया और यूक्रेन के बीच की रणनीतिक स्थिति भारत को यूरोपीय संघ के कड़े बाजारों में प्रवेश करने का एक नया कॉरिडोर प्रदान करती है।
  • चुनौतियां: मोल्दोवा में रूस-समर्थक ट्रांसनिस्ट्रिया क्षेत्र का भू-राजनीतिक तनाव और यूक्रेन युद्ध के कारण क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं में होने वाले व्यवधान।
  • निष्कर्ष: यह सारांश प्रस्तुत करें कि यह ऐतिहासिक यात्रा यह सिद्ध करती है कि भारत ‘विकसित भारत 2047’ के अपने विज़न को पूरा करने के लिए पूर्वी यूरोप के छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ दीर्घकालिक और विश्वास-आधारित आर्थिक साझेदारी (Trust-based Partnership) का विस्तार कर रहा है, जो हिंद-प्रशांत से लेकर बाल्टिक क्षेत्र तक भारत की वैश्विक संप्रभुता को अजेय बनाएगा।

संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)

मोल्दोवा के इतिहास और महत्वपूर्ण भौगोलिक संकेतकों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं:

  1. मोल्दोवा का ऐतिहासिक संदर्भ: मोल्दोवा ऐतिहासिक रूप से बेस्सारबिया (Bessarabia) क्षेत्र का हिस्सा था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह सोवियत संघ (USSR) का एक गणराज्य बना। सोवियत संघ के विघटन के बाद, 27 अगस्त 1991 को मोल्दोवा ने खुद को एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र घोषित किया।
  2. डेन्यूब नदी (Danube River) और गिउरगिउलेस्टी बंदरगाह: मोल्दोवा एक स्थल-रुद्ध देश है, परंतु इसके पास डेन्यूब नदी पर स्थित ‘गिउरगिउलेस्टी’ (Giurgiulesti) नामक एक अत्यंत संकीर्ण बंदरगाह क्षेत्र (लगभग 480 मीटर लंबा) है, जो इसे काले सागर (Black Sea) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार से जोड़ता है।
  3. मैया सैंडू (Maia Sandu): ये मोल्दोवा की पहली महिला राष्ट्रपति हैं, जो एक प्रसिद्ध सुधारवादी और यूरोपीय संघ समर्थक नेता के रूप में जानी जाती हैं, जिन्होंने भारत के साथ संबंधों के आधुनिकीकरण का पुरजोर समर्थन किया है।

एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)

त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:

  • First-Ever Visit: स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा गणराज्य की यह पहली राजकीय यात्रा है।
  • Three-Nation Leg: राष्ट्रपति की तीन यूरोपीय देशों (मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया) की राजकीय यात्रा का पहला चरण चिसीनाउ में शुरू हुआ।
  • ITEC Slots Doubled: भारत ने मोल्दोवन पेशेवरों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या को सीधे दोगुना करने की घोषणा की।
  • AI & Cyber training: मोल्दोवन राजनयिकों को भारत के विदेश सेवा संस्थान (SSIFS) में साइबर कूटनीति के विशेष प्रशिक्षण का निमंत्रण।
  • Business Forum: चिसीनाउ में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने संयुक्त रूप से भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को संबोधित किया।
  • Strategic Areas: दोनों देशों ने सौर ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस कूटनीतिक और ऐतिहासिक विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में 20 जुलाई 2026 को किसी भारतीय राष्ट्रपति ने इतिहास में पहली बार किस पूर्वी यूरोपीय देश की राजकीय यात्रा (President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026) की है?

(A) रोमानिया
(B) मोल्दोवा
(C) यूक्रेन
(D) उत्तर मैसेडोनिया

उत्तर: (B) मोल्दोवा
व्याख्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई 2026 को मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ की ऐतिहासिक यात्रा की, जो किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली राजकीय यात्रा है।

प्रश्न 2: ‘President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026’ के दौरान, भारत ने मोल्दोवा के राजनयिकों को किस संस्थान में आयोजित होने वाले ‘एआई और साइबर कूटनीति’ के विशेष पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है?

(A) राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज (NDC)
(B) सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (SSIFS)
(C) भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA)
(D) लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA)

उत्तर: (B) सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (SSIFS)
व्याख्या: भारत ने मोल्दोवन राजनयिकों को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (SSIFS) में कूटनीति और तकनीकी सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण लेने के लिए आमंत्रित किया है।

प्रश्न 3: मोल्दोवा गणराज्य की भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह एक स्थल-रुद्ध (Landlocked) पूर्वी यूरोपीय देश है।
2. इसकी सीमाएं पश्चिम में रोमानिया और उत्तर, पूर्व व दक्षिण में यूक्रेन से लगती हैं।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: दोनों कथन पूरी तरह सत्य हैं। मोल्दोवा यूक्रेन और रोमानिया के बीच स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है, जिसकी कूटनीतिक स्थिति पूर्वी यूरोप की भू-राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 4: भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा विकासशील देशों को तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करने के लिए वर्ष 1964 में शुरू किए गए ऐतिहासिक कार्यक्रम का क्या नाम है, जिसके स्लॉट को इस यात्रा के दौरान दोगुना किया गया है?

(A) आईसीसीआर (ICCR) योजना
(B) आईटीईसी (ITEC) कार्यक्रम
(C) प्रवासी कौशल विकास योजना
(D) राष्ट्रीय तकनीकी संवर्धन मिशन

उत्तर: (B) आईटीईसी (ITEC) कार्यक्रम
व्याख्या: ITEC का पूरा नाम ‘Indian Technical and Economic Cooperation’ (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) है। भारत ने मोल्दोवन पेशेवरों के लिए इस कार्यक्रम के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या को सीधे दोगुना करने की घोषणा की है।

प्रश्न 5: पूर्वी यूरोप की भू-राजनीति में एक बड़ा तनाव बिंदु माना जाने वाला ‘ट्रांसनिस्ट्रिया’ (Transnistria) क्षेत्र आधिकारिक और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार किस देश का हिस्सा माना जाता है?

(A) यूक्रेन
(B) रोमानिया
(C) मोल्दोवा
(D) बेलारूस

उत्तर: (C) मोल्दोवा
व्याख्या: ट्रांसनिस्ट्रिया मोल्दोवा और यूक्रेन की सीमा के बीच स्थित एक स्व-घोषित स्वतंत्र क्षेत्र है, जो रूस-समर्थक है। यद्यपि इसने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर रखा है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे आधिकारिक रूप से मोल्दोवा का हिस्सा माना जाता है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत और पूर्वी यूरोपीय देश मोल्दोवा के बीच पहली बार राष्ट्राध्यक्ष के स्तर पर द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक उन्नयन करना था। इसके तहत आर्थिक सुरक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), और आईटीईसी (ITEC) प्रशिक्षण के क्षेत्रों में क्रांतिकारी समझौते किए गए।

Q2. यह राजकीय यात्रा ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?

यह यात्रा इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा गणराज्य की पहली राजकीय यात्रा (State Visit) है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच 1992 से स्थापित राजनयिक संबंधों को एक नई वैश्विक और आर्थिक दिशा प्रदान करती है।

Q3. इस यात्रा के दौरान भारत ने मोल्दोवा के लिए किन विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की?

भारत ने मोल्दोवन पेशेवरों के लिए अपनी प्रसिद्ध ‘भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग’ (ITEC) योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या को सीधे दोगुना करने की घोषणा की है। साथ ही, मोल्दोवन राजनयिकों को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान (SSIFS) में साइबर और एआई कूटनीति का विशेष प्रशिक्षण लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

Q4. भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम में भारतीय उद्योगपतियों को किन क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चिसीनाउ बिजनेस फोरम में दोनों देशों के उद्यमियों को मुख्य रूप से सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज प्रणालियों, ग्रीन हाइड्रोजन, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) जैसे विविध तकनीकी क्षेत्रों में निवेश और संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

Q5. मोल्दोवा की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

मोल्दोवा यूक्रेन और रोमानिया के बीच स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ इसके गहरे व्यापारिक संबंधों और रोमानिया के माध्यम से काले सागर तक इसकी पहुंच के कारण, यह क्षेत्र भारत के लिए पूर्वी यूरोप और यूरोपीय संघ के समृद्ध बाजारों में प्रवेश करने का एक नया रणनीतिक कॉरिडोर प्रदान करता है।


निष्कर्ष (Conclusion)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह ऐतिहासिक ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) और अब पूर्वी यूरोप (मोल्दोवा) की राजकीय यात्रा भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ (Strategic Autonomy) और बहुपक्षीय विदेश नीति के वैश्विक विविधीकरण का एक अत्यंत सशक्त प्रमाण है। President Droupadi Murmu Moldova Visit 2026 ने दशकों पुराने कूटनीतिक शून्य को समाप्त करते हुए दोनों देशों के संबंधों को एक नई वैश्विक और आर्थिक दिशा प्रदान की है।

मोल्दोवन पेशेवरों के लिए आईटीईसी (ITEC) प्रशिक्षण स्लॉट को सीधे दोगुना करना, साइबर और एआई कूटनीति के लिए सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में विशेष आमंत्रण, और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) व सौर ऊर्जा के क्षेत्र में साझा सहयोग यह सिद्ध करते हैं कि यह साझेदारी केवल पारंपरिक राजनयिक औपचारिकताओं से परे आर्थिक संप्रभुता का एक विश्वसनीय ढांचा तैयार कर रही है।

यूरोपीय संघ (EU) के साथ मोल्दोवा का बढ़ता एकीकरण और इसकी रोमानिया-यूक्रेन के बीच की रणनीतिक स्थिति भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय बाजारों का प्रवेश द्वार बनेगी। यह साझा कूटनीतिक प्रयास अंततः भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुकूल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक लचीला, नियम-आधारित और विश्वसनीय भागीदार बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा, जो संपूर्ण विश्व में शांति, बहुपक्षवाद और नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Official Sources:

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