Published on July 17, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ के जशपुर वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण (Afforestation) को जन-जन का अभियान बनाने की दिशा में एक अभूतपूर्व और अनूठी पहल करते हुए देश के पहले मोबाइल Tree ATM Jashpur Chhattisgarh की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के बगिया हेलीपैड (Bagia Helipad) परिसर में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में इस अनूठे मोबाइल ट्री एटीएम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभिनव परियोजना आम नागरिकों तक विभिन्न प्रजातियों के पौधों की सहज और निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को एक नई गति प्रदान करेगी।
आमतौर पर एटीएम (ATM) का नाम सुनते ही लोगों के मन में पैसे या नकदी निकालने वाली मशीन की तस्वीर उभरती है, लेकिन जशपुर वन विभाग का यह ‘ट्री एटीएम’ (Tree ATM) लोगों को सीधे उनके घरों के द्वार पर पौधे वितरित करने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर स्वयं इस मोबाइल ट्री एटीएम से ‘आंवले’ का पौधा प्राप्त कर उपस्थित जनसमुदाय को पौधों का वितरण किया। यह पहल सीधे तौर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Tree ATM Jashpur Chhattisgarh परियोजना, पर्यावरण संरक्षण नीतियों (GS Paper III) और छत्तीसगढ़ के भूगोल व वानिकी (GS Paper V) के तहत एक अत्यंत प्रासंगिक समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम इस ट्री एटीएम की कार्यप्रणाली, इसके वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व, जशपुर के वन पारिस्थितिकी तंत्र और परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण आयामों का गहराई से अध्ययन करेंगे।
Tree ATM Jashpur Chhattisgarh: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
इस अनूठी मोबाइल ट्री एटीएम पहल और जशपुर वन विभाग के इस नवाचार से जुड़े प्रमुख तथ्यों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण क्षेत्र | Tree ATM Jashpur Chhattisgarh के मुख्य तथ्य |
|---|---|
| पहल का नाम | मोबाइल ट्री एटीएम (Tree ATM Jashpur Chhattisgarh) |
| संबद्ध राष्ट्रीय अभियान | प्रधानमंत्री का ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) महाअभियान |
| मुख्य थीम/स्लोगन | “आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव” |
| उद्घाटनकर्ता एवं तिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, 16 जुलाई 2026 |
| उद्घाटन का स्थान | बगिया हेलीपैड परिसर, जशपुर जिला, छत्तीसगढ़ |
| वितरण स्वरूप | विभिन्न प्रजातियों के फलदार और छायादार पौधों का पूर्णतः निःशुल्क वितरण |
| विशिष्ट विशेषता | पौधों के साथ उनके वैज्ञानिक रोपण और संरक्षण की तकनीक की जानकारी देना |
Tree ATM Jashpur Chhattisgarh क्या है?
भारत में वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान को देखते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना समय की सबसे बड़ी मांग है। अक्सर यह देखा जाता है कि आम नागरिक अपने घरों या खेतों में पौधे लगाना तो चाहते हैं, लेकिन वन विभागों की सरकारी नर्सरियों (Nurseries) की दूरी या पौधों के अनुपलब्ध होने के कारण वे इस दिशा में पहल नहीं कर पाते। इसी व्यवहारिक दूरी को मिटाने के लिए Tree ATM Jashpur Chhattisgarh का विकास किया गया है।
यह वास्तव में ‘पहियों पर चलने वाली एक मोबाइल नर्सरी’ है, जिसे आधुनिक सूचना तकनीकों और लोक कलाकृतियों से सजाया गया है। यह वैन जशपुर जिले के सुदूर अंचलों, साप्ताहिक हाट-बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक चौकों पर पहुँचेगी। वहाँ कोई भी नागरिक इस ट्री एटीएम के पास जाकर बिना किसी कागजी औपचारिकताओं के अपनी पसंद का कोई भी फलदार (जैसे आंवला, जामुन, आम) या औषधीय पौधा पूरी तरह निःशुल्क प्राप्त कर सकता है।
मोबाइल ट्री एटीएम की कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
यह अभिनव परियोजना केवल पौधे बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके क्रियान्वयन में एक पूर्णतः वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया है, जो इसकी सफलता की दर को सुनिश्चित करेगा:
1. “आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव” का संदेश
Tree ATM Jashpur Chhattisgarh को इस प्रेरक संदेश के साथ रवाना किया गया है। इसके तहत पौधा प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का एक डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
2. रोपण की वैज्ञानिक विधि और प्रशिक्षण
अक्सर देखा जाता है कि बड़ी मात्रा में लगाए गए पौधों में से केवल कुछ ही पौधे जीवित रह पाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए, ट्री एटीएम से पौधा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा निम्नलिखित बातों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- गड्ढे का वैज्ञानिक आकार: मिट्टी के प्रकार के आधार पर गड्ढे की गहराई और चौड़ाई का निर्धारण करना।
- खाद और पानी का अनुपात: रोपण के समय जैविक खाद (Vermicompost) का उपयोग और मिट्टी की नमी का परीक्षण करना।
- नियमित देखभाल और सुरक्षा कवच: पौधों को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड लगाने और नियमित रूप से पानी देने की तकनीक सिखाना, ताकि पौधों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) को 90% से अधिक किया जा सके।
“पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि हमारा प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।”— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
जशपुर जिले का भौगोलिक एवं पारिस्थितिक महत्व
छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट और सघन वनों के लिए देश भर में जाना जाता है, जिसके कारण यहाँ इस प्रकार की योजना का क्रियान्वयन रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- ‘पाट’ प्रदेशों का विस्तार: जशपुर जिला मुख्य रूप से ‘पाट’ (Pat Lands – जैसे पंडरापाट, सोगड़ा पाट) पठारों से घिरा हुआ है। यहाँ का तापमान मैदानी भागों की तुलना में काफी कम रहता है, जो बागवानी, चाय की खेती और औषधीय पौधों के संवर्धन के लिए अत्यंत अनुकूल है।
- दुर्लभ जनजातियों का घर: यह जिला विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) जैसे ‘पहाड़ी कोरवा’ (Hill Korwa) और ‘बिरहोर’ (Birhor) का प्राकृतिक आवास है, जिनका जीवन पूरी तरह से लघु वनोपज (Minor Forest Produce) के संग्रहण पर निर्भर है।
- लघु वनोपज संवर्धन: जशपुर के जंगलों में प्रचुर मात्रा में साल बीज, हर्रा, बहेड़ा, आंवला, महुआ और चिरौंजी पाई जाती है। Tree ATM Jashpur Chhattisgarh के माध्यम से औषधीय और फलदार पौधों के वितरण से स्थानीय जनजातियों की आजीविका सुरक्षा भी मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री का ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान और छत्तीसगढ़
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2024) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) महाअभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ एक गहरा भावनात्मक संबंध स्थापित करना है।
छत्तीसगढ़ सरकार इस अभियान को गति प्रदान करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। Tree ATM Jashpur Chhattisgarh इसी राष्ट्रीय अभियान का एक अभिनव प्रांतीय विस्तार है। इसके तहत जब कोई व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर पौधा रोपता है, तो वह उसके संरक्षण के प्रति भावनात्मक रूप से गंभीर हो जाता है, जिससे वनों के विकास और मृदा संरक्षण (Soil Conservation) को स्थायी सफलता मिलती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
यूपीएससी (UPSC) और सीजीपीएससी (CGPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य अध्ययन के पेपर-3 (पर्यावरण, जैव विविधता, और जलवायु परिवर्तन) और पेपर-V (छत्तीसगढ़ के वन संसाधन एवं भूगोल) के दृष्टिकोण से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
CGPSC & UPSC Prelims Fact Box: Tree ATM Jashpur Chhattisgarh
- ट्री एटीएम: जशपुर वन विभाग द्वारा शुरू की गई एक अभिनव मोबाइल वैन सेवा, जो विभिन्न स्थानों पर जाकर नागरिकों को निःशुल्क पौधे वितरित करती है।
- कबीरधाम और जशपुर के भौगोलिक पाट: जशपुर का पंडरापाट छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ‘पाट’ प्रदेश है, जहां से इब (Ib) और कन्हार (Kanhar) नदियों का उद्गम होता है।
- एक पेड़ माँ के नाम अभियान: 5 जून 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया एक वैश्विक वनीकरण और कार्बन सिंक (Carbon Sink) संवर्धन अभियान।
UPSC & CGPSC Mains Analysis (GS Paper III: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी)
प्रश्न: “वनीकरण अभियानों (Afforestation Campaigns) की सफलता केवल भारी मात्रा में पौधे लगाने से नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के भावनात्मक जुड़ाव और उनकी वैज्ञानिक देखभाल प्रणालियों पर निर्भर करती है।” छत्तीसगढ़ के जशपुर में शुरू की गई ट्री एटीएम पहल के विशेष संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: जशपुर वन विभाग द्वारा शुरू किए गए देश के पहले मोबाइल Tree ATM Jashpur Chhattisgarh और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान के अंतर्संबंधों से उत्तर की शुरुआत करें।
- पारंपरिक वनीकरण की चुनौतियां: भारत में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तो किया जाता है, परंतु पौधों की सुरक्षा, पानी की कमी और वैज्ञानिक तकनीकों के अभाव के कारण केवल 20-30% पौधे ही जीवित रह पाते हैं।
- ट्री एटीएम की वैज्ञानिक और व्यवहारिक भूमिका:
- सुलभता का लोकतंत्रीकरण: नर्सरी की दूरी को समाप्त कर पौधों को सीधे लोगों के द्वार तक निःशुल्क पहुँचाना।
- व्यावहारिक प्रशिक्षण: पौधा वितरण के साथ-साथ मिट्टी के प्रकार, गड्ढे के आकार, खाद की मात्रा और नियमित सिंचाई की वैज्ञानिक जानकारी देना।
- भावनात्मक कूटनीति (एक पेड़ माँ के नाम): माँ की स्मृति में लगाए गए पौधों के प्रति नागरिकों का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व मजबूत होता है, जिससे पौधों के जीवित रहने की दर (Survival Rate) 90% से अधिक होने की उम्मीद है।
- जशपुर की भौगोलिक अनुकूलता: जशपुर के पाट प्रदेशों और आदिवासी बहुल अंचलों में औषधीय व फलदार वृक्षों (जैसे आंवला, जामुन) के रोपण से न केवल वनावरण बढ़ेगा, बल्कि जनजातियों के लिए पूरक खाद्य और आजीविका सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।
- निष्कर्ष: यह निष्कर्ष दें कि ‘ट्री एटीएम’ जैसी सुगम और डिजिटल नवाचार आधारित पहलें वनीकरण को एक वास्तविक राष्ट्रीय आंदोलन (Jan Andolan) में बदलने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 15 (Life on Land) की प्राप्ति में भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करेंगी।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
वनों, भौगोलिक संरचनाओं और जशपुर जिले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण स्टेटिक तथ्य जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं:
- जशपुर जिले की प्रमुख नदियाँ:
- इब नदी (Ib River): इसका उद्गम जशपुर के पंडरापाट के रानीझूला नामक स्थान से होता है। यह नदी महानदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। इस नदी की रेत में सोने के कण (Gold Particles) पाए जाते हैं।
- कन्हार नदी (Kanhar River): इसका उद्गम भी जशपुर के बखोना चोटी (बगीचा) से होता है। यह सोन नदी की सहायक नदी है, जो आगे जाकर गंगा अपवाह तंत्र का हिस्सा बनती है।
- छत्तीसगढ़ का वन क्षेत्र: छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक वनाच्छादित राज्यों में से एक है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 44.21% हिस्सा वनों से घिरा हुआ है, जो देश के कुल वन क्षेत्र का लगभग 7.4% है। छत्तीसगढ़ वनों के क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से देश में तीसरे स्थान पर है (मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद)।
- छत्तीसगढ़ की वन नीतियां: छत्तीसगढ़ सरकार औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड का संचालन करती है और लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर संग्रहण में देश में अग्रणी राज्य है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Tree ATM Jashpur Chhattisgarh के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- Innovative Launch: छत्तीसगढ़ के जशपुर वन विभाग द्वारा देश का पहला मोबाइल ‘ट्री एटीएम’ लॉन्च किया गया।
- Inaugurated By: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 16 जुलाई 2026 को बगिया हेलीपैड, जशपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- Core Campaign: यह पहल सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) महाअभियान का हिस्सा है।
- Distribution & Tech: इसके तहत विभिन्न फलदार व औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण करने के साथ ही रोपण की वैज्ञानिक तकनीक सिखाई जाएगी।
- Eco Impact: जशपुर के पाट क्षेत्रों में सघन वनीकरण और जनजातियों के लिए लघु वनोपज संवर्धन का एक मजबूत साधन।
- Mantra: “आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव” ही इस कूटनीतिक वन पहल का मुख्य ध्येय वाक्य है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस पर्यावरण और वानिकी विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ के किस वन विभाग द्वारा देश के पहले मोबाइल ‘ट्री एटीएम’ (Tree ATM Jashpur Chhattisgarh) की शुरुआत की गई है?
(A) बस्तर वन विभाग
(B) जशपुर वन विभाग
(C) अचानकमार वन विभाग
(D) सरगुजा वन विभाग
उत्तर: (B) जशपुर वन विभाग
व्याख्या: जशपुर वन विभाग ने आम नागरिकों तक पौधों की सहज और सरल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ‘ट्री एटीएम’ नामक एक अभिनव मोबाइल वैन सेवा की शुरुआत की है, जिसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाई।
प्रश्न 2: जशपुर वन विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘ट्री एटीएम’ का मुख्य ध्येय वाक्य (Slogan) निम्नलिखित में से क्या है?
(A) वन ही जीवन का आधार है
(B) आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव
(C) एक पेड़, स्वच्छ पर्यावरण की पहचान
(D) हमारा जशपुर, हरा-भरा जशपुर
उत्तर: (B) आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव
व्याख्या: इस मोबाइल ट्री एटीएम को “आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव” के प्रेरक संदेश के साथ रवाना किया गया है, जो वनीकरण के दीर्घकालिक महत्व को दर्शाता है।
प्रश्न 3: जशपुर जिले के पंडरापाट से निकलने वाली प्रसिद्ध ‘इब नदी’ (Ib River) निम्नलिखित में से किस बड़ी नदी अपवाह तंत्र की सहायक नदी मानी जाती है?
(A) गंगा अपवाह तंत्र
(B) महानदी अपवाह तंत्र
(C) गोदावरी अपवाह तंत्र
(D) नर्मदा अपवाह तंत्र
उत्तर: (B) महानदी अपवाह तंत्र
व्याख्या: इब नदी का उद्गम जशपुर के पंडरापाट से होता है, और यह हीराकुंड जलाशय के पास महानदी में जाकर मिल जाती है, जो कि महानदी अपवाह तंत्र का हिस्सा है। इसकी रेत में सोने के कण पाए जाते हैं।
प्रश्न 4: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया देशव्यापी वनीकरण महाअभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) आधिकारिक रूप से किस तिथि को वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया गया था?
(A) 15 अगस्त 2023
(B) 26 जनवरी 2024
(C) 5 जून 2024 (विश्व पर्यावरण दिवस)
(D) 1 नवंबर 2025
उत्तर: (C) 5 जून 2024 (विश्व पर्यावरण दिवस)
व्याख्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2024) के अवसर पर बुद्ध जयंती पार्क, नई दिल्ली में एक पीपल का पेड़ लगाकर इस वैश्विक अभियान की शुरुआत की थी।
प्रश्न 5: क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से वनों के मामले में छत्तीसगढ़ का पूरे भारत वर्ष में कौन सा स्थान है, जहां यह बड़ी वन पहल शुरू की गई है?
(A) पहला स्थान
(B) दूसरा स्थान
(C) तीसरा स्थान
(D) पांचवां स्थान
उत्तर: (C) तीसरा स्थान
व्याख्या: वनावरण के क्षेत्रफल (Forest Cover Area) के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ पूरे देश में मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर है, जिसके कुल भूभाग का लगभग 44.21% हिस्सा वनों से ढका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Tree ATM Jashpur Chhattisgarh क्या है?
Tree ATM Jashpur Chhattisgarh जशपुर वन विभाग द्वारा शुरू की गई देश की पहली मोबाइल वैन सेवा है। यह चलते-फिरते पहियों पर सजी एक चलती-फिरती सरकारी नर्सरी है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को उनकी पसंद के फलदार और औषधीय पौधे पूरी तरह निःशुल्क वितरित करती है।
Q2. इस मोबाइल ‘ट्री एटीएम’ का शुभारंभ किसने और कहाँ किया?
इस ट्री एटीएम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 16 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम के बगिया हेलीपैड परिसर, जशपुर से हरी झंडी दिखाकर किया गया।
Q3. इस योजना के तहत पौधों के वितरण के अतिरिक्त क्या वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी?
इसके तहत केवल पौधे ही नहीं बांटे जाएंगे, बल्कि प्रत्येक प्राप्तकर्ता को पौधे लगाने की वैज्ञानिक विधि (गड्ढे का आकार, जैविक खाद का उपयोग), नियमित सिंचाई, आवारा मवेशियों से सुरक्षा के उपाय और पौधे को बड़ा होने तक सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीकों की भी जानकारी दी जाएगी।
Q4. यह पहल किस राष्ट्रीय अभियान से प्रेरित होकर शुरू की गई है?
यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी पर्यावरण संरक्षण महाअभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के साथ एक भावनात्मक सामाजिक संबंध स्थापित करना है।
Q5. जशपुर जिले की भौगोलिक बनावट इस वनीकरण पहल के लिए क्यों अनुकूल है?
जशपुर जिला मुख्य रूप से पहाड़ी पाट पठारों से घिरा हुआ है, जहां का तापमान कम रहता है। यह ठंडा और नमी युक्त वातावरण चाय की खेती, बागवानी और आंवला, जामुन जैसे औषधीय पौधों के संवर्धन के लिए प्राकृतिक रूप से अत्यंत अनुकूल है, जो इस पहल को और अधिक सफल बनाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
जशपुर के बगिया हेलीपैड परिसर से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया यह मोबाइल Tree ATM Jashpur Chhattisgarh पर्यावरण संरक्षण और सुशासन (Good Governance) का एक अनूठा और अनुकरणीय उदाहरण है। पैसे निकालने वाले एटीएम की अवधारणा को पौधों की सुगम और निःशुल्क होम-डिलीवरी में बदलना यह सिद्ध करता है कि हमारी प्रशासनिक मशीनरी वर्तमान पर्यावरण संकट के प्रति कितनी गंभीर और संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान से प्रेरित यह योजना केवल पौधे लगाने की रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि पौधा प्राप्तकर्ताओं को उनके वैज्ञानिक रोपण और नियमित संरक्षण की सीख देकर उनके जीवित रहने की दर (Survival Rate) को कड़ाई से सुनिश्चित करती है। जशपुर के समृद्ध पाट पठारों और आदिवासी बाहुल्य अंचलों में फलदार व औषधीय वृक्षों के संवर्धन से न केवल वनावरण बढ़ेगा बल्कि स्थानीय आदिवासियों की आजीविका सुरक्षा भी मजबूत होगी। प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की यह अद्भुत पहल अंततः छत्तीसगढ़ को देश का सबसे हरा-भरा और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाकर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के हमारे बड़े राष्ट्रीय सपनों को धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत सामाजिक, नैतिक और प्राकृतिक पूंजी साबित होगी।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)