Published on July 9, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्यमी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में संचालित Didi Ke Goth Program Chhattisgarh ने सफलतापूर्वक अपना एक वर्ष पूरा कर लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत प्रसारित होने वाले इस रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को स्वरोजगार, आजीविका और नवाचारों की प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। 9 जुलाई 2026 को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित वार्षिकोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस कार्यक्रम की भारी सफलता की सराहना की।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। साथ ही, समाज में अपनी संघर्ष और सफलता की मिसाल पेश करने वाली ‘लखपति दीदियों’ को सम्मानित भी किया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राज्य के अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए Didi Ke Goth Program Chhattisgarh महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास योजनाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत लेख में हम इस कार्यक्रम के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व, इसके 12 मुख्य एपिसोड और छत्तीसगढ़ सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों का गहराई से विश्लेषण करेंगे।
Didi Ke Goth Program Chhattisgarh: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
इस रेडियो कार्यक्रम और वार्षिकोत्सव 2026 से जुड़े प्रमुख तथ्यों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| महत्वपूर्ण आयाम | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | “दीदी के गोठ” रेडियो कार्यक्रम (Didi Ke Goth Program Chhattisgarh) |
| शुभारंभ तिथि | 31 अगस्त 2025 |
| प्रसारण समय | प्रत्येक माह का दूसरा गुरुवार (9 जुलाई 2026 को 12वां एपिसोड प्रसारित) |
| संबद्ध संस्था | छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – “बिहान” (BIHAN) |
| मुख्य भागीदार | 25 जिलों की 38 सफल स्व-सहायता समूह (SHG) की दीदियां |
| विमोचित पुस्तकें | ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका, ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक |
Didi Ke Goth Program Chhattisgarh क्या है?
छत्तीसगढ़ी बोली में ‘गोठ’ का अर्थ बातचीत या संवाद होता है। Didi Ke Goth Program Chhattisgarh वास्तव में ग्रामीण महिलाओं द्वारा अपनी ही स्थानीय बोली में अपनी सफलता, संघर्ष और उद्यमिता की कहानियों को साझा करने का एक अनूठा रेडियो मंच है।
इस कार्यक्रम का मुख्य विज़न यह है कि जब ग्रामीण परिवेश की एक साधारण महिला अपनी आजीविका गतिविधियों (जैसे जैविक खेती, पशुपालन, ड्रोन संचालन या राजमिस्त्री कार्य) के जरिए आत्मनिर्भर बनने की कहानी खुद अपनी जुबानी बताती है, तो वह कहानी राज्य की हजारों अन्य महिलाओं के लिए एक प्रत्यक्ष प्रेरणा बन जाती है। इस प्रकार, यह रेडियो शो ग्रामीण महिलाओं में ‘चेंजमेकर’ (Changemaker) की भावना पैदा कर रहा है।
Didi Ke Goth Program Chhattisgarh के 12 ऐतिहासिक एपिसोड
विगत एक वर्ष में इस रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के जीवन से जुड़े 12 अत्यंत प्रासंगिक और शिक्षाप्रद विषयों पर एपिसोड प्रसारित किए गए हैं। इन विषयों की सूची नीचे दी गई है, जो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं:
- लखपति दीदी पहल: महिलाओं को सालाना 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने के लिए प्रेरित करना।
- नियद नेल्ला नार (Niyad Nellanar): बस्तर के सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं की जानकारी।
- वनोपज संग्रहण: लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) से आजीविका सुरक्षा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): घर बनाने की प्रक्रिया में राजमिस्त्री के रूप में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी।
- सरस मेला: स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े शहरी बाजारों तक पहुँचाना।
- ड्रोन दीदी (Drone Didi): कृषि में कीटनाशकों और खादों के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण।
- कृषि सखी एवं पशु सखी: ग्रामीण स्तर पर किसानों को वैज्ञानिक खेती और पशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।
- नई चेतना 4.0: लैंगिक समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान।
- वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): बैंक सखियों के माध्यम से गांवों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार।
- फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO): महिला किसानों के समूहों द्वारा अपनी कृषि कंपनियों का संचालन करना।
- साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति महिलाओं को जागरूक करना।
- ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड की यात्रा: स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित करना।
“भारतीय संस्कृति में वेदों में कहा गया है—’यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।’ आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं ‘बिहान’ और ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मुख्य शिल्पकार हैं।”— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
बिहान (BIHAN) योजना और Didi Ke Goth Program Chhattisgarh का संबंध
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘बिहान’ (BIHAN) कहा जाता है, इस पूरे कार्यक्रम की रीढ़ की हड्डी है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM): बिहान वास्तव में केंद्र सरकार के डे-एनआरएलएम (NRLM) का छत्तीसगढ़ी रूपांतरण है। इसके तहत राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों को स्व-सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया गया है।
- आर्थिक सशक्तिकरण: बिहान के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और बैंक लिंकेज प्रदान किया जाता है। Didi Ke Goth Program Chhattisgarh बिहान समूहों के इन्हीं सफल प्रयासों को रेडियो के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार प्रदान करने का कार्य कर रहा है।
’36 कला’ ब्रांड और डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वार्षिकोत्सव में घोषणा की कि स्व-सहायता समूहों के विभिन्न उत्कृष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार ने ’36 कला’ (36 Kala) ब्रांड विकसित किया है:
- डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ाव: सरकार सभी महिला समूहों को आधुनिक ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग टूल्स से जोड़ रही है ताकि वे बिचौलियों के बिना अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचा सकें और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा दाम मिले।
- बस्तर में शांति और महिला सुरक्षा: बस्तर में शांति बहाली के बाद बैंक सखी, पशु सखी और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद की प्रेरक कहानी
दुर्ग जिले की रहने वाली विद्या निषाद ने Didi Ke Goth Program Chhattisgarh के माध्यम से अपनी कहानी साझा की। कोरोना महामारी के दौरान पति के असमय निधन के बाद वे गहरे संकट में थीं। बिहान समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण और ऋण मिला। उन्होंने फैंसी और क्लॉथ स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज वे सालाना 5 लाख रुपये से अधिक कमाकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। ऐसी हजारों कहानियां इस रेडियो शो की वास्तविक पूंजी हैं।
महतारी वंदन योजना और साय सरकार की सुशासन गारंटी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्वावलंबन के लिए ‘मोदी की गारंटी’ को तेजी से धरातल पर उतार रही है:
- महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana): इस योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं के खातों में हर महीने 1,000 रुपये सीधे अंतरित (DBT) किए जा रहे हैं। अब तक कुल 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये महिलाओं को दिए जा चुके हैं, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): छत्तीसगढ़ को स्वीकृत 18 लाख आवासों में से 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। इन घरों के निर्माण और निगरानी में बिहान समूह की महिलाओं ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी भूमिका निभाई है।
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सुशासन को मजबूत करने के लिए शुरू की गई इस केंद्रीकृत हेल्पलाइन पर नागरिक किसी भी सरकारी सेवा की शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका स्वयं मुख्यमंत्री और 8,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी नियमित मूल्यांकन करते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष अनुभाग (Exam Relevance Section)
सीजीपीएससी राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (पेपर-VI: छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य और कल्याणकारी योजनाएं) के लिए महिला सशक्तिकरण नीतियां एक अनिवार्य विषय हैं।
CGPSC Prelims Fact Box: Didi Ke Goth Program Chhattisgarh
- बिहान वाणी (Bihan Vani): छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका, जिसका विमोचन हाल ही में किया गया।
- ’36 कला’ (36 Kala) ब्रांड: छत्तीसगढ़ के स्व-सहायता समूहों (SHGs) के हस्तशिल्प और जैविक खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार प्रदान करने वाला आधिकारिक ब्रांड।
- ड्रोन दीदी पहल: कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए महिलाओं को उन्नत तकनीक से लैस करना। खैरागढ़ जिले की ड्रोन दीदियों की सफलता का उल्लेख वार्षिकोत्सव में किया गया।
CGPSC Mains Analysis (Paper VI: छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य एवं योजनाएं)
प्रश्न: “रेडियो संचार और डिजिटल ब्रांडिंग (जैसे ‘दीदी के गोठ’ और ’36 कला’) छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के आधुनिक सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं।” समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की वर्तमान दिशा और हाल ही में मनाए गए Didi Ke Goth Program Chhattisgarh के वार्षिकोत्सव का संक्षिप्त परिचय दें।
- रेडियो संचार का सामाजिक महत्व: छत्तीसगढ़ में आज भी सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रेडियो सूचना का एक प्रभावी और सुलभ माध्यम है। स्थानीय बोली में सफलता की कहानियां प्रसारित होने से निरक्षर और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं में आत्मविश्वास जागृत होता है (जैसे लखपति दीदी, ड्रोन दीदी आदि के उदाहरण)।
- आर्थिक सुदृढ़ीकरण और डिजिटल ब्रांडिंग: ‘बिहान’ (BIHAN) के स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को ’36 कला’ ब्रांड के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना बिचौलियों के शोषण को समाप्त करता है। ‘लखपति दीदी’ योजना ग्रामीण जीडीपी (GDP) और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा दे रही है।
- चुनौतियां: सुदूर बस्तर और सरगुजा संभाग में इंटरनेट और कनेक्टिविटी की कमी, वित्तीय साक्षरता की सीमाएं और महिलाओं के उत्पादों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण मानकों को बनाए रखने की चुनौतियां।
- निष्कर्ष: यह निष्कर्ष दें कि ‘दीदी के गोठ’ जैसे अभिनव संचार माध्यम और ‘महतारी वंदन’ जैसे वित्तीय सुरक्षा तंत्र का यह एकीकृत मॉडल ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और सुशासित बनाने की दिशा में एक अनुकरणीय कदम है।
संबद्ध स्टेटिक जीके (Static GK Connection)
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्टेटिक तथ्य:
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM): इसकी शुरुआत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जून 2011 में ‘आजीविका’ के रूप में की गई थी, जिसे बाद में दीनदयाल अंत्योदय योजना-एनआरएलएम नाम दिया गया।
- लखपति दीदी योजना: भारत सरकार की एक राष्ट्रीय पहल जिसका लक्ष्य देश भर के महिला स्वयं सहायता समूहों की कम से कम 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना (सालाना ₹1 लाख से अधिक की शुद्ध आय) है।
- राष्ट्रीय महिला कोष (RMK): इसकी स्थापना 1993 में एक स्वतंत्र निकाय के रूप में की गई थी, जो अनौपचारिक क्षेत्र की गरीब महिलाओं को ऋण प्रदान करने का कार्य करता है।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए Didi Ke Goth Program Chhattisgarh के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- Annual Anniversary: 9 जुलाई 2026 को रायपुर में ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का वार्षिकोत्सव मनाया गया।
- Frequency of Show: प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को प्रसारित होने वाला शो (कुल 12 एपिसोड पूरे)।
- Key Releases: ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका, और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक।
- Brand Identity: स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की राष्ट्रीय बिक्री के लिए ’36 कला’ (36 Kala) ब्रांड की घोषणा।
- Core Scheme Link: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत यह कार्यक्रम संचालित है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
अपनी तैयारी को परखने के लिए नीचे दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दें:
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ (Didi Ke Goth Program Chhattisgarh) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना
(B) सफल महिला उद्यमियों की प्रेरक कहानियां स्थानीय बोली में साझा कर स्वरोजगार को बढ़ावा देना
(C) केवल लोक संगीत और कला का प्रचार करना
(D) शहरी महिलाओं को डिजिटल साक्षरता प्रदान करना
उत्तर: (B) सफल महिला उद्यमियों की प्रेरक कहानियां स्थानीय बोली में साझा कर स्वरोजगार को बढ़ावा देना
व्याख्या: ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहान योजना से जुड़ी सफल महिलाओं की संघर्ष और स्वरोजगार की कहानियों को पूरे राज्य में प्रसारित करना है ताकि अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो सकें।
प्रश्न 2: ‘Didi Ke Goth Program Chhattisgarh’ का संचालन मुख्य रूप से किस संस्था के माध्यम से किया जा रहा है?
(A) छत्तीसगढ़ महिला आयोग
(B) छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – “बिहान”
(C) महिला एवं बाल विकास विभाग
(D) छत्तीसगढ़ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
उत्तर: (B) छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – “बिहान”
व्याख्या: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) इस रेडियो कार्यक्रम का मुख्य आयोजक और संचालक है।
प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ के महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए किस आधिकारिक ब्रांड को विकसित किया गया है?
(A) छत्तीसगढ़ हर्बल्स (CG Herbs)
(B) छत्तीसगढ़ कला ब्रांड या “36 कला”
(C) बिहान मार्ट (Bihan Mart)
(D) महतारी शिल्पी ब्रांड
उत्तर: (B) छत्तीसगढ़ कला ब्रांड या “36 कला”
व्याख्या: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के अनुसार, महिला समूहों के हस्तशिल्प और उत्पादों को ई-कॉमर्स और राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए ’36 कला’ ब्रांड को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रश्न 4: हाल ही में जुलाई 2026 में विमोचित ‘बिहान वाणी’ (Bihan Vani) क्या है?
(A) एक नया लोकगीत एल्बम
(B) बिहान आजीविका मिशन द्वारा प्रकाशित की जाने वाली त्रैमासिक पत्रिका
(C) महिलाओं के लिए एक नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
(D) ग्रामीण पेयजल संरक्षण से संबंधित एक सरकारी पुस्तक
उत्तर: (B) बिहान आजीविका मिशन द्वारा प्रकाशित की जाने वाली त्रैमासिक पत्रिका
व्याख्या: ‘बिहान वाणी’ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रकाशित की जाने वाली आधिकारिक त्रैमासिक पत्रिका है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया है।
प्रश्न 5: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को कितनी वित्तीय सहायता प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में अंतरित की जा रही है?
(A) 500 रुपये
(B) 1000 रुपये
(C) 1500 रुपये
(D) 2000 रुपये
उत्तर: (B) 1000 रुपये
व्याख्या: महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये (सालाना 12,000 रुपये) की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Didi Ke Goth Program Chhattisgarh का शुभारंभ कब हुआ था?
Didi Ke Goth Program Chhattisgarh का आधिकारिक शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को हुआ था। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को प्रसारित किया जाता है, जिसने 9 जुलाई 2026 को अपने सफल 12 एपिसोड और एक वर्ष की यात्रा पूरी की है।
Q2. ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव 2026 में किन पुस्तकों का विमोचन किया गया?
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस वार्षिकोत्सव के दौरान मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण कृतियों का विमोचन किया: 1. ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, 2. ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका, और 3. ‘मोर गांव मोर पानी’ जल संरक्षण पुस्तक।
Q3. इस रेडियो कार्यक्रम से कितने जिलों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं?
इस कार्यक्रम से वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 25 जिलों की 38 सफल स्व-सहायता समूहों की दीदियां सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं, जो विभिन्न एपिसोड के माध्यम से अपनी बोली में नवाचार और स्वरोजगार के अनुभवों को साझा करती हैं।
Q4. ’36 कला’ (36 Kala) ब्रांड किस प्रकार काम करता है?
’36 कला’ ब्रांड का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के महिला स्वयं सहायता समूहों के जैविक खाद्य पदार्थों, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक एकीकृत पहचान दिलाना है। सरकार इसे डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है ताकि ये सीधे बड़े उपभोक्ताओं तक पहुँच सकें।
Q5. ‘बिहान’ (BIHAN) योजना क्या है?
बिहान, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) का स्थानीय नाम है। यह केंद्र सरकार के राष्ट्रीय आजीविका मिशन का क्रियान्वयन करता है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण, ऋण और बाजार की सुविधाएं दी जाती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
रायपुर में आयोजित हुआ वार्षिकोत्सव यह सिद्ध करता है कि Didi Ke Goth Program Chhattisgarh केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण महिलाओं की सामूहिक आकांक्षाओं और आर्थिक क्रांति का एक जीवंत माध्यम बन चुका है। अपनी स्थानीय बोली में अपनी ही दीदी की सफलता सुनना ग्रामीण महिलाओं में छिपे हुए नेतृत्व कौशल और उद्यमशीलता को जगाने का सबसे बेहतरीन संचार जरिया है।
महतारी वंदन योजना के जरिए मिल रही वित्तीय सुरक्षा, बिहान समूहों के माध्यम से कौशल विकास और ’36 कला’ ब्रांड जैसे डिजिटल नवाचार मिलकर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिदृश्य को तेजी से बदल रहे हैं। तकनीक, परंपरा और कल्पवृक्ष रूपी सुशासन के इस संगम से राज्य की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगी, जो अंततः ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत @ 2047’ के हमारे बड़े राष्ट्रीय सपनों को धरातल पर साकार करने की मजबूत नींव साबित होगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)