रायपुर, 02 नवम्बर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को धरातल पर उतारने और देश भर में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा व गति प्रदान करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मंथन हुआ। देश की राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। NCDC 93rd Meeting New Delhi (एनसीडीसी 93वीं बैठक नई दिल्ली) में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में शिरकत की। बैठक में देश के सहकारी ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के वित्तीय सुदृढ़ीकरण पर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘NCDC 93rd Meeting New Delhi’: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई महापरिषद की 93वीं बैठक।
- छत्तीसगढ़ का सशक्त प्रतिनिधित्व: मार्कफेड अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी ने राष्ट्रीय मंच पर रखा राज्य का पक्ष।
- ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प: सहकारी संस्थाओं की वित्तीय, ढांचागत और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर सहमति।
- 5 वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति: वर्ष 1963 में स्थापित NCDC ने अमित शाह के नेतृत्व में छुए सफलता के नए शिखर।
- ग्रामीण आर्थिकी व किसानों का संबल: छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन, उर्वरक वितरण और समितियों के आधुनिकीकरण पर चर्चा।
- पारदर्शी सहकारी व्यवस्था: देशव्यापी सहकारी नेटवर्क को डिजिटल तकनीक और नई पूंजीगत योजनाओं से जोड़ने का रोडमैप।
NCDC 93rd Meeting New Delhi: ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी सशक्त
नई दिल्ली में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारी आंदोलन को देश के आर्थिक विकास की रीढ़ बताया।
NCDC 93rd Meeting New Delhi के दौरान रेखांकित किया गया कि केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से प्राथमिक सहकारी समितियों से लेकर शीर्ष संघों तक ऐतिहासिक सुधार लागू किए गए हैं। बैठक का मुख्य ध्येय देश के करोड़ों किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधे बाजार और आधुनिक वित्तीय तंत्र से जोड़ना है। इसके लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा राज्यों की सहकारी संस्थाओं को कम ब्याज दर पर ऋण, बुनियादी ढांचे के विकास हेतु वित्तीय अनुदान और भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
‘1963 में बनी संस्था ने पिछले 5 वर्षों में छुए नए मुकाम’: शशिकांत द्विवेदी
छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी ने सहकारिता क्षेत्र में आए युगांतरकारी परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- अभूतपूर्व सांगठनिक बदलाव: श्री शशिकांत द्विवेदी ने कहा कि यद्यपि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की स्थापना वर्ष 1963 में हुई थी, लेकिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में विगत पांच वर्षों के दौरान संस्था ने जो अभूतपूर्व छलांग लगाई है, वह ऐतिहासिक है।
- नवाचार और नए कीर्तिमान: उन्होंने बताया कि अब एनसीडीसी केवल एक पारंपरिक ऋणदाता संस्था नहीं रही, बल्कि वह सहकारी दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना के लिए सबसे बड़ा संबल बनकर उभरी है।
छत्तीसगढ़ के किसानों और समितियों के लिए वित्तीय व ढांचागत सहयोग
मार्कफेड अध्यक्ष ने बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही नीतियों का ब्योरा रखा:
- मार्कफेड और धान खरीदी व्यवस्था: उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की विशाल व्यवस्था सहकारी समितियों और मार्कफेड के सुदृढ़ नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है। NCDC के वित्तीय सहयोग से इस नेटवर्क को और अधिक हाईटेक और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
- ग्रामीण आर्थिकी की मजबूती: समितियों के कंप्यूटरीकरण, खाद-बीज के अग्रिम भंडारण और कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना में केंद्र और राज्य का यह समन्वय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की आय बढ़ाने में निर्णायक साबित होगा।
देशव्यापी सहकारी मॉडल: पारदर्शिता और आधुनिक प्रबंधन पर बल
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए सहकारिता मंत्रियों, शीर्ष प्रशासकों और फेडरेशनों के प्रबंध निदेशकों ने सहभागिता की। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सहकारी संस्थाओं में पेशेवर प्रबंधन (Professional Management) और आधुनिक लेखांकन प्रणालियों को लागू किया जाए ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सके और आम ग्रामीण का सहकारी बैंकों के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।
“राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 93वीं बैठक देश के सहकारी आंदोलन को नई ऊंचाई देने वाला मील का पत्थर है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में विगत पांच वर्षों में सहकारिता ने नया आत्मविश्वास पाया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम प्राथमिक समितियों और किसानों को समृद्ध बनाकर ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को पूरी निष्ठा से धरातल पर उतार रहे हैं।”— श्री शशिकांत द्विवेदी, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड)
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) 93वीं बैठक: एक नजर में
- आयोजन: NCDC महापरिषद की 93वीं बैठक (NCDC 93rd Meeting New Delhi)
- अध्यक्षता: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह
- स्थल व तिथि: नई दिल्ली, 02 नवंबर 2026
- छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि: मार्कफेड अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी
- संस्थागत पृष्ठभूमि: NCDC की स्थापना वर्ष 1963 (संसद के अधिनियम द्वारा)
- प्रमुख विषय: ‘सहकार से समृद्धि’, पैक्स (PACS) का वित्तीय सुदृढ़ीकरण, सहकारी भंडारण
- विशेष उल्लेख: विगत पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में आई क्रांतिकारी प्रगति
- भागीदारी: देश भर के सहकारी संघों के शीर्ष अध्यक्ष, सचिव एवं वरिष्ठ नीति-निर्माता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
NCDC 93rd Meeting New Delhi की अध्यक्षता किसके द्वारा की गई?
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 93वीं महापरिषद बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा नई दिल्ली में की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किसने किया?
छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी ने बैठक में आधिकारिक प्रतिनिधित्व किया।
मार्कफेड अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी ने बैठक में क्या मुख्य विचार रखे?
उन्होंने बताया कि 1963 में स्थापित NCDC ने विगत पांच वर्षों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अभूतपूर्व प्रगति की है और छत्तीसगढ़ में सहकारिता से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है।
बैठक का मुख्य उद्देश्य और विजन क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करना, सहकारी समितियों की ढांचागत व वित्तीय क्षमता को बढ़ाना तथा पूरे देश में पारदर्शी सहकारी तंत्र विकसित करना था।
आधिकारिक स्रोत: सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार / छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)