नवा रायपुर, 02 नवम्बर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के गौरवमयी अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव मेले में शासन के विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इनमें योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा लगाई गई हाईटेक स्टॉल आम नागरिकों और विद्यार्थियों के विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। CG Planning Dept Rajyotsava (छत्तीसगढ़ योजना एवं सांख्यिकी विभाग राज्योत्सव स्टॉल) के माध्यम से राज्य के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व, डेटा आधारित सुशासन और नीतियों के निर्माण की प्रक्रिया को अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। स्टॉल में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS), आकांक्षी जिला कार्यक्रम तथा सांसद व विधायक निधि की उपलब्धियों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘CG Planning Dept Rajyotsava’: नवा रायपुर राज्योत्सव मेले में योजना व सांख्यिकी विभाग की स्टॉल पर उमड़ी भीड़।
- डेटा आधारित सुशासन की झलक: जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण और GSDP की गणना प्रणाली प्रदर्शित।
- डिजिटल प्रश्नोत्तरी (Digital Quiz) का आकर्षण: सांख्यिकी और विकास योजनाओं पर आधारित क्विज में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे लोग।
- स्थानीय विकास निधि का ब्योरा: सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना एवं विधायक निधि के कार्यों की जानकारी।
- एलईडी स्क्रीन पर लघु फिल्में: योजनाओं के क्रियान्वयन और सांख्यिकी के जनजीवन में उपयोग पर रोचक वीडियो का प्रसारण।
- साक्ष्य आधारित नीति निर्माण: विश्वसनीय आंकड़ों के जरिए पारदर्शी प्रशासन और सटीक बजट नियोजन से अवगत हो रहे नागरिक।
CG Planning Dept Rajyotsava: जन्म-मृत्यु पंजीकरण से लेकर GSDP तक का जीवंत प्रदर्शन
मेला परिसर में स्थापित इस विभागीय स्टॉल में आम नागरिकों को दैनिक जीवन से जुड़े विधिक प्रमाण पत्रों और राज्य की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण सरल भाषा में समझाया जा रहा है।
CG Planning Dept Rajyotsava स्टॉल में प्रदर्शित सूचना बोर्डों के जरिए नागरिकों को बताया जा रहा है कि जन्म और मृत्यु का शत-प्रतिशत पंजीकरण क्यों अनिवार्य है और यह किस प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का आधार बनता है। इसके साथ ही, प्रतिवर्ष तैयार होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) के माध्यम से राज्य की विकास दर, कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की प्रगति तथा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के सटीक आंकलन की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया गया है, जिससे कॉलेज के छात्र और शोधार्थी विशेष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
डिजिटल प्रश्नोत्तरी (Digital Quiz) में युवाओं और विद्यार्थियों का भारी उत्साह
प्रदर्शनी को इंटरएक्टिव और संवादात्मक बनाने के लिए विभाग द्वारा किया गया नवाचार दर्शकों को खूब भा रहा है:
- अभिनव डिजिटल क्विज: स्टॉल में कंप्यूटर और डिजिटल टैबलेट के माध्यम से एक विशेष डिजिटल प्रश्नोत्तरी संचालित की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, जनगणना, सांख्यिकी और विकास योजनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
- ज्ञानवर्धन का अवसर: मेले में पहुंचने वाले स्कूली बच्चे, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और आम नागरिक इस क्विज में उत्साहपूर्वक भाग लेकर न केवल अपने ज्ञान को परख रहे हैं, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली की बारीकियों को भी समझ रहे हैं।
एलईडी स्क्रीन पर वीडियो फिल्में: आकांक्षी जिलों और सांसद-विधायक निधि का ब्योरा
स्टॉल में बड़ी एलईडी स्क्रीन्स के माध्यम से सूचनात्मक वीडियो और वृत्तचित्रों का अनवरत प्रसारण किया जा रहा है:
- आकांक्षी जिला कार्यक्रम: नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और वित्तीय समावेशन के विकास संकेतकों की डिजिटल निगरानी प्रणाली की जानकारी दी जा रही है।
- सांसद व विधायक निधि: सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) और विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLALADS) के तहत ग्रामीण और शहरी अंचलों में निर्मित सामुदायिक भवनों, सीसी रोड, पेयजल और बुनियादी अधोसंरचना के क्रियान्वयन को पारदर्शी रूप से प्रस्तुत किया गया है।
साक्ष्य आधारित नीति निर्माण: सुशासन और योजना क्रियान्वयन में सांख्यिकी की भूमिका
प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को यह समझाया जा रहा है कि राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) और फील्ड सर्वे के जरिए जुटाए गए वास्तविक आंकड़े किस प्रकार शासन की नीतियों की रीढ़ बनते हैं। यदि धरातलीय आंकड़े सटीक और शुद्ध होंगे, तभी जनकल्याणकारी योजनाओं का बजट सही जगह पहुंचेगा और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग संभव हो सकेगा। विभाग ने प्रशासनिक आंकड़ों के मानकीकरण और डिजिटल तकनीक के एकीकरण को प्राथमिकता दी है।
“आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन और राज्य के विकास का दर्पण होते हैं। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा राज्योत्सव में लगाई गई यह प्रदर्शनी आम नागरिकों को यह समझाने का सफल प्रयास है कि कैसे साक्ष्य आधारित आंकड़े पारदर्शी सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण की सबसे मजबूत नींव बनते हैं।”— योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन (प्रदर्शनी विवरणिका)
योजना एवं सांख्यिकी विभाग राज्योत्सव स्टॉल: एक नजर में
- प्रदर्शनी का नाम: योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग स्टॉल (CG Planning Dept Rajyotsava)
- संबद्ध विभाग: बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
- अवसर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2026 (26वीं वर्षगांठ)
- स्थल व तिथि: राज्योत्सव मेला ग्राउंड, नवा रायपुर अटल नगर (02 नवम्बर 2026)
- प्रमुख प्रदर्शित विषय: जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण, GSDP अनुमान, NSS सर्वेक्षण
- क्षेत्रीय विकास योजनाएं: आकांक्षी जिला कार्यक्रम, सांसद निधि एवं विधायक निधि
- विशेष जन-भागीदारी: डिजिटल प्रश्नोत्तरी (Digital Quiz) एवं एलईडी वीडियो प्रदर्शन
- मूल संदेश: साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, सांख्यिकीय शुद्धता एवं परिणामोन्मुखी सुशासन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
CG Planning Dept Rajyotsava स्टॉल में किन-किन प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है?
स्टॉल में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का अनुमान, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS), आकांक्षी जिला कार्यक्रम, सांसद निधि और विधायक निधि को प्रदर्शित किया गया है।
स्टॉल में आगंतुकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई है?
आगंतुकों और युवाओं को जोड़ने के लिए एक रोचक ‘डिजिटल प्रश्नोत्तरी’ (Digital Quiz) आयोजित की जा रही है तथा एलईडी स्क्रीन्स पर जानकारीपूर्ण वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है।
सांख्यिकीय आंकड़ों की सुशासन और सरकारी योजनाओं में क्या भूमिका होती है?
विश्वसनीय आंकड़े साक्ष्य आधारित नीति निर्माण (Evidence-Based Policy Making), बजट के सही नियोजन, संसाधनों के कुशल वितरण और योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की आधारशिला होते हैं।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर स्टॉल में क्या संदेश दिया जा रहा है?
स्टॉल में बताया जा रहा है कि जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण कराना प्रत्येक नागरिक का कानूनी और सामाजिक दायित्व है, जो विभिन्न योजनाओं के पात्रता निर्धारण में सहायक होता है।
आधिकारिक स्रोत: योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन / बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)