‘नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा’: यूथ कॉन्क्लेव में CM साय का आह्वान, ‘स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ के लिए 500 करोड़

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रायपुर, 29 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय अपने कौशल से रोजगार प्रदाता बनने का आह्वान करते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ के लिए 500 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य में अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं।

मुख्य बिंदु:

  • ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ के लिए 500 करोड़ रुपये के बजट का बड़ा ऐलान।
  • नई औद्योगिक नीति-2024 के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।
  • वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य।
  • इंदिरा गांधी कृषि विवि में नवनिर्मित ‘सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर’ का अवलोकन।

युवाओं के लिए 500 करोड़ की ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’

कॉन्क्लेव में युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के नवाचारी विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए सरकार हर कदम पर साथ खड़ी है।

500 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ के जरिए नए उद्यमियों को सीड फंडिंग, तकनीकी मार्गदर्शन और ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं, एससी-एसटी, ओबीसी और दिव्यांग वर्ग के युवाओं के स्टार्टअप्स के लिए विशेष रियायतें तय की गई हैं।

8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: एआई, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक कोयला और इस्पात उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की बाढ़ आ रही है।

सिंगल विंडो सिस्टम और तैयार औद्योगिक पार्कों के जरिए प्रक्रियाओं को इतना सरल बना दिया गया है कि उद्यमियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के तहत छत्तीसगढ़ ने अपनी जीएसडीपी को 75 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।


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सुगंधित चावल और वन संपदा की ब्रांडिंग से खुलेगी समृद्धि की राह

अपने किसान परिवार और गांव बगिया के संघर्षों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत यहां की कृषि और वन संपदा में छिपी है। बस्तर और सरगुजा के जंगलों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले महुआ, इमली, सीताफल और जड़ी-बूटियों के वैल्यू एडिशन (प्रसंस्करण) में युवा अपने स्टार्टअप खड़े कर सकते हैं।

उन्होंने जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसे राज्य के सुगंधित चावलों के निर्यात और वैश्विक ब्रांडिंग पर जोर दिया, ताकि किसानों को उपज का अधिकतम मूल्य मिल सके।

सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर: आइडिया से एंटरप्राइज तक

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित अत्याधुनिक सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर की प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। यहां बायोसेफ्टी लेवल लैब, एनिमल कल्चर, माइक्रोबियल सेल और प्लांट टिश्यू कल्चर लैब की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

यह केंद्र स्टार्टअप्स को प्लग-एंड-प्ले ऑफिस, टेस्टिंग उपकरण और मेंटरशिप देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत इन्क्यूबेशन सेंटर परिसर में मौलश्री का पौधा भी लगाया।

“आज का युवा केवल अवसरों का इंतजार करने वाला नहीं, बल्कि अपनी मेधा से नए अवसर गढ़ने वाला युवा है। असफलता से डरने के बजाय नए प्रयोग करने का साहस रखें। जब युवा आगे बढ़ेंगे और उद्यमिता को अपनाएंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प धरातल पर साकार होगा।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai interacting with youth and startup entrepreneurs at Youth Innovation Conclave in Raipur
Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai interacting with youth and startup entrepreneurs at Youth Innovation Conclave in Raipur

युवाओं, छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • बिना कोलेटरल फंडिंग की सुविधा: ₹500 करोड़ के स्टार्टअप फंड से शुरुआती स्टेज के नए उद्यमों को बिना किसी जटिल बंधक शर्त के वित्तीय मदद मिलेगी।
  • हाई-टेक लैब की मुफ्त उपलब्धता: बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर खुलने से छात्रों और शोधार्थियों को महंगे उपकरण और टेस्टिंग लैब रियायती दरों पर मिलेंगे।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन: कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित स्टार्टअप्स शुरू होने से गांवों और छोटे कस्बों में युवाओं को अपने ही गृह जिले में नौकरियां मिलेंगी।

यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव के मुख्य आयाम

  • आयोजन स्थल: कृषक मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर।
  • प्रमुख विषय: एग्रीटेक, फूड प्रोसेसिंग, एआई, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता।
  • मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर: सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर (प्लग एंड प्ले लैब)।
  • प्रमुख उपस्थिति: कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, युवा उद्यमी और छात्र।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ के लिए कितना बजट तय किया गया है?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

छत्तीसगढ़ को नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक कितने निवेश प्रस्ताव मिले हैं?

नई औद्योगिक नीति-2024 लागू होने के बाद राज्य सरकार को अब तक लगभग 8.23 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर कहां स्थित है और इसका क्या काम है?

यह सेंटर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में स्थित है, जो बायोटेक और एग्रीटेक स्टार्टअप्स को लैब, मेंटरिंग और रिसर्च सुविधाएं प्रदान करता है।

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