Women Blood Donation World Record: CM विष्णु देव साय की मौजूदगी में रचा गया इतिहास, रायपुर में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान से बना नया विश्व रिकॉर्ड

Women Blood Donation World Record Women Blood Donation World Record

रायपुर, 23 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के पावन अवसर पर मानवता और सामाजिक सरोकार का एक अद्वितीय और ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर’ में एक ही दिन में 1,000 से अधिक माताओं-बहनों ने रक्तदान कर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक और प्रेरक मानवीय पहल को आधिकारिक रूप से Women Blood Donation World Record के रूप में ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ (Golden Book of World Records) में दर्ज किया गया है।

रक्तदान महाकुंभ में मातृशक्ति का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। शिविर के लिए 3,600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु अग्रिम पंजीयन कराया था, जिसके लिए इंडोर स्टेडियम में एक साथ 200 बेड की विशाल व्यवस्था की गई थी। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों ने मंच पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस ऐतिहासिक विश्व कीर्तिमान का आधिकारिक प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाता महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्त की प्रत्येक बूंद किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देकर उसके परिवार के लिए आशा की नई किरण बनती है।

कार्यक्रम के दौरान मानव सेवा के सर्वोच्च उदाहरण के रूप में संचालित ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ (Project Dadhichi) के अंतर्गत 31 नागरिकों ने मरणोपरांत देहदान का पुनीत संकल्प लिया, जिसमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल रहे। इसके साथ ही प्रोजेक्ट दधीचि के तहत देहदान का संकल्प लेने वालों की कुल संख्या बढ़कर 103 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि रायपुर में एनआईटी (NIT) के सामने 100 बिस्तरों वाला नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है तथा प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं।

रक्तदान महाकुंभ एवं आयुर्वेद सम्मेलन: मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
ऐतिहासिक उपलब्धिWomen Blood Donation World Record (एक दिन में 1000+ महिलाओं का रक्तदान)
विश्व रिकॉर्ड प्रमाणनगोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records)
आयोजन स्थल एवं तिथिसरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर (23 सितंबर 2026)
महिला पंजीयन एवं बेड व्यवस्था3,600 से अधिक महिलाओं का पंजीयन | 200 बेड की व्यवस्था
महाकुंभ का कुल लक्ष्यलगभग 2,500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य
प्रोजेक्ट दधीचि (देहदान)31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प (पद्मश्री विधायक अनुज शर्मा शामिल) | कुल: 103
आयुष इंफ्रास्ट्रक्चर घोषणाNIT रायपुर के सामने 100 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल | 4 नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल
बाल सहायता केंद्रबुक कलेक्शन, टॉय (खिलौना) कलेक्शन एवं स्टेशनरी कलेक्शन केंद्र

1000 से अधिक महिलाओं का रक्तदान: बना नया विश्व कीर्तिमान

Women Blood Donation World Record ने समाज में रक्तदान को लेकर बनी कई पारंपरिक भ्रांतियों को तोड़ दिया है:

  • मातृशक्ति का नेतृत्व: रक्तदान महाकुंभ में 3,600 से अधिक महिलाओं ने स्वेच्छा से पंजीयन कराया और 1,000 से अधिक महिलाओं ने सफलतापूर्वक रक्तदान कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया।
  • कुल 2500 यूनिट का लक्ष्य: पूरे आयोजन में महिला एवं पुरुष रक्तदाताओं को मिलाकर लगभग 2,500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा के संस्कारों की अभिव्यक्ति है।

प्रोजेक्ट दधीचि: 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, विधायक अनुज शर्मा भी सहभागी

समारोह में मरणोपरांत चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए शरीर दान करने की महत्ता को रेखांकित किया गया:

  • पद्मश्री अनुज शर्मा का संकल्प: धरसींवा विधायक एवं विख्यात कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा सहित 31 प्रबुद्ध नागरिकों ने देहदान का संकल्प लिया।
  • कुल संख्या 103 पहुँची: इस पुनीत अभियान ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के अंतर्गत अब तक कुल 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प पत्र भरा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की पराकाष्ठा है, जो भावी डॉक्टरों के अध्ययन और अंगदान के माध्यम से मरीजों के जीवन की रक्षा करता है।

आयुर्वेद हमारी प्राचीन धरोहर: मुख्यमंत्री का संबोधन

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा:

  • प्राचीन ज्ञान परंपरा: भगवान धन्वंतरि, महर्षि चरक और सुश्रुत ने हजारों वर्ष पूर्व जिस समृद्ध चिकित्सा विज्ञान की नींव रखी, वह आज भी समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) का वैश्विक मार्ग प्रशस्त कर रही है।
  • आयुष का विस्तार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय द्वारा आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान मिली है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर और वेलनेस केंद्रों के जरिए बीमारियों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
  • बच्चों के लिए खिलौना व पुस्तक बैंक: कार्यक्रम स्थल पर जरूरतमंद बच्चों के लिए ‘बुक कलेक्शन’, ‘टॉय कलेक्शन’ और ‘स्टेशनरी कलेक्शन’ के केंद्र बनाए गए थे, जिनका मुख्यमंत्री ने अवलोकन कर सराहना की।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल: प्रदेश में मजबूत हो रहा आयुष इंफ्रास्ट्रक्चर

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी:

  • नया 100 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल: रायपुर में एनआईटी (NIT) के सामने 100 बिस्तरों वाला नया आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है।
  • बिलासपुर एवं अन्य विस्तार: बिलासपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है तथा प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं।
  • सुपर स्पेशलिटी सेवाएं: जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

समारोह में उपस्थित विशिष्ट जनप्रतिनिधि एवं नेतृत्व

इस विराट सेवा समागम में राज्य के प्रमुख नीति-निर्माता और सेना के जवान उपस्थित रहे:

  • उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा
  • रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल
  • विधायकगण: श्री सुनील सोनी, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा, श्री प्रबोध मिंज
  • विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सेना एवं अर्धसैनिक बलों के अधिकारी व जवान तथा हजारों की संख्या में नागरिक।

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CGPSC Static Facts: राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, प्रोजेक्ट दधीचि एवं रक्तदान मानक (100% प्रामाणिक तथ्य)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-2 स्वास्थ्य व सामाजिक न्याय तथा CGPSC Paper-6 लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:

  • राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (National Ayurveda Day):
    • शुरुआत: केंद्रीय आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) द्वारा वर्ष 2016 से प्रतिवर्ष धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) के अवसर पर मनाया जाता है। (भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है)।
  • प्रोजेक्ट दधीचि (Project Dadhichi Chhattisgarh):
    • उद्देश्य: चिकित्सा महाविद्यालयों में एनाटॉमी (शारीरिक संरचना) के व्यावहारिक अध्ययन हेतु शवों की कमी को दूर करने तथा अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplantation) के लिए मरणोपरांत देहदान और अंगदान को बढ़ावा देने का राज्य स्तरीय सामाजिक अभियान। (नामकरण: पौराणिक महर्षि दधीचि के अस्थिदान की स्मृति में)।
  • रक्तदान संबंधी राष्ट्रीय विनियामक मानक (NBTC Rules):
    • मार्गदर्शन: राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद (National Blood Transfusion Council – NBTC) एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट।
    • पात्रता: आयु 18 से 65 वर्ष, वजन न्यूनतम 45 किग्रा, हीमोग्लोबिन स्तर न्यूनतम 12.5 g/dL।
    • अंतराल: पुरुषों के लिए 3 माह और महिलाओं के लिए न्यूनतम 4 माह का अंतराल आवश्यक है। एक बार में केवल 350 ml से 450 ml रक्त लिया जाता है।
  • आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH):
    • गठन: 9 नवंबर 2014 (पूर्व में स्वास्थ्य मंत्रालय का विभाग था)। संक्षिप्त नाम: आयुर्वेद (Ayurveda), योग व प्राकृतिक चिकित्सा (Yoga & Naturopathy), यूनानी (Unani), सिद्ध (Siddha), और होम्योपैथी (Homeopathy)।

विश्लेषण: लैंगिक रूढ़िवादिता का टूटना और एकीकृत चिकित्सा प्रणाली (Integrative Healthcare)

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Gender Roles in Philanthropy, Public Health & Integrative Medicine)

1. रक्तदान में लैंगिक पूर्वाग्रहों (Gender Stereotypes) का विखंडन: भारत में पारंपरिक रूप से यह भ्रांति रही है कि महिलाएं एनीमिया और शारीरिक कमजोरी के कारण रक्तदान नहीं कर सकतीं। Women Blood Donation World Record के तहत 1,000 से अधिक महिलाओं द्वारा एक ही दिन में रक्तदान करना इस रूढ़िवादी सोच पर सीधा प्रहार है। 3,600 महिलाओं का आगे आना यह सिद्ध करता है कि उचित पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता के साथ महिलाएं न केवल अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं, बल्कि समाज में ‘जीवन रक्षक’ (Lifesavers) की अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं।

2. एलोपैथी और आयुष का रणनीतिक अभिसरण (Integrative Healthcare): स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जगदलपुर-बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी एलोपैथी सुविधाओं के साथ-साथ एनआईटी रायपुर के सामने 100 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल और 4 नेचुरोपैथी केंद्रों का ऐलान भारत की ‘इंटीग्रेटिव मेडिसिन’ नीति को दर्शाता है। आधुनिक जीवनशैली जनित रोगों (Non-Communicable Diseases – NCDs जैसे डायबिटीज, बीपी, गठिया) के स्थायी समाधान के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के साथ आयुर्वेद के पंचकर्म और योग का समन्वय स्वास्थ्य प्रणाली पर वित्तीय बोझ को कम करने का सबसे संतुलित मार्ग है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Women Blood Donation World Record के तहत रायपुर में क्या ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई?

सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में एक ही दिन में 1,000 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान करने की ऐतिहासिक पहल को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया।

Q2. ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के तहत कितने लोगों ने देहदान का संकल्प लिया और इसमें कौन-से विशिष्ट जनप्रतिनिधि शामिल हैं?

शिविर में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिसमें पद्मश्री एवं विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रोजेक्ट दधीचि के तहत कुल देहदान संकल्पों की संख्या 103 पहुँच गई है।

Q3. स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार रायपुर में नया आयुर्वेदिक अस्पताल कहाँ और कितने बिस्तरों का तैयार हो रहा है?

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार, रायपुर में एनआईटी (NIT) के सामने 100 बिस्तरों वाला नया आधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, 23 सितम्बर 2026.

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